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कोडरमा से लापता 10 बिरहोर बच्चे गया जी से बरामद, चाइल्ड लाइन को 2 फरवरी को ही मिले थे बच्चे

Updated at : 07 Feb 2026 11:30 PM (IST)
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फाइल फोटो: लापता बिरहोर बच्चों के परिजन

फाइल फोटो: लापता बिरहोर बच्चों के परिजन

Koderma: जयनगर के बिरहोर टोला गडियाई से 31 जनवरी को लापता 10 बिरहोर बच्चे बिहार के गया जी से सकुशल बरामद हो गए हैं. चाइल्ड लाइन को बच्चे 2 फरवरी को ही मिले थे, लेकिन भाषाई दिक्कतों की वजह से वे घर का पता नहीं बता पा रहे थे.

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Koderma: जयनगर थाना क्षेत्र के बिरहोर टोला गडियाई से एक सप्ताह से लापता दस बिरहोर बच्चे बिहार के गया जी से बरामद हो गये हैं. गया जी में बच्चों के सकुशल होने की जानकारी मिलने पर कोडरमा के पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है. दरअसल, गया जी के दो थाना क्षेत्र से ये बच्चे गत दो फरवरी को ही मिले थे. उस समय स्थानीय पुलिस ने इन्हें बरामद कर चाइल्ड लाइन को सौंपा था. तब से ये बच्चे बाल कल्याण समिति गया जी के आदेश पर अलग-अलग जगहों पर रखे गये थे. तीन बच्चे गया के परैया थाना क्षेत्र के सोलरा गांव से बरामद हुए थे, जबकि सात बच्चे मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बुढी पैमार से बरामद किये गये थे.

पुलिस ने ली राहत की सांस

गया जी में दो फरवरी को बरामद होने के बाद बच्चे भाषा की समस्या की वजह से अपना नाम, पता व अन्य जानकारी नहीं दे पा रहे थे. ऐसे में बच्चों की घर वापसी नहीं हो पायी थी. इस बीच शनिवार को कोडरमा के 10 बिरहोर बच्चों के लापता होने से संबंधित मीडिया में प्रकाशित खबर को देख गया जी के चाइल्ड लाइन के जिला को-आर्डिनेटर अमित पाठक ने जयनगर पुलिस को सूचित किया. सूचना पर शनिवार दोपहर बाद कोडरमा पुलिस के पदाधिकारी गया जी पहुंचे और संबंधित बच्चों के बारे में जानकारी ली. सभी बच्चों को उनके परिजनों को सौंपने की तैयारी चल रही है.

31 जनवरी से लापता थे बच्चे

जानकारी के अनुसार, गडियाई बिरहोर टोला के लोग अपने बच्चों के साथ 31 जनवरी को भोज खाने परसाबाद गये थे. जहां से सात वर्षीया निशा कुमारी, पांच वर्षीय रमेश बिरहोर, नौ वर्षीया सजनी कुमारी, सात वर्षीया अनिषा कुमारी, छह वर्षीय सत्यम कुमार, नौ वर्षीय मिथुन बिरहोर, छह वर्षीया रेखा बिरहोर, आठ वर्षीय बिरजू बिरहोर, शिवानी बिरहोर व कल्पना बिरहोर एक सप्ताह से लापता थे. 10 बच्चों के लापता होने की जानकारी शुक्रवार को सामने आने पर कोडरमा के एसपी अनुदीप सिंह के निर्देश पर प्रशिक्षु डीएसपी दिवाकर कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन कर खोजबीन शुरू की गयी थी.

टीम में तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार, जयनगर थाना प्रभारी उमानाथ सिंह, चंदवारा थाना प्रभारी शशिभूषण प्रसाद शामिल थे. गठित टीम बच्चों की सघन खोजबीन कर रही थी. इससे पहले बिरहोर बच्चों के लापता होने की सूचना के बाद प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया था. डीसी, एसपी सभी सक्रिय हो गये थे. खोजबीन शुरू हुई थी, हालांकि, गया जी पुलिस व चाइल्ड हेल्प लाइन गया जी की सूचना पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली.

ग्रामीणों को भटकते हुए मिले थे बच्चे

चाइल्ड हेल्प लाइन गया जी के जिला कोआर्डिनेटर अमित पाठक ने बताया कि सबसे पहले ग्रामीणों ने भटकते सात बच्चों को देखकर पुलिस के हवाले किया था. इसके बाद चाइल्ड हेल्प लाइन को सौंपा गया था. वहीं तीन बच्चों को लेकर सूचना 1098 पर आई थी. सभी दस बच्चों को गया जी सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया था. सीडब्ल्यूसी के आदेश पर पांच बच्चों को स्थानीय शॉ में तो तीन लड़कियों को नवादा में आवासित कराया गया है, जबकि दो बच्चों को औरंगाबाद बाल सुधार गृह में रखा गया है.

पुलिस ने की थी एक लाख ईनाम की घोषणा

इधर, बच्चों के लापता होने की सूचना के बाद हरकत में आई कोडरमा पुलिस ने इनके बारे में सूचना देने वाले को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी. इसको लेकर सोशल मीडिया पर अनुरोध भी जारी किया गया था. वहीं दूसरी ओर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सह कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी ने भी बच्चों के लापता होने की घटना पर पुलिस प्रशासन को सकुशल बरामदगी के लिए प्रयास करने के निर्देश दिये थे. अन्नपूर्णा ने राज्य सरकार पर निशाना भी साधा था. हालांकि, बच्चों की बरामदगी होने पर उन्होंने इसे सुखद खबर बताया.

बीडीओ-सीओ ने ली जानकारी

इससे पहले बच्चों के लापता होने की सूचना आम होने पर बीडीओ गौतम कुमार व सीओ सारांश जैन बिरहोर टोला गडियाई पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली. जहां बिरहोरो ने बताया था कि बच्चे एक कार्यक्रम में भोज खाने परसाबाद गये थे और वहीं से लापता हैं. बीडीओ श्री कुमार ने उन्हें आश्वासन दिया था कि लापता बच्चों को शीघ्र व सकुशल बरामद कर लिया जायेगा और बच्चे बरामद कर लिये गये. इस पूरे मामले में मुखिया राजेंद्र प्रसाद यादव भी अपनी सक्रियता दिखाई.

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AmleshNandan Sinha

लेखक के बारे में

By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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