सिङबोंगा की स्तुति से हमारी आत्मा में भक्ति और श्रद्धा बढ़ती है

रनिया के बनई में रविवार को सरना धर्म सोतोः समिति का तीसरा शाखा स्थापना दिवस सह सरना धर्म प्रार्थना सभा आयोजित किया गया.
खूंटी. रनिया के बनई में रविवार को सरना धर्म सोतोः समिति का तीसरा शाखा स्थापना दिवस सह सरना धर्म प्रार्थना सभा आयोजित किया गया. इस अवसर पर बाजु मुडा, रतिया मुंडा और जिरगा मुंडा की अगुवाई में सरना स्थल में भगवान सिङबोंगा की पूजा-पाठ की गयी. वहीं विभिन्न मंडलियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम और सरना भजन प्रस्तुत किया. इस अवसर पर धर्मगुरु बगरय ओड़ेया ने कहा कि सिङबोंगा की स्तुति से हमारी आत्मा में भक्ति और श्रद्धा बढ़ती है. समाज में प्रेम व भाईचारा की भावना पनपती है. भगवान के सामने सब बराबर हैं, जिससे सबको समान कृपा मिलती है. हमें इसके लिए सदा धर्म के रास्ते पर चलना चाहिए. धर्मगुरु भैयाराम ओड़ेया ने कहा कि सरना प्रकृति पर आधारित विश्व का प्राचीनतम धर्म है. इसमें आज भी सच्चाई, अच्छाई, ईमानदारी व निष्ठा है, परंतु धार्मिक प्रतिस्पर्द्धा में धीरे-धीरे अपनी मूल अस्तित्व व अस्मिता लुप्त होती जा रही है. कार्यक्रम में डॉ सीताराम मुंडा, मथुरा कंडीर, विश्राम टुटी, बिरसा तोपनो, जीतु पहान, गोपाल मुंडा, रोहित तानी, सुमित गुड़िया, दुलारी बारला, सुशीला कंडुलना, मंगरा मुंडा, गोपाल बोदरा, मानसिंह बारजो, किशुनराय मुडा आदि ने विचार व्यक्त किये. समारोह में रनिया, तोरपा, तपकरा, मुरहू, गुमला तथा आस-पास के गांवों के सरना धर्मावलंबी शामिल हुए.
सरना धर्म प्रार्थना सभा का आयोजन, धर्मगुरु ने कहाB
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