कोडरमा : .....और भू-माफियाओं ने बेच दी स्कूल की जमीन

Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 23 Feb 2020 6:55 AM

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उच्चविद्यालय व गांधी स्कूल की भूमि पर बन गये घर, हो गयी प्लॉटिंग कोडरमा में भू-माफिया कितने ताकतवर हो गये हैं, इसका उदाहरण है कि उच्च विद्यालय कोडरमा व झुमरीतिलैया स्थित गांधी उच्च विद्यालय की जमीन भी इन लोगों ने प्लाॅटिंग कर बेच दी. इन स्कूलों को वर्षों पूर्व दान में मिली जमीन पर अब […]

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उच्चविद्यालय व गांधी स्कूल की भूमि पर बन गये घर, हो गयी प्लॉटिंग
कोडरमा में भू-माफिया कितने ताकतवर हो गये हैं, इसका उदाहरण है कि उच्च विद्यालय कोडरमा व झुमरीतिलैया स्थित गांधी उच्च विद्यालय की जमीन भी इन लोगों ने प्लाॅटिंग कर बेच दी. इन स्कूलों को वर्षों पूर्व दान में मिली जमीन पर अब दर्जनों मकान बन चुके हैं. कहीं प्लॉटिंग कर जमीन बेची जा रही है. अंचल कार्यालय कोडरमा इसे लेकर पुख्ता जानकारी नहीं होने की बात कर रहा है, तो दूसरी तरफ शिक्षा विभाग के अधिकारियों की आंखें अब खुली है.
विकास
कोडरमा : जिले में गैर-मजरूआ भूमि की अवैध तरीके से हो रही खरीद-बिक्री के बीच अब स्कूलों को दान में मिली जमीन को भी भू-माफिया बेच रहे हैं. ताजा मामला जिला मुख्यालय स्थित उच्च विद्यालय कोडरमा व गांधी उच्च विद्यालय की जमीन का है. वर्षों पूर्व दानदाताओं ने शिक्षा जैसे पुनीत कार्य के लिए जमीन दान की थी. उसे प्लाॅटिंग कर बेचा जा रहा है. उच्च विद्यालय, कोडरमा की बागीटांड़ स्थित सात एकड़ जमीन के कुछ हिस्सों में कब्जा करने की जानकारी सामने आयी है.
इस जमीन के कुछ हिस्सों में बकायदा सड़क निर्माण कर जमीन की प्लॉटिंग करने व एक-दो जगहों पर मकान बना लेने की भी सूचना है. इसी तरह गांधी उच्च विद्यालय झुमरीतिलैया को दान में दी गयी 4.32 एकड़ जमीन के कुछ हिस्से को भी प्लॉटिंग कर बेचने की शिकायत सामने आयी है. शिकायत के अनुसार, इस जमीन के कुछ हिस्से में पक्के मकान भी बना लिये गये हैं.
उच्च विद्यालय कोडरमा की जमीन का हाल : उच्च विद्यालय कोडरमा को वर्षों पूर्व करीब सात एकड़ जमीन हस्तांतरित की गयी थी. उक्त जमीन के कुछ हिस्से में बाद में कल्याण विभाग का छात्रावास बना, तो कुछ में सरकारी भवन निर्माण का कार्य हुआ. बताया जाता है कि इसके बाद वर्ष 2016 में जिला प्रशासन ने इस सरकारी भवन के निचले हिस्से में कल्याण गुरुकुल नामक संस्था को स्किल इंडिया के तहत मोटर ड्राइविंग इंस्टीट्यूट चलाने को लेकर एमओयू किया. लीज एग्रीमेंट के तहत 12 वर्ष के लिए संस्था को करीब दो एकड़ जमीन मोटर ड्राइविंग ट्रैक बनाने के लिए भी दी गयी, जबकि इससे पहले भवन के ऊपरी हिस्से में एनसीसी 45 बटालियन को हैंडओवर किया गया.
इस जमीन के अलावा जो हिस्सा छूटा, उस पर भूमाफियाओं की नजर पड़ गयी. यहीं से शुरू हो गया अवैध कब्जे व बिक्री का खेल. कुछ लोग बताते हैं कि इस जमीन के आगे के हिस्से में भी अनधिकृत रूप से एक-दो अस्थायी दुकानें खोल दी गयी हैं, जबकि पीछे हिस्से में बकायदा पेवर ब्लॉक की सड़क बना कर जमीन की प्लॉटिंग कर दी गयी है. जमीन पर अवैध कब्जे के चल रहे खेल को लेकर जिला प्रशासन व संबंधित अंचल को समय-समय पर पत्र लिखा गया है, पर इसे रोकने की पहल नहीं हुई.
