शहीद अब्राहम मुंंडू का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जायेगा : पौलुस
Updated at : 23 Oct 2017 12:46 PM (IST)
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खूंटी: राज्य सरकार द्वारा सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव को वापस लेना अब्राहम मुंडू के बलिदान का परिणाम है. उनकी आत्मा को पूर्ण शांति तभी मिलेगी, जब सरकार एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव को पूर्ण रूप से रद्द करेगी. उक्त बातें तोरपा विधायक पौलुस सुरीन ने मुरहू के सोयको चौक पर रविवार को अब्राहम […]
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खूंटी: राज्य सरकार द्वारा सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव को वापस लेना अब्राहम मुंडू के बलिदान का परिणाम है. उनकी आत्मा को पूर्ण शांति तभी मिलेगी, जब सरकार एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव को पूर्ण रूप से रद्द करेगी. उक्त बातें तोरपा विधायक पौलुस सुरीन ने मुरहू के सोयको चौक पर रविवार को अब्राहम मुंडू का प्रथम शहादत दिवस पर उनकी प्रतिमा के अनावरण समारोह में कही. उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार दिखावे की व ढोंगी है.
सिमडेगा जिले में भूख से एक बच्चे की मौत हो गयी. अब सरकार एवं जिला प्रशासन अपनी शर्मनाक कृत्य पर लीपापोती करने में जुटी है. भूख से बच्चे की मौत सरकार की लापरवाही का परिणाम है. उन्होंने मामले को सदन में उठाने की बात कही. कहा कि केंद्र सरकार ने औपचारिकता पूरी करने के लिए जांच टीम झारखंड भेजा. टीम के सदस्य स्थल जांच करने के बजाय रांची में ही खाद्य सचिव से मिल कर लौट गये. कहा कि वे भूख से मौत के मामले को राष्ट्रपति के समक्ष भी उठायेंगे.
समारोह में दामु मुंडा, भोला पाहन, सोमा मुंडा, शनिका मुंडा, मार्सल बारला ने कहा कि राज्य सरकार अादिवासी एवं मूलवासियों की जमीन को हड़पने के लिए सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव लायी थी. अंतत: सरकार को बैकफुट पर आकर उक्त संशोधन प्रस्ताव को वापस लेना पड़ा. अब भूमि अधिग्रहण एवं धर्मांतरण बिल के खिलाफ लोगों को मुखर होने की जरूरत है. दयामनी बारला ने कहा कि आदिवासी एवं मूलवासी की एकता के कारण ही सरकार को सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन प्रस्ताव को वापस लेना पड़ा.
यह एकता हमेशा बनी रहनी चाहिए. कार्यक्रम का संचालन समीर तोपनो ने किया. इससे पूर्व भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के लोग सीएनटी-एसपीटी एक्ट बचाओ, भाजपा हटाओ के नारे के साथ सभा स्थल पर पहुंचे. सभा में जुबेर अहमद छत्रपति शाही मुंडा, स्नेहलता कंडुलना, प्रेमशाही मुंडा, दुर्गावती ऑड़ेया, प्रीतम मुंडू, मसीह संगा, सोमा कैथा, चंद्रप्रभात सिंह मुंडा, चंद्रशेखर भगत, पतरस नाग, मुचिराय मुंडा, बुढ़ाय मुंडा, राम कुमार सिंह यादव, तरकन मुंडा, कैलाश मुंडा आदि मौजूद थे.
पुलिस की गोली से शहीद हुए थे अब्राहम
अब्राहम मुंडू 22 अक्तूबर 2016 को रांची में आयोजित विरोध रैली में जाने के क्रम में सोयको में पुलिस की गोली से मारे गये थे. उनकी शहादत का ही परिणाम है कि संशोधन प्रस्ताव को वापस लेने की मांग को लेकर खूंटी से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन पूरे राज्य में फैला.
किसी ने प्रतिमा क्षतिग्रस्त की
21 अक्तूबर की रात अज्ञात लोगों ने अब्राहम मुंडू की प्रतिमा (चेहरे) को क्षतिग्रस्त कर दिया. ग्रामीणों सहित विधायक ने पुलिस से दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है. चेहरे पर लगे कपड़े को बगैर हटाये ही प्रतिमा का अनावरण किया गया. विधायक ने कहा कि क्षतिग्रस्त प्रतिमा का शीघ्र मरम्मत करायी जायेगी.
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