किसान खेती में तकनीक का इस्तेमाल कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं.

Updated at : 30 Jun 2018 5:36 AM (IST)
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किसान खेती में तकनीक का इस्तेमाल कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं.

खलारी : किसान खेती में तकनीक का इस्तेमाल कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं. सरकार द्वारा कृषि चौपाल लगाने का मुख्य उद्देश्य भी किसानों की आय में बढ़ोतरी करना है. किसानों के खेत सीमित हैं. उसी खेत में अच्छी खेती करके आय बढ़ाई जा सकती है. इसके लिए खेती के नये-नये तकनीक का इस्तेमाल करना […]

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खलारी : किसान खेती में तकनीक का इस्तेमाल कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं. सरकार द्वारा कृषि चौपाल लगाने का मुख्य उद्देश्य भी किसानों की आय में बढ़ोतरी करना है. किसानों के खेत सीमित हैं. उसी खेत में अच्छी खेती करके आय बढ़ाई जा सकती है. इसके लिए खेती के नये-नये तकनीक का इस्तेमाल करना होगा. उक्त बातें प्रखंड में तीन दिवसीय कृषि चौपाल के समापन समारोह में शुक्रवार को बीडीओ गौतम प्रसाद साहू ने कही. उन्होंने किसानों को सोयाबीन की खेती के लिए प्रेरित किया.

कहा कि सोयाबीन की अच्छी कीमत मिलती है. प्रखंड में कोनका को सोयाबीन की खेती के लिए चुना गया है. इसके लिए सर्वे किया जा रहा है. बीडीओ ने कहा कि जो भी किसान नरेगा के तहत कुआं खुदवायें हैं, उन्हें 90 फीसदी अनुदान पर पंपसेट दिया जायेगा. प्रमुख सोनी तिग्गा ने कहा कि सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कृषि चौपाल जैसे कार्यक्रम करा रही है. किसानों को जागरूक होना होगा. टेक्नोलॉजी से खेती करनी होगी.

गाे पालन से किसानों की बढ़ सकती है आय
जिला गव्य पदाधिकारी गिरीश कुमार ने किसानों से कहा कि केवल एक खेती पर निर्भर न रहें. धान के बाद खेत को परती न छोड़ें. धान के बाद जो भी फसल लगाया जा सकता है उसे लगायें. उन्होंने गव्य विकास को आय बढ़ाने में सहायक बताया. कहा कि किसान गाय, बकरी, मुर्गी, सूकर, मछली आदि पालन कर अतिरिक्त आय कमा सकते हैं. गिरीश कुमार ने गाे पालन को सबसे उत्तम बताया. कहा कि गाय का दूध सभी तरह के पौष्टिक आहार का खजाना है. गाय के पेशाब भी रोगमुक्त करने का गुण से परिपूर्ण है. वहीं गोबर से जैविक खाद बनाया जा सकता है.
तकनीकी से खेती कर ज्यादा
मुनाफा कमा सकते हैं : बीटीएम
प्रखंड तकनीकी प्रबंधक सुमन बारला ने कहा कि तकनीकी खेती कर ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है. इसमें कम लागत लगेगा और मुनाफा ज्यादा होगा. उन्होंने श्री विधि से खेती करने की सलाह दी. सुमन ने जैविक खेती के बारे में बताया कि खेती में यूरिया का इस्तेमाल के बदले गाय का गोबर और मूत्र का इस्तेमाल करें. रासायनिक खाद से बचने की सलाह दी. किसानों को नाडेप विधि से कंपोस्ट खाद बना कर इस्तेमाल करने को कहा. बीटीएम ने नकदी फसल वाले खेती करने की सलाह दी. उन्होंने राष्ट्रीय कृषि बाजार से जुड़ने की सलाह दी.
मौके पर मौजूद लोग
इस अवसर पर प्रखंड प्रमुख सोनी तिग्गा, जिला गव्य विकास पदाधिकारी गिरीश कुमार, बीडीओ गौतम प्रसाद साहू, भूमि संरक्षण के भोला राम, बीसीओ रामपुकार प्रजापति, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक सुमन बारला, टीवीओ डॉ प्रीतिसरोज खोया, टीवीओ मैक्लुस्कीगंज शोभारानी मरांडी, मुखिया पुतुल देवी, पुष्पा खलखो, सुशीला देवी, बसंती देवी, आशा देवी, पंसस निमिया देवी, सिंगल विंडो के रमजान अंसारी सहित प्रखंड के किसान उपस्थित थे.
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