मॉनसून की बेरुखी से किसान परेशान

Updated at : 24 Jul 2017 1:36 PM (IST)
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मॉनसून की बेरुखी से किसान परेशान

आधा सावन पार, अब तक आंशिक रोपनी भी नहीं हुई है जयनगर : इस वर्ष मानसून के बेहतर आगमन को देखते हुए किसानों की उम्मीद बढ़ी थी, मगर अब उनकी उम्मीदें टूटने लगी है. अब तो वे निराश होने लगे हैं. पहले तो उन्हें कम बारिश से भदई फसलों की नुकसान झेलनी पड़ी और अब […]

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आधा सावन पार, अब तक आंशिक रोपनी भी नहीं हुई है
जयनगर : इस वर्ष मानसून के बेहतर आगमन को देखते हुए किसानों की उम्मीद बढ़ी थी, मगर अब उनकी उम्मीदें टूटने लगी है. अब तो वे निराश होने लगे हैं. पहले तो उन्हें कम बारिश से भदई फसलों की नुकसान झेलनी पड़ी और अब धान की खेती पर भी ग्रहण लगता नजर आ रहा है. कम बारिश में जैसे-तैसे धान का बिचड़ा लगाये, जो अब रोपनी के लिए तैयार है. पानी के अभाव में रोपनी के लिए खेत तैयार नहीं है.
धान के साथ मक्का का भी हाल बुरा है.
आधा सावन पार हो गया, पर अभी तक छिटपुट रोपनी शुरू हुई है. कहीं-कहीं रोपनी की शुरुआत पंपसेट से पानी पटा कर हुई है. स्थिति यह है कि किसानों ने अधिक उपज हो इसके लिए हाई ब्रिड धान की बीज लगायी थी, जो 25 दिनों में तैयार होता है. बिचड़े तैयार है, पर रोपनी नहीं हो पा रही है. जानकारों की माने तो यदि हाई ब्रिड बीज के पौधों को देर से लगाये गये, तो कम उपज होगी. इधर, रोज आसमान में बादल उमड़ रहे है, शहर में कमोवेश बारिश हो रही है. पर ग्रामीण क्षेत्रों में धूप खिला है. किसानों ने मक्का व मडुआ का फसल लगाये हैं, पर मक्का के पौधों में ग्रोथ नजर नहीं आ रहा है. फिलहाल मक्का के पौधे अंगुली बराबर ही है. कुल मिला कर मडुआ की स्थिति ठीक दिख रही है.
खेती के संबंध में पूछे जाने पर किसानों की प्रतिक्रिया में निराशा झलकती है. खेड़ोबर के किसान शिव कुमार यादव ने कहा कि हम ग्रामीणों की अधिकांश जमीन बांझेडीह प्लांट में चल गयी. शेष जमीन पर हमलोग खेती करते थे, मगर इस वर्ष अभी तक खेती शुरू नहीं हुई है, जबकि अब तक आधी रोपनी हो जानी चाहिए. कंद्रपडीह के किसान राजू साव ने कहा कि धान की खेती से सालभर चावल खाते थे, मगर इस बार लगता है कि समय पर रोपनी नहीं हुई , तो इस बार चावल खरीद कर खाना पड़ेगा. रेभनाडीह के किसान राधेश्याम यादव ने कहा कि शुरुआत में स्थिति ठीक थी, पर अब मौसम ने सारा खेल खराब कर दिया है.
कई ऐसे किसान है कि जिनकी जीविका खेती पर निर्भर हैं. ऐसे लोगों की परेशानी और बढ़ेगी. चरकी पहरी के युवा किसान बुलाकी यादव ने कहा कि बारिश की रंगत देख कर लगा था कि इस वर्ष बेहतर खेती होगी. पर बारिश ने तो किसानों की उम्मीदों पर ही पानी फेर दिया है. डुमरडीहा की किसान मुन्ना यादव ने कहा कि रोपनी के लिए रोज बारिश का इंतजार कर रहे है. पर वर्षा रानी हम ग्रामीणों से रूठ सी गयी है. यदि अभी बारिश नहीं हुई तो धान रोपनी मुश्किल हो जायेगी. सिंगारडीह के किसान अर्जुन यादव ने कहा कि धान की बिचड़े को देख कर खुशी होती है पर रोपनी नहीं होते देख मायूसी छा जाती है.
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