करोड़ों की राशि खर्च करने के बाद भी ट्रैक पर आ रहे हैं मवेशी

Author Anuj singh
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करोड़ों की राशि खर्च करने के बाद भी ट्रैक पर आ रहे हैं मवेशी

भारतीय रेलवे ने दिल्ली-हावड़ा ग्रैंड कोड सेक्शन पर 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों को चलाने के लिए करोड़ों की राशि खर्च की है.

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झुमरीतिलैया. भारतीय रेलवे ने दिल्ली-हावड़ा ग्रैंड कोड सेक्शन पर 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों को चलाने के लिए करोड़ों की राशि खर्च की है, लेकिन मवेशियों का रेलवे ट्रैक पर आना अब भी जारी है. इससे रोजाना कई ट्रेनों को रोकना पड़ता है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है. रेलवे प्रशासन ने पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तरप्रदेश में लगभग 1450 किमी लंबी दीवार लगायी थी, ताकि मवेशी ट्रैक पर नहीं आ सके, लेकिन जागरूकता के बावजूद मवेशियों और ग्रामीणों का आना जारी है. लापरवाही का सबसे अधिक असर कोडरमा से होकर गुजरनेवाली ट्रेनों पर पड़ रहा है. दुरंतो एक्सप्रेस, वंदेभारत, राजधानी एक्सप्रेस समेत पैसेंजर ट्रेनों के पहिये थम जाते हैं. इस दौरान मवेशी ट्रैक के पास आते हैं और ट्रेन की चपेट में आ जाते हैं. सुपरफास्ट को रोकना पड़ा: सोमवार को गझंडी के पास रेलवे ट्रैक पर एक गाय की चपेट में आ गयी. इस कारण 12371 बीकानेर साप्ताहिक सुपरफास्ट ट्रेन को रोकना पड़ा. रेलवेकर्मी चाबीमैन मुकुल कुमार की सतर्कता से देरी नहीं हुई और गाड़ी को समय पर नियंत्रित किया गया. एक ग्रामीण के सहयोग से गाय को ट्रैक से हटाया गया. रविवार को भी लाराबाद क्षेत्र में 15-20 मवेशियों ने रेलवे ट्रैक पार किया, जिससे कुछ देर के लिए ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ.

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