झारखंड : गैस टैंकर पलटा, दो दिन तक जाम रही कोडरमा घाटी, 22 किमी तक वाहनों की कतार

Updated at : 10 Feb 2018 4:57 AM (IST)
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झारखंड : गैस टैंकर पलटा, दो दिन तक जाम रही कोडरमा घाटी, 22 किमी तक वाहनों की कतार

कोडरमा बाजार : गैस टैंकर पलटने के कारण कोडरमा घाटी में 32 घंटे से जाम लगा है. इस कारण पटना-रांची (एनएच31) पथ पर करीब 22 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है. गाड़ियों की कतार घाटी से होते हुए तिलैया के असनाबाद तक पहुंच गयी है. चालकों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा […]

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कोडरमा बाजार : गैस टैंकर पलटने के कारण कोडरमा घाटी में 32 घंटे से जाम लगा है. इस कारण पटना-रांची (एनएच31) पथ पर करीब 22 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है. गाड़ियों की कतार घाटी से होते हुए तिलैया के असनाबाद तक पहुंच गयी है. चालकों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

वहीं, दूसरी ओर हल्दिया से शुक्रवार को आयी टीम गैस रिसाव को रोकने का प्रयास कर रही है. अधिकारियों की मानें तो शुक्रवार की रात तक जाम हटने की उम्मीद है.समाचार लिखे जाने तक राहत कार्य जारी है.

गैस रिसाव के कारण वाहनों का परिचालन रोका गया : कोडरमा घाटी के नवा माइल में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे गैस टैंकर पलट गया. इसके बाद उसमें से गैस रिसाव होने लगी. पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दिया. एसपी शिवानी तिवारी, एसडीओ प्रभात कुमार बरदियार, एसडीपीओ अनिल शंकर व अन्य पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे.

उन्होंने गैस रिसाववाले इलाके को प्रतिबंधित कर दिया. रात में ही पटना और हजारीबाग से विशेषज्ञों की टीम को बुलवाया गया. टीम के सदस्य गैस रिसाव को नियंत्रित नहीं कर पाये. फिर शुक्रवार को भारत गैस कंपनी की ओर से हल्दिया से टीम भेजी गयी. उक्त टीम गैस रिसाव को रोकने का प्रयास कर रही है. उम्मीद है कि देर रात तक सफलता मिल जायेगी.

घनी आबादी होती, तो हो सकता था हादसा : अधिकारियों की मानें तो घटनास्थल के आसपास कोई गांव या बस्ती नहीं है. घनी आबादी होने पर गैस रिसाव से खतरा उत्पन्न हो सकता था. ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण कोई बड़ा हादसा हो सकता था. घाटी होने के कारण कई किलोमीटर तक कोई गांव नहीं है.

सड़कों पर बना बसेरा, पगडंडी बना सहारा : एक ओर सड़क जाम में फंसे लोग पिछले 32 घंटे से परेशान है, तो दूसरी ओर ट्रक चालकों का बसेरा सड़क किनारे बन गया है. ट्रक चालक सड़क किनारे डेरा डाले हुए हैं. भोजन सड़क पर ही बना कर खा रहे हैं. दूसरी ओर शुक्रवार को कोडरमा से पैदल ही कुछ लोग दिबौर चले गये. दिबौर निवासी दिनेश प्रसाद ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ गुरुवार को ही कोडरमा आये थे. लौटने के क्रम में जाम में फंस गये. आशा थी कि देर रात तक जाम हट जाएगा, मगर ऐसा हुआ नहीं, इसलिए मजबूरी में पैदल ही घर जा रहे हैं. कुछ इसी तरह की स्थिति अन्य लोगों के समक्ष दिखी. हालांकि, कार व अन्य छोटे वाहन डोमचांच-सतगांवा होते हुए नवादा की ओर निकल रहे हैं.

ठोस पदार्थ में तब्दील हुई गैस हटाने में हो रही है परेशानी

घटनास्थल से लौटे एसडीओ प्रभात कुमार बरदियार व एसडीपीओ अनिल शंकर ने बताया िक टैंकर से गैस रिसाव को बंद कर दिया गया है, मगर अभी भी उक्त टैंकर में करीब तीन टन गैस है, जो अब ठोस पदार्थ में तब्दील हो चुका है.

रेस्क्यू टीम को ठोस पदार्थ में तब्दील गैस को हटाने में काफी परेशानी हो रही है. जंगल में पानी की कमी है. फायर बिग्रेड को 16 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है. पानी के सहारे ठोस हुए गैस को पिघलाकर बाहर निकाला जा रहा है. इसमें काफी दिक्कत हो रही है.

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