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गुरु पूर्णिमा पर गायत्री शक्तिपीठ में हुआ कार्यक्रम

Updated at : 09 Jul 2025 4:50 PM (IST)
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गुरु पूर्णिमा पर गायत्री शक्तिपीठ में हुआ कार्यक्रम

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गायत्री शक्ति पीठ में नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ कार्यक्रम का आयोजन हुआ

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गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक सशक्त माध्यम है. 9कोडपी53 आयोजन में शामिल लोग. ——————– दीपयज्ञ, मंत्रजप, दीक्षा संस्कार से गूंजा मंदिर परिसर —————— प्रतिनिधि झुमरीतिलैया. गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गायत्री शक्ति पीठ में नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ कार्यक्रम का आयोजन हुआ. इस उपलक्ष्य में मंदिर को रंग-बिरंगी झालरों, पुष्पों और दीपों से अद्भुत रूप से सजाया गया. कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 5 बजे सवा लाख गायत्री मंत्रों के अखंड जाप से हुई, जो संध्या 5 बजे तक चला. इसके उपरांत दीपयज्ञ एवं युग संदेश परिव्राजक नकुल देव प्रसाद द्वारा संपन्न हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया. गुरुवार को प्रातः 7 बजे से नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ होगा, जिसके अंतर्गत विविध संस्कार, विशेष रूप से गुरु दीक्षा संस्कार संपन्न कराया जायेगा. इस दौरान नकुल देव प्रसाद ने अपने संदेश में कहा कि गुरु पूर्णिमा अनुशासन और श्रद्धा का पर्व है, जो गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक सशक्त माध्यम है. सनातन धर्म में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है. गुरु ही वह प्रकाश हैं, जो अज्ञान रूपी अंधकार से निकालकर ज्ञान की ओर ले जाते हैं. उन्होंने बताया कि गुरु अपने तप, पुण्य और ज्ञान का अंश अपने शिष्य को प्रदान करते हैं, जिससे साधारण व्यक्ति भी असाधारण बन जाता है. उदाहरण स्वरूप रामकृष्ण परमहंस की कृपा से नरेंद्र, स्वामी विवेकानंद बनकर भारतीय संस्कृति का ध्वज पूरे विश्व में फहराते हैं. बृजनंदन गुरु की कृपा से शंकर, दयानंद सरस्वती बनते हैं. समर्थ रामदास जैसे गुरु की छाया में शिवाजी, छत्रपति शिवाजी बनते हैं. उन्होंने आगे कहा कि इस युग में तपस्वी पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने गायत्री परिवार की स्थापना कर साधारण जन को दिव्यता की ओर अग्रसर किया. गायत्री मंत्र की दीक्षा के माध्यम से समाज निर्माण की क्रांतिकारी योजना चलाई गई, जिसमें साधना, स्वावलंबन, नारी जागरण, नशा मुक्ति, पर्यावरण रक्षा जैसे आंदोलन प्रमुख रहे. गायत्री शक्तिपीठ झुमरी तिलैया भी इसी उद्देश्य के अंतर्गत हजारों वृक्षारोपण और रचनात्मक गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है. सद्गुरुदेव श्रीराम शर्मा आचार्य का मानना था कि व्यक्ति के विचारों का परिवर्तन ही परिवार, समाज और राष्ट्र का उत्थान कर सकता है. इसी उद्देश्य से अखंड ज्योति, युग निर्माण योजना एवं प्रज्ञा अभियान जैसी पत्रिकाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास निरंतर जारी है. कार्यक्रम में गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य ट्रस्टी ईश्वर साव, नीलम शहबादी, विष्णु साहू, बाबूलाल पंडित समेत सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIKASH NATH

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