आम के पेड़ में लदे मंजर से किसानों के खिले चेहरे

Updated at : 22 Feb 2025 5:06 PM (IST)
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आम के पेड़ में लदे मंजर से किसानों के खिले चेहरे

तोरपा में आम के पेड़ों पर मंजर देखकर किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. जिस तरह इस बार पेड़ों में मंजर लगे हैं, उसे देख किसानों को आम के बेहतर पैदावार की आशा दिख रही है.

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अच्छी पैदावार की उम्मीद : प्रखंड में 650 मिट्रिक टन आम के उत्पादन का अनुमान

आम का बेहतर उत्पादन के लिए जाना जाता है तोरपा प्रखंड

प्रतिनिधि, तोरपा

तोरपा में आम के पेड़ों पर मंजर देखकर किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. जिस तरह इस बार पेड़ों में मंजर लगे हैं, उसे देख किसानों को आम के बेहतर पैदावार की आशा दिख रही है. उन्हें उम्मीद है इस वर्ष आम की अच्छी पैदावार होगी. प्रदान संस्था के रवि रंजन और राजू बताते हैं कि सबकुछ ठीक रहा और मौसम ने साथ दिया तो इस वर्ष प्रखंड में 650 मिट्रिक टन से ज्यादा आम का उत्पादन होने की संभावना है. आम की टहनियों पर लदे मंजर भी इस बात का एहसास करा रहे हैं कि इस बार आम के अच्छे उत्पादन की संभावना है. तोरपा प्रखंड आम के उत्पादन में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है. पारंपरिक ढंग से आम का उत्पादन तो होता है. साथ ही हजारों एकड़ में व्यवस्थित ढंग से आम की बागवानी की गयी है, जहां कई प्रकार के आम का उत्पादन होता है. आम्रपाली, मालदा, दशहरी, मलिका के अलावा बीजू आम का उत्पादन काफी मात्रा में होता है. किसान कहते हैं कि गुरुवार को हुई ओलावृष्टि में तोरपा सहित कई जगहों पर आम के मंजर को नुकसान पहुंचा है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की संभावना है.

कई जिलों के व्यापारी आते हैं तोरपा :

तोरपा में उत्पादित आम की बिक्री खूंटी सहित कई जिलों में होती है. खूंटी के अलावा रांची, बोकारो, जमशेदपुर, हजारीबाग आदि जगहों के व्यापारी आकर आम की खरीद करते हैं. झारखंड के पड़ोसी राज्य ओडिशा से भी व्यापारी आकर आम की खरीद करते हैं.

1850 एकड़ में लगा है आम का बगान :

बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत तोरपा प्रखंड के लगभग चार हजार किसान आम की खेती करते हैं. इस योजना के तहत 1850 एकड़ से ज्यादा भूमि पर आम की बागवानी की गयी है. किसानों का कहना है कि बार-बार ओलावृष्टि, तेज हवा होने से उत्पादन प्रभावित हो सकता है. इस बार मंजर देखकर लगता है कि पिछले साल की तुलना में इस साल आम का अधिक उत्पादन होगा. किसानों का कहना है कि आम फलों का राजा है. आम सभी लोगों का पसंदीदा फल भी होता है. जिसकी मांग ग्रामीण क्षेत्र से शहर तक एक जैसी होती है.

आय वृद्धि का अतिरिक्त साधन है आम : बीडीओ

बीडीओ नवीन चंद्र झा कहते हैं कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत की गयी आम बागवानी किसानों के लिए लाभदायक साबित हो रहा है. यह किसानों की आय वृद्धि में सहायक साबित हो रहा है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्होंने देखा है कि आम बागवानी से कई किसानों की जिंदगी बदली है. यह किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रहा है.

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