कोडरमा : चर्चित सुभद्रा देवी हत्याकांड मामले में प्रो राजेश्वर मिश्रा को आजीवन कारावास

Updated at : 14 Jun 2016 4:48 PM (IST)
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कोडरमा : चर्चित सुभद्रा देवी हत्याकांड मामले में प्रो राजेश्वर मिश्रा को आजीवन कारावास

।। प्रतिनिधि ।। कोडरमा बाजार : प्रथम जिला जज रामाशंकर सिंह की अदालत ने मंगलवार को हत्या के एक मामले (सत्रवाद संख्या 32/2012) में जेजे कालेज के सेवानिवृत्त प्रोफेसर आर मिश्रा (राजेश्वर मिश्रा) को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. प्रोफेसर पर अदालत ने जुर्माना भी लगाया है. मामला वर्ष 2011 के चर्चित […]

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।। प्रतिनिधि ।।

कोडरमा बाजार : प्रथम जिला जज रामाशंकर सिंह की अदालत ने मंगलवार को हत्या के एक मामले (सत्रवाद संख्या 32/2012) में जेजे कालेज के सेवानिवृत्त प्रोफेसर आर मिश्रा (राजेश्वर मिश्रा) को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. प्रोफेसर पर अदालत ने जुर्माना भी लगाया है. मामला वर्ष 2011 के चर्चित हत्याकांड से जुड़ा है. महिला सुभद्रा देवी का शव प्रोफेसर के घर में मिला था. इस मामले में प्रो. के विरुद्व केस दर्ज हुआ था. इस हाई प्रोफाइल मामले में मंगलवार को फैसला होने के कारण जिला जज प्रथम की अदालत में काफी भीड़ जमा थी. अदालत ने पिछले एक जून को ही प्रोफेसर को दोषी करार दिया था, जबकि सजा मुकर्रर करने के लिए 14 जून की तिथि निर्धारित की गई थी.

अदालत के द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाये जाने के बाद प्रो. मिश्रा को कोडरमा मंडल कारा भेज दिया गया. उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011 में मिश्रा के विशुनपुर रोड, झुमरीतिलैया स्थित मकान में सुभद्रा देवी का शव प्लास्टिक के बोरे में बंद मिला था. बाद में इस मामले को लेकर तिलैया थाना में प्रो. मिश्रा के विरुद्ध हत्या और साक्ष्य छुपाने का मामला भादवि की धारा 302, 201 के तहत दर्ज किया गया था. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कई साक्ष्यों का परीक्षणन्यायालयमें करवाया गया. अभियोजन पक्ष से एपीपी आरएस अस्थाना और बचाव पक्ष से अधिवक्ता वासिफ बख्तावर खान ने दलीलें रखी थी.
न्यायधीश ने मामले की गंभीरता और अभिलेख पर उपस्थित साक्ष्यों के आधार पर प्रो. मिश्रा को उपरोक्त दोनों मामलों में दोषी पाया. प्रो. मिश्रा पर लगे धारा 302 में आजीवन कारावास और 25 हज़ार आर्थिक जुर्माना तथा धारा 201 में 5 साल की सजा और 5 हज़ार आर्थिक जुर्माना साथ ही क्षतिपूर्ति के लिए अलग से 50 हज़ार देने की सजा सुनाई गई. उक्त राशि मृतक के आश्रितों को भुगतान करने का निर्देश अदालत ने दिया है. यहां यह भी गौरतलब हो की प्रो. मिश्रा स्थानीय जेजे कालेज में प्रो. के पद पर कार्यरत थे और घटना के बाद से कोडरमा मंडल कारा में बंद थे. जेल में बंद रहने के दौरान ही वे सेवानिवृत्त हुए थे.
फांसीहोतीतो और अधिक खुशी मिलती
प्रो. मिश्रा को महिला सुभद्रा देवी के हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाये जाने पर मृतक महिला की मां लक्ष्मी देवी और उसका पुत्र खुश है. लक्ष्मी देवी ने कहा कि वे न्यायलय के फैसले का सम्मान करती हैं. जज साहेब को प्रणाम करती हैं, मगर प्रो. मिश्रा को फांसी की सजा सुनाई जाती तो और अधिक ख़ुशी मिलती. महिला ने रोते हुए कहा कि अब तो उसकी बेटी वापस नहीं आएगी, पर इस फैसले से उसकी आत्मा को जरूर शांति मिली होगी. वहीं अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एपीपी आरएस अस्थाना ने कहा की यह न्याय की जीत है.
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