Jharkhand Budget 2025 : झारखंड के मजदूर अब नहीं करेंगे पलायन, हेमंत सरकार राज्य में ही देगी रोजगार

Jharkhand Budget 2025
Jharkhand Budget 2025: झारखंड बजट 2025 में हेमंत सरकार ने पलायन रोकने हेतु राज्य में रोजगार सृजन की ठोस योजना पेश की है, जिससे स्थानीय आर्थिक विकास और स्थिरता सुनिश्चित होगी, आगे बढ़ेगी.
Jharkhand Budget 2025: झारखंड के मजदूरों को अब राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा. सोमवार को राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बजट 2025-26 में उल्लेख किया कि राज्य का श्रमिक वर्ग काफी मेहनती है, जिसने देशभर में कई परियोजनाओं और स्थानों के विकास में अपना योगदान दिया है. हमारी प्राथमिकता होगी कि झारखंड में ही उन्हें अधिक से अधिक रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जाएं.
झारखंड के श्रमिकों का पलायन और केंद्रीय परियोजनाओं में उनकी भागीदारी
झारखंड से बड़ी संख्या में श्रमिक रोजगार की तलाश में देश के विभिन्न राज्यों में पलायन करते हैं. राज्य में उद्योग और रोजगार के सीमित अवसरों के कारण श्रमिक मुख्य रूप से निर्माण, खनन, कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में काम करने के लिए अन्य राज्यों में जाते हैं.
झारखंड के श्रमिक किन-किन राज्यों में काम करते हैं?
झारखंड के श्रमिक मुख्य रूप से दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और केरल में काम करते हैं. इनमें से दिल्ली, मुंबई, सूरत, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में अधिक श्रमिक रोजगार पाते हैं.
झारखंड से कुशल और अर्धकुशल मजदूरों की पलायन दर
राज्य से कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों की पलायन दर लगभग 30-35% है. यह दर विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की उपलब्धता और मजदूरी की दर पर निर्भर करती है. ज्यादातर श्रमिक असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं, जिससे उन्हें रोजगार की स्थिरता नहीं मिलती.
केंद्रीय परियोजनाओं में झारखंड के कितने मजदूर कार्यरत हैं?
अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, 3-5 लाख मजदूर विभिन्न केंद्रीय परियोजनाओं में काम कर रहे हैं.
झारखंड के मजदूर किन-किन केंद्रीय परियोजनाओं में कार्यरत हैं?
- रेलवे निर्माण परियोजनाएँ
- राष्ट्रीय राजमार्ग और पुल निर्माण
- स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
- खनन परियोजनाएँ (कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट आदि)
- औद्योगिक क्षेत्रों में विनिर्माण इकाइयाँ
- मेगा पावर प्लांट (थर्मल और हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स)
| क्रम संख्या | विषय | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | झारखंड के श्रमिक किन-किन राज्यों में काम करते हैं? | दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, केरल |
| 2 | झारखंड से कुशल और अर्धकुशल मजदूरों की पलायन दर क्या है? | झारखंड से कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों की पलायन दर लगभग 30-35% अनुमानित है |
| 3 | केंद्रीय परियोजनाओं में झारखंड के कितने मजदूर काम करते हैं? | लगभग 3-5 लाख मजदूर केंद्रीय परियोजनाओं में कार्यरत हैं (अनुमानित आंकड़ा) |
| 4 | झारखंड के मजदूर किन-किन केंद्रीय परियोजनाओं में काम करते हैं? | – रेलवे निर्माण परियोजनाएँ |
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।
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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।
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अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।
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