खूंटी : दो लाख का इनामी नक्सली व एरिया कमांडर महेंद्र मुंडा उर्फ रितेश मुंडा ने किया सरेंडर

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मनोज@खूंटी कुख्यात नक्सली (भाकपा) व एरिया कमांडर महेंद्र मुंडा उर्फ रितेश मुंडा (अड़की के गम्हरिया निवासी) ने मंगलवार को खूंटी पुलिस के समक्ष आत्समर्पण कर दिया. उस पर पुलिस ने दो लाख का इनाम घोषित कर रखा था. मौके पर पुलिस विभाग के डीआईजी अमोल भी वेणुकर एवं एसपी अश्विनी सिन्हा, सीआरपीएफ के कमांडेंट राजकुमार, […]

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मनोज@खूंटी

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कुख्यात नक्सली (भाकपा) व एरिया कमांडर महेंद्र मुंडा उर्फ रितेश मुंडा (अड़की के गम्हरिया निवासी) ने मंगलवार को खूंटी पुलिस के समक्ष आत्समर्पण कर दिया. उस पर पुलिस ने दो लाख का इनाम घोषित कर रखा था. मौके पर पुलिस विभाग के डीआईजी अमोल भी वेणुकर एवं एसपी अश्विनी सिन्हा, सीआरपीएफ के कमांडेंट राजकुमार, ऑपरेशन एएसपी अनुराग राज सहित अन्‍य अधिकारी मौजूद थे.

डीआईजी एवं एसपी ने संयुक्त रूप से नक्सली महेंद्र मुंडा उर्फ रितेश मुंडा को सरेंडर पॉलिसी के तहत दो लाख रूपये का चेक प्रदान किया. महेंद्र मुंडा का कार्य क्षेत्र सिल्ली एवं कसमार जोन था. एरिया कमांडर महेंद्र मुंडा उर्फ रितेश मुंडा ने बताया कि वह वर्ष 2011 में भाकपा माओवादी के सिद्धांत के प्रभावित होकर नक्सली महाराज प्रमाणिक, अमित मुंडा, जीतराय मुंडा, प्रदीप स्वांसी, लोदरो लोहरा एवं जीवन कंडुलना के दस्ते में शामिल हुआ था.

फिर उसे एरिया कमांडर का ओहदा मिला. हाल के दिनों में महेंद्र मुंडा उर्फ रितेश मुंडा का संगठन से मोह भंग हो गया. उसने राज्य सरकार के सरेंडर पॉलिसी से प्रभावित होकर सरेंडर करने का निर्णय लिया. उसने कहा कि जेल से निकलने के बाद वह आम आदमी की तरह समाज की मुख्यधारा से जुड़कर जीना पसंद करेगा.

महेंद्र मुंडा उर्फ रितेश मुंडा का अपराधिक इतिहास

गत 12 मई 2014 को अड़की के गम्हरिया कोचांग के समीप संगठन का साथ नहीं देने के कारण महेंद मुंडा नामक एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. इस घटना में वह भी शामिल था. वर्ष 2016 के जून माह में खारसावां जिला के हुड़दंगा में विकास कार्य में लगे जेसीबी एवं अन्य वाहनों को रंगदारी न मिलने के कारण नक्सलियों ने विस्फोट व जलाकर नष्ट कर दिया था. इस घटना में वह शामिल था.

वर्ष 2017 के फरवरी माह में खरसांवा के प्रदानगोड़ा एवं कातिदिरी के बीच एवं वर्ष 2017 के अप्रैल माह में चौका थाना क्षेत्र के बरसीदा में पुलिस पार्टी को उड़ाने के लिए नक्सलियों ने आईइडी बम लगाया था. जिसे पुलिस ने समय रहते बरामद कर लिया था. दोनों घटनाओं में वह शामिल था. 29 अप्रैल 2017 को नक्सलियों ने अड़की के बीरबांकी प्रोजेक्ट भवन को सिलिंडर बम लगाकर उड़ा दिया था. इस घटना में भी वह शामिल था.

12 जून 2017 को अड़की के गितिलबेड़ा जंगल में नक्सलियों ने पुलिस को नुकसान पहुंचाने के लिए जंगल में विस्फोटक छुपा कर रखा था. इसमें भी वह शामिल था. इसके अलावा पुलिस के साथ कई मुठभेंड़ में भी वह शामिल रहा है.

खूंटी पुलिस की बड़ी सफलता

एरिया कमांडर महेंद्र मुंडा उर्फ रितेश मुंडा की गिरफ्तारी के बाबत डीआईजी अमोल भी वेणुकर ने कहा कि राज्य सरकार की पारदर्शी सरेंडर पॉलिसी नक्सलियों को भाने लगी है. शीर्षस्थ नक्सली समाज की मुख्य धारा से जुड़ने की मंशा लेकर सरेंडर कर रहे है. सभी का पुलिस विभाग स्वागत करती है. नक्सलवाद एवं उग्रवाद को समाप्त करने के लिए खूंटी जिला पुलिस, सीआरपीएफ बहुत अच्छा कार्य कर रही है.

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