धनबाद में फिलहाल नहीं मिलेगा कोई नया कनेक्शन, गैस एजेंसियों ने लागू किया अघोषित प्रोटोकॉल

धनबाद में एलपीजी सिलेंडर के लिए लग रहीं लबी कतारें. एआई जेनरेटेड प्रतीकात्मक फोटो
LPG Cylinder Crisis: धनबाद में गैस एजेंसियों ने अघोषित प्रोटोकॉल लागू कर फिलहाल नए रसोई गैस कनेक्शन जारी करना बंद कर दिया है. होम डिलीवरी में देरी और बढ़ती मांग के कारण उपभोक्ताओं को एजेंसी जाकर सिलिंडर लेना पड़ रहा है. कनेक्शन ट्रांसफर और अतिरिक्त सिलिंडर पर भी अस्थायी रोक लगा दी गई है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
LPG Cylinder Crisis: झारखंड की कोयलानगरी धनबाद में फिलहाल रसोई गैस उपभोक्ताओं को कोई नया कनेक्शन नहीं मिलेगा. जिले की गैस एजेंसियों ने अघोषित प्रोटोकॉल लागू कर दिया है. धनबाद में जिन उपभोक्ताओं ने पहले से गैस बुकिंग की है, उन्हें ओटीपी मिलने के बाद भी समय पर होम डिलीवरी नहीं मिल पा रही है. इस वजह से कई उपभोक्ताओं को खुद एजेंसियों के दफ्तर पहुंचकर सिलिंडर लेना पड़ रहा है. नतीजतन शहर की कई गैस एजेंसियों के बाहर ग्राहकों की लंबी कतार लग रही है.
नये गैस कनेक्शन की प्रक्रिया अस्थायी रूप से बंद
धनबाद के एजेंसी संचालकों का कहना है कि पहले से रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना उनकी पहली प्राथमिकता है. इसलिए नए कनेक्शन जारी करने का काम अस्थायी रूप से बंद रखा गया है. इसके साथ किसी भी ग्राहक के सिलिंडर को डबल करने पर भी रोक लगा दी गई है.
कनेक्शन ट्रांसफर भी फिलहाल बंद
गैस एजेंसियों ने कनेक्शन ट्रांसफर की प्रक्रिया पर भी अस्थायी रोक लगा दी है. आमतौर पर शहर बदलने या पता बदलने की स्थिति में उपभोक्ता गैस कनेक्शन ट्रांसफर करवाते हैं, लेकिन वर्तमान आपूर्ति संकट को देखते हुए यह सुविधा भी सीमित कर दी गई है. लेकिन पेट्रोलियम कंपनियों ने इस पर भी रोक लगा दी है.
अतिरिक्त सिलिंडर पर भी लगाई गई है रोक
घरेलू गैस उपभोक्ताओं को साल में 12 सिलिंडर तक सब्सिडी या निर्धारित कोटे के तहत उपलब्ध कराए जाते हैं. लेकिन वर्तमान स्थिति में 12 सिलिंडर के कोटा के बाद अतिरिक्त सिलिंडर की मांग पर आपूर्ति में देर हो रही है. एजेंसियों का कहना है कि मांग में अप्रत्याशित वृद्धि हो गई है. सीमित स्टॉक को देखते हुए अतिरिक्त सिलिंडर पर रोक लगा दी गई है.
बैकलॉग से होम डिलीवरी प्रभावित
गैस एजेंसियों के अनुसार, बुकिंग की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि आपूर्ति कम हो रही है. इससे बैकलॉग की स्थिति बन गई है. इसके चलते उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलिंडर की होम डिलीवरी नहीं मिल पा रही है. कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि उन्हें बुकिंग के बाद ओटीपी तो मिल गया, लेकिन डिलीवरी में काफी देरी हो रही है. ऐसे में उन्हें एजेंसी के दफ्तर जाकर सिलिंडर लेना पड़ रहा है.
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स्थिति पर नजर बनाये हुईं हैं एजेंसियां
गैस एजेंसियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होने के बाद आपूर्ति व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी. फिलहाल एजेंसियां उपलब्ध स्टॉक के आधार पर गैस सिलिंडर का वितरण कर रही हैं और उपभोक्ताओं से धैर्य बनाए रखने की अपील की जा रही है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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