सोच में बदलाव की जरूरत

Published at :17 Dec 2013 4:15 AM (IST)
विज्ञापन
सोच में बदलाव की जरूरत

दामिनी बलिदान दिवस में शामिल हुए सैकड़ों छात्र-छात्राएं दामिनी को दी गयी श्रद्धांजलि कोडरमा : देश की राजधानी दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को हुई शर्मनाक घटना के विरोध में व महिला उत्पीड़न के खिलाफ सोमवार को सैकड़ों विद्यार्थी व लोग सीएच स्कूल के मैदान में जमा हुए. यहां स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के […]

विज्ञापन

दामिनी बलिदान दिवस में शामिल हुए सैकड़ों छात्र-छात्राएं

दामिनी को दी गयी श्रद्धांजलि

कोडरमा : देश की राजधानी दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को हुई शर्मनाक घटना के विरोध में व महिला उत्पीड़न के खिलाफ सोमवार को सैकड़ों विद्यार्थी व लोग सीएच स्कूल के मैदान में जमा हुए. यहां स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के बैनर तले दामिनी बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया.

सभा में लोगों ने दामिनी के साथ हुई घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए कहा कि जब तक समाज की सोच नहीं बदलेगी ऐसी घटनाएं नहीं रुकेंगी. डोमचांच प्रमुख शालिनी गुप्ता ने कहा कि दामिनी के साथ हुई घटना हो या कोई और हर बार के विरोध के बाद कानून सख्त हुआ, पर कथनी व करनी में अंतर है.

यही कारण है कि इस तरह की आपराधिक वारदातों पर रोक नहीं लग रही है. उन्होंने कहा कि सोच में बदलाव लाने के लिए देश में एक और नारी आंदोलन की जरूरत है. दामिनी को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम फूल चढ़ाने की बजाय लड़ाई लड़ेंगे.

पुरुषों की मानसिकता में बदलाव जरूरी (किरण) राज्य महिला आयोग की सदस्य किरण कुमारी ने कहा कि पांच लोगों ने 16 दिसंबर को जिस घटना को अंजाम दिया, वह नारी के प्रति सबसे घिनौना कृत्य था.

उन्होंने कहा कि नारी का शोषण सिर्फ अशिक्षित ही नहीं, बल्कि पढ़े लिखे लोग भी कर रहे हैं. दामिनी के साथ हुई घटना ने भारत को झकझोरा और इसी का परिणाम था कि कठोर कानून बना. इसके बाद आसाराम, नारायण साईं व तरुण तेजपाल जैसे लोग सलाखों की पीछे गये.

उन्होंने कहा कि आज जरूरत है पुरुषों को मानसिकता में बदलाव लाने की. कानून तो कठोर हुआ है, पर कहीं भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने इस तरह की घटनाओं का अनुसंधान कर्ता महिला पुलिस को बनाने की वकालत की. उन्होंने कहा कि समाज के साथ ही पुलिस को भी अपने रवैये में सुधार लाना होगा, ताकि महिलाएं सुरक्षित रह सकें.

इन स्कूलों के बच्चे हुए शामिल: श्रद्धांजलि सभा से पहले विभिन्न स्कूलों के बच्चे रैली की शक्ल में सीएच स्कूल मैदान पहुंचे.

सभा में जेजे कालेज, सेक्रेड हार्ट, गलैक्सी गल्र्स स्कूल, एपेक्स एकेडमी, सीडी गल्र्स हाई स्कूल, सीडी बालिका मध्य विद्यालय, डीएवी स्कूल, सीएच प्लस टू उच्च विद्यालय की छात्र-छात्राएं शामिल हुईं. वहीं कार्यक्रम की शुरुआत में डीएवी के विद्यार्थियों ने महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव का मंचन कर सभी का दिल जीत लिया. अतिथियों ने दामिनी विशेष पत्रिका के कवर पेज का भी विमोचन किया.

ये थे मौजूद : कार्यक्रम को सीएच प्लस टू उच्च विद्यालय के प्राचार्य कार्तिक तिवारी, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जगदीश सलूजा, एसएफआई के महेश भारती, जिला सचिव रवि पासवान, रामप्रवेश पांडेय, रामरत्न अवध्या के अलावा सुमन, विद्यार्थियों में सलमा याश्मीन, प्रियंका कुमारी, स्वाति कुमारी, प्रदीप शर्मा आदि ने संबोधित किया. मौके पर प्रो अशोक अभिषेक, मुकेश कुमार, रवि रंजन, मुकेश कुमार, आजसू नेता श्रीकांत यादव, प्रकाश आंबेडकर, पार्षद विनोद दिवाना, प्रदीप सुमन, विनोद विश्वकर्मा, सुषमा सुमन आदि मौजूद थे. संचालन विनित ने किया.

एसवीसीपीएस में भी दी गयी श्रद्धांजलि : चाराडीह स्थित स्वामी विवेकानंद सेंट्रल पब्लिक स्कूल में भी दामिनी को श्रद्धांजलि देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया. बच्चों ने दामिनी को श्रद्धांजलि दी. मौके पर निदेशक अनिल कुमार व अन्य शिक्षक मौजूद थे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola