जान दे देंगे, पर बच्चे को नही देंगे

Updated at : 22 Jan 2016 5:57 AM (IST)
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जान दे देंगे, पर बच्चे को नही देंगे

कोडरमा बाजार : गुरुवार को एसडीपीओ चंदेश्वर प्रसाद के कार्यालय में दंपती एक बच्चा लिए पहुंचे. उन्होंने ने बाल संरक्षण समिति पर जबरदस्ती बच्चा छीनने का आरोप लगाया. सतगांवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम सीता कुमारी व उसके पति दिलीप कुमार ने एसडीपीओ कार्यालय में आकर अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि वे नि:संतान हैं. […]

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कोडरमा बाजार : गुरुवार को एसडीपीओ चंदेश्वर प्रसाद के कार्यालय में दंपती एक बच्चा लिए पहुंचे. उन्होंने ने बाल संरक्षण समिति पर जबरदस्ती बच्चा छीनने का आरोप लगाया. सतगांवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम सीता कुमारी व उसके पति दिलीप कुमार ने एसडीपीओ कार्यालय में आकर अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि वे नि:संतान हैं. बीते पांच सितंबर को सामुदायिक केंद्र में लगभग डेढ़ माह की एक बच्ची लावारिश हालात में मिली. थाना को सूचित किया गया.
काफी खोजबीन के बाद जब उसके माता-पिता नहीं मिले, तो पूरी कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए सीडब्लूसी के माध्यम से उक्त बच्ची को गोद लिया. पूरे जतन से उसका लालन-पालन कर रही थी. लगभग पांच माह बाद अचानक गुरुवार को पुनः सीडब्लूसी द्वारा बच्ची लेकर कार्यालय बुलाया गया. यहां आने के बाद नियम का हवाला देते हुए उक्त बच्ची को लौटाने के लिए मजबूर कर रहे हैं. दंपती ने बताया कि सीडब्लूसी के पदाधिकारियों द्वारा अब कहा जा रहा है की उक्त बच्ची खूंटी स्थित अनाथालय को सुपुर्द किया जायेगा. अनाथालय से ही इच्छुक दंपती बच्चा ले सकता है. इसके लिये उन्हें 55 हजार शुल्क भी जमाकरना पड़ेगा.
ईश्वर के आशीर्वाद से उन्हें मिली है बेटी
दंपती ने कहा कि वे नि:संतान हैं. ईश्वर के आशीर्वाद से उन्हें बेटी मिली. बड़े नाज से उसका लालन-पालन कर रहे हैं. यदि सीडब्लूसी को बच्ची नहीं देना था, तो पहले दिए ही क्यों. अब इतने दिन पालने के बाद वापस मांग रहे हैं. यह कहां का न्याय है. दोनों ने कहा कि वे अपना जान दे देंगे, पर बच्ची को नहीं देंगे.
कानूनी प्रक्रिया से बच्चा दिया गया है
सतगावां थाना प्रभारी संतोष कुमार ने कहा कि उक्त दंपती को सीडब्लूसी के माध्यम से पूरी कानूनी प्रक्रिया अपनाकर दिया गया है. अब दोबारा वापस कैसे मांग रहे हैं यह समझ से परे है. उन्होंने कहा कि अनाथ बच्ची को जब ममता का छांव मिल गयी, तो दोबारा उसे अनाथालय नहीं भेजना चाहिये.
लिखित शिकायत नहीं मिली है
एसडीपीओ चंदेश्वर प्रसाद ने कहा कि इस मामले की शिकायत दोनों तरफ से आयी थी, पर लिखित नहीं. उन्होंने कहा कि फिलहाल दंपती को बच्ची के साथ भेज दिया गया है. यदि लिखित शिकायत आती है, तो आगे की करवाई की जायेगी.
ऑनलाइन आवेदन कर अनाथालय से बच्चा लेने का है नियम
सीडब्लूसी की अध्यक्ष ममता सिंह ने नियम का हवाला देती हुए कहा कि इच्छुक दंपती ऑनलाइन आवेदन देकर अनाथालय से बच्चा ले सकते है. इसलिए उक्त बच्ची को अनाथालय भेजने के लिए दंपती को बुलाया गया था.
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