खूंटी में शुरू नहीं हो सका रक्षा विवि का निर्माण कार्य, मुआवजे की हो रही मांग
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 Jan 2019 6:43 AM (IST)
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बकाये की मांग को लेकर ग्रामीण निर्माणाधीन स्थल पर पहुंचे वार्ता के लिए एसडीओ पहुंचे ग्रामीणों के पास, शीघ्र निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद खूंटी : जिले की सबसे महत्वकांक्षी योजना नॉलेज सिटी के तहत रक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना की शुरुआत में ही मुआवजा भुगतान को लेकर अड़चन आ गयी है. रेवा और इदरी […]
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बकाये की मांग को लेकर ग्रामीण निर्माणाधीन स्थल पर पहुंचे
वार्ता के लिए एसडीओ पहुंचे ग्रामीणों के पास, शीघ्र निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद
खूंटी : जिले की सबसे महत्वकांक्षी योजना नॉलेज सिटी के तहत रक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना की शुरुआत में ही मुआवजा भुगतान को लेकर अड़चन आ गयी है.
रेवा और इदरी गांव में मंगलवार से रक्षा विश्वविद्यालय के लिए निर्माण कार्य शुरू किया जाना था, लेकिन मुआवजा भुगतान बकाये को लेकर ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया. इस कारण कार्य स्थगित हो गया. ग्रामीणों के विरोध के बाद एसडीओ प्रणव कुमार पाल सहित कई लोग मौके पर पहुंचे. रक्षा विश्वविद्यालय के लिए प्रस्तावित जमीन का मुआयना किया और ग्रामीणों से बातचीत की.
रक्षा विश्वविद्यालय का विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि कई लोगों को अब तक जमीन के बदले मुआवजा की राशि का भुगतान नहीं किया गया है. जब तक मुआवजा की राशि नहीं मिलेगी, वे निर्माण कार्य शुरू नहीं होने देंगेे. एसडीओ प्रणव कुमार पाल ने कहा कि ज्यादातर रैयतों को मुआवजा राशि प्रदान कर दी गयी है. कुछ लोगों के बीच विवाद है, वह कोर्ट में लंबित है.
कोर्ट से निर्णय होने के बाद जमीन के असली हकदार को मुआवजा राशि प्रदान कर दी जायेगी. इसके बाद उन्होंने रेवा, इदरी और बिरहू गांव के ग्रामीणों के साथ बैठक की. मौके पर ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखी.
एसडीओ ने कहा कि जिला प्रशासन लोगों के सहयोग के बिना योजनाओं को धरातल पर नहीं उतार सकती है. खूंटी को ज्ञान भूमि के रूप में विकसित करने की कोशिश चल रही है. उन्होंने ग्रामीणों से रक्षा विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य में बाधा नहीं उत्पन्न करने की अपील की.
कहा कि कल से निर्माण कार्य शुरू कर दिया जायेगा. सीओ विजय कुमार ने कहा कि भू-अर्जन की प्रक्रिया चल रही है. मालिकाना हक और नावल्द को लेकर कुछ विवाद है. जिसका निष्पादन एलए कोर्ट द्वारा किया जा रहा है. मुआवजा राशि कोर्ट में जमा है. निर्णय आते ही मुआवजा भी प्रदान कर दिया जायेगा.
क्या है मामला : नॉलेज सिटी के लिए प्रस्तावित जमीन में रक्षा विश्वविद्यालय के लिए 14 माह पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री रघुवर दास ने संयुक्त रूप से शिलान्यास किया था लेकिन निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका. नॉलेज सिटी की 75 एकड़ जमीन रक्षा विश्वविद्यालय को हस्तांतरित की गयी है.
इसका निर्माण कार्य रेवा और इदरी गांव की सीमा पर होना है. इस भूमि से कई रैयतों को मुआवजा राशि प्रदान कर दी गयी है, लेकिन कुछ रैयतों के आपसी विवाद, नावल्द और गैरमजरूआ जमीन का विवाद कोर्ट में लंबित है. इस कारण मुआवजा का भुगतान नहीं हो पाया है.
रांची : वीसी नियुक्ति के लिए 31 तक आवेदन मांगे गये
रांची : झारखंड रक्षा शक्ति विवि, रांची में कुलपति की नियुक्ति के लिए योग्य उम्मीदवारों से 31 जनवरी 2019 तक आवेदन मांगे गये हैं. पूर्व में उच्च, तकनीकी व कौशल विकास विभाग द्वारा 31 दिसंबर 2018 तक आवेदन मांगे गये थे. लेकिन योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने के कारण विभाग ने आवेदन की तिथि बढ़ा दी है.
साथ ही उम्मीदवारों की योग्यता में भी संशोधन किया है. 31 दिसंबर तक विभाग के पास चार आवेदन ही पहुंचे हैं. आवेदन उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है. भरे हुए आवेदन पत्र को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के पास निबंधित डाक/पोस्ट द्वारा भेजा जा सकता है.
कुलपति का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा. शर्त यह है कि तीन वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद तीन वर्ष के एक और कार्यकाल के लिए वे पुन: नियुक्ति के पात्र होंगे. कुलपति के रूप में नियुक्त व्यक्ति की उम्रसीमा 70 वर्ष पूरी करने के बाद वे अपने पद से कार्यकाल के दौरान या विस्तारित कार्यकाल से सेवानिवृत्त हो जायेंगे. कुलपति के पद पर नियुक्ति के लिए किसी राज्य/केंद्रीय पुलिस संगठन/अर्द्धसैनिक बल में सेवा दिया हुआ होना चाहिए.
या फिर राज्य या केंद्रीय प्रशासनिक सेवा, पुलिस बल या सैन्य या अर्द्ध सैनिक बल में शोध या शैक्षणिक प्रशासनिक संगठन में प्रमाणित कीर्तिमान के साथ प्रशिक्षण में जुड़े रहे हों. इस पद के लिए आवश्यक योग्यता व अनुभव भी निर्धारित किये गये हैं. पूर्व में निर्धारित शर्त के मुताबिक रक्षा शक्ति विवि से संबद्ध नहीं रहना चाहिए, को इस बार हटा दिया गया है. कुलपति को प्रतिमाह 75 हजार रुपये फिक्स वेतन दिये जायेंगे. इसके अलावा अन्य भत्ते भी दिये जायेंगे.
बदले जा सकते हैं कुछ अधिकारी : रक्षा शक्ति विवि में कार्यरत एक या दो अधिकारी के बदले जाने की संभावना है. इनकी जगह सेना के रिटायर्ड अफसर को नियुक्त किया जा सकता है. इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा शीघ्र ही निर्णय ले लिये जाने की संभावना है.
दो विद्यार्थियों का चयन जेआरएफ में : रक्षा शक्ति विवि के दो विद्यार्थियों का चयन यूजीसी नेट में जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) के लिए हुअा है. इनमें स्नातकोत्तर अपराधशास्त्र के दो विद्यार्थी शशिबाला कुमारी मिंज (सत्र 2017-19) अौर पृथ्वीराज (सत्र 2018-20) शामिल हैं. यह परीक्षा दिसंबर 2018 में हुई थी. यह जानकारी रजिस्ट्रार एमके जमुआर ने दी.
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