कोडरमा. प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोमचांच में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आशीष राज की अध्यक्षता में जिला भीबीडी कार्यालय के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में रूरल हेल्थ प्रैक्टिशनर को वैक्टर जनित रोगों से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण जिला भीबीडी सलाहकार कृष्ण कान्त मणि, एफएलए शंभू कुमार ,आईडीएसपी अविनाश आनंद समूह द्वारा दिया गया. इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में अनौपचारिक स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं व रूरल हेल्थ प्रैक्टिशनर को वैक्टर जनित रोगों (जैसे मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू आदि) की सही पहचान और प्राथमिक उपचार के लिए प्रशिक्षित करना है. ताकि वैक्टर जनित रोगों को जड़ से खत्म किया जा सके. ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर लोग सरकारी अस्पताल जाने के बजाय पास के ग्रामीण स्वास्थ्य प्रदाता के पास जाते हैं, जिसमें मच्छरों से होने वाले बीमारियों व बुखार के मामलों में मलेरिया या डेंगू के लक्षणों को त्वरित पहचान, साथ ही गलत दवाओं या स्टेरॉयड के उपयोग को कम करना व समय रहते गंभीर मरीजों को तुरंत बड़े अस्पताल भेजने एवं डाटा संकलन करने आदि की समझ विकसित करना. साथ ही आगामी 10 फरवरी से 25 फरवरी तक आयोजित होने वाले हैं एमडीए-आईडीए प्रोग्राम से भी अवगत कराया गया. डॉ आशीष राज ने बताया की आरएचपी को सरकार द्वारा पूर्ण डॉक्टर का दर्जा नहीं दिया जाता, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य मित्र या सहयोगी के रूप में तैयार किया जाता है. वहीं डॉ अजय कुमार रवि ने बताया कि आरएचपी स्वास्थ्य प्रणाली की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, यदि वे बुखार के हर मरीज की सही जांच सुनिश्चित करते हैं, तो हम जिले को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ सकते हैं. मौके पर बीपीएम विक्रम सोनू ,एमटीएस (प्रभार) प्रदीप कुमार, पिरामल फांउडेशन गौरव कुमार, बीडीएम शोएब खान, आयुष्मान मित्र शाहनवाज अंसारी, राजकुमार, अर्जुन राणा आदि कर्मी मौजूद थे.
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