शहीद के परिजनों का सांकेतिक अनशन जारी

Published at :07 Aug 2014 8:00 PM (IST)
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शहीद के परिजनों का सांकेतिक अनशन जारी

आज होगी सर्वदलीय बैठक -शहीद की पत्नी ने बुलायी बैठक, आगे की रणनीति पर किया जायेगा विचार -सभी राजनीतिक दलों व पंचायत प्रतिनिधियों से शामिल होने की अपील की फोटो – 7 कोडपी 14अनशन पर बैठे शहीद के परिजन व अन्यप्रतिनिधि, कोडरमा बाजार पिछले साल उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर क्रैश में शहीद हुए सतगावां के संतोष […]

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आज होगी सर्वदलीय बैठक -शहीद की पत्नी ने बुलायी बैठक, आगे की रणनीति पर किया जायेगा विचार -सभी राजनीतिक दलों व पंचायत प्रतिनिधियों से शामिल होने की अपील की फोटो – 7 कोडपी 14अनशन पर बैठे शहीद के परिजन व अन्यप्रतिनिधि, कोडरमा बाजार पिछले साल उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर क्रैश में शहीद हुए सतगावां के संतोष पासवान के परिजनों का सांकेतिक अनशन गुरुवार को भी जारी रहा. नौकरी व मुआवजे की मांग को लेकर परिजन पिछले एक सप्ताह से धरना व अनशन पर बैठे हंै. गुरुवार को शहीद की बहन रिंकू देवी, चाचा सरयू पासवान, मामा विनय पासवान, रिश्तेदार राम स्वरूप पासवान व धनजंय यादव अनशन पर बैठे. कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी धरना स्थल पर पहुंच कर अपना नैतिक समर्थन दिया. दूसरी ओर शहीद संतोष पासवान की पत्नी पूनम कुमारी ने आठ अगस्त को एक सर्वदलीय बैठक बुलायी है. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, पंचायत प्रतिनिधियों, व्यवसायियों व छात्र संगठनों से इसमें शामिल होने की अपील की है. उन्होंने कहा कि सम्मान और मुआवजे को लेकर कोई ठोस पहल अब तक नहीं होने के कारण अनशन स्थल पर सर्वदलीय बैठक बुलायी गयी है. गुरुवार को धरनास्थल पर जिप अध्यक्ष महेश राय, झाविमो नेता सुनील यादव, जयनगर पूर्वी की जिप सदस्य रेखा देवी, महावीर यादव आदि पहुंचे व शहीद के परिजनों को नौकरी व मुआवजा देने की मांग की. अब तक 43 लाख रुपये शहीद के परिजनों को मिलेइधर, कई दिनों से चल रहे धरना व अनशन के बीच एक पत्र सामने आया है. केंद्रीय सरकार कार्यालय सहायक कल्याण अधिकारी महानिदेशालय भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस की ओर से शहीद के पिता देव नारायण पासवान को जारी पत्र में कहा गया है कि आपकी मांगों के अनुरूप चल रही कार्रवाई इस प्रकार है. हालांकि ये पत्र 13 सितंबर 2013 को जारी किया गया है. इसमें शहीद के परिजनों द्वारा बीस लाख मुआवजा मांगे जाने के जवाब में उन्होंने लिखा है कि जोखिम बीमा निधि के तहत तीन लाख रुपये, एलआइसी के ग्रुप इंश्योरेंस के तहत पांच लाख व न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के गु्रप इंश्योरेंस के तहत 10 लाख रुपये शहीद के उत्तराधिकारी को निर्गत किया जा चुका है. इसके अलावा गुजरात सरकार की ओर से पांच लाख, मध्य प्रदेश सरकार की ओर से 10 लाख, उत्तराखंड सरकार की ओर से 10 लाख कुल मिला कर 43 लाख रुपये उत्तराधिकारी को दिये जा चुके हैं. वहीं एक्सग्रेसिया के 15 लाख व पीएमएस एकाउंट के तीन लाख रुपये के भुगतान की कार्रवाई चल रही है. जारी पत्र में शहीद के परिजनों को सम्मान व विभिन्न मांगों पर विभाग ने इसे अपने कार्य क्षेत्र से बाहर बताते हुए इस पर झारखंड सरकार से कार्रवाई अपेक्षित बतायी है. नौकरी के मुद्दे पर पत्र में कहा गया है कि शहीद के उत्तराधिकारी को अनुकंपा के आधार पर बल में भरती के लिए फॉर्म प्रेषित किया गया है. उक्त फॉर्म भर कर अविलंब भेजा जाये. शहीद के परिजनों की अन्य मांगों में स्टेडियम का नाम शहीद के नाम पर रखने, भाखरा मोड़ पर स्मारक बनाने, जिला मुख्यालय में शहीद की प्रतिमा लगाने, गांव में तोरण द्वार व जिला मुख्यालय में आवास की मांग शामिल है. इस पर राज्य सरकार को निर्णय लेना है. पत्र की प्रतिलिपि विधायक अन्नपूर्णा देवी, जिप उपाध्यक्ष डॉ नीरा यादव,भाखरा व शिवपुर की मुखिया कंचन कुमारी को भी भेजा गयी है. हालांकि यह भी बताया जाता है कि शहीद के परिजन झारखंड सरकार से मुआवजे की मांग व नौकरी की मांग को लेकर अड़े हैं, जबकि झारखंड सरकार के नियम के अनुसार शहीद के परिजनों को अधिक से अधिक दो लाख रुपये ही दिये जा सकते हैं. इसके अलावा नौकरी केवल शहीद के उत्तराधिकारी को ही दिया जा सकता है.

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