गांधी उच्च विद्यालय तिलैया की जमीन का हाल : झुमरीतिलैया के चित्रगुप्त नगर निवासी राजेंद्र प्रसाद व विश्वनाथ प्रसाद पिता बख्शी बालेश्वर प्रसाद ने 17 सितंबर 1965 को दो अलग-अलग खाता और चार प्लॉट में कुल चार एकड़ जमीन राज्यपाल बिहार स्टेट, वास्ते गांधी उच्च विद्यालय के नाम से रजिस्ट्री की थी. वर्तमान में कागज पर जमीन तो स्कूल के नाम से है, पर जमीन कहीं खाली नहीं दिख रही है.
दोनों भाइयों ने 17 सितंबर 1965 को गुमो मौजा के अधीन खाता नंबर 220/729, प्लॉट नंबर 6213/6546 रकबा एक एकड़, दूसरा प्लॉट 6213/6547 रकबा एक एकड़, मौजा यदुटांड़ के अधीन हाल खाता 01/135, प्लॉट 97/627, रकबा एक एकड़, दूसरा प्लॉट 97/628, रकबा एक एकड़ जमीन डीड नंबर 1899 से स्कूल के तत्कालीन संचालक मंत्री जसराज सिंह की देखरेख में राज्यपाल बिहार स्टेट के नाम से रजिस्ट्री की थी. एक तीसरा लेख्यकारी सोनमतिया (पति स्व. शंकर सिंह) है, जिन्होंने गुमो मौजा अंतर्गत खाता नंबर 220/ 532, प्लॉट 5857/6439, रकबा 32 डिसमिल भी राज्यपाल के नाम से रजिस्ट्री की थी. इस जमीन पर फिलहाल गांधी उच्च विद्यालय का कब्जा है, लेकिन चार एकड़ की जमीन कहां है, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है. चर्चा है कि चार एकड़ जमीन के हिस्से को पार्ट-पार्ट कर भू-माफियाओं ने बेच दिया. खरीदने वालों में कुछ ने बाउंड्री कर रखी है, तो कुछ ने पेड़-पौधे लगा रखे हैं. वहीं कुछ जमीन पर घर भी बन चुके हैं.
एकीकृत परीक्षा केंद्र बनाने को लेकर 20 करोड़ स्वीकृत, जमीन खोज रहा विभाग
स्कूलों को दान में मिली जमीन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच शिक्षा विभाग कोडरमा को एकीकृत परीक्षा केंद्र के निर्माण को लेकर 20 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है. उक्त राशि से कोडरमा के किसी भी जगह पर सभी सुविधाओं से युक्त परीक्षा केंद्र का निर्माण किया जाना है. इसको लेकर विभाग ने कवायद शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार, विभाग परीक्षा केंद्र के निर्माण को लेकर करीब दो एकड़ जमीन की तलाश कर रहा है. करोड़ों की लागत से बननेवाले परीक्षा केंद्र में एक साथ करीब पांच हजार बच्चे परीक्षा दे सकेंगे. डीइओ शिवनारायण शाह ने बताया कि बागीटांड़ स्थित उच्च विद्यालय कोडरमा की जमीन को पूरी तरह चिह्नित करने के बाद इसी जगह पर परीक्षा केंद्र बनाने का प्रस्ताव राज्य को भेजा जायेगा.
उच्च विद्यालय कोडरमा की बागीटांड़ स्थित सात एकड़ जमीन के कुछ हिस्से में कब्जा किये जाने की जानकारी मिली है. साथ ही गांधी उच्च विद्यालय की जमीन को लेकर भी सूचना मिली है. दोनों जमीन की जांच करवायी जायेगी. जिन लोगों ने भी सरकारी जमीन पर कब्जा किया होगा, उन पर कार्रवाई होगी.
– शिवनारायण शाह, डीएसई
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