रामनवमी से हनुमान जयंती तक झारखंड में स्पेशल अलर्ट, हजारीबाग अतिसंवेदनशील

एआई जेनरेटेड प्रतीकात्मक फोटो
Jharkhand Security Alert: रामनवमी से हनुमान जयंती तक झारखंड में सुरक्षा को लेकर स्पेशल अलर्ट जारी किया गया है. हजारीबाग को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है. पुलिस को असामाजिक तत्वों पर नजर रखने, जुलूस के दौरान सुरक्षा बढ़ाने और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
रांची से अमन तिवारी की रिपोर्ट
Jharkhand Security Alert: रामनवमी से लेकर हनुमान जयंती तक झारखंड के सभी जिलों में सुरक्षा को लेकर आईजी स्पेशल ब्रांच ने रिपोर्ट तैयार कर अलर्ट कर दिया है. रिपोर्ट गृह सचिव और डीजीपी के साथ-साथ सभी जिलों के डीसी और एसपी को भेजी गई है. इसमें सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से निर्देश दिए गए हैं. रामनवमी को लेकर हजारीबाग जिला को सांप्रदायिक दृष्टिकोण से अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है.
स्पेशल ब्रांच के आईजी ने तैयार की रिपोर्ट
स्पेशल ब्रांच के आईजी ने अपने रिपोर्ट में लिखा है कि 24 मार्च को अंतिम मंगला जुलूस निकाला जाएगा, जबकि, 26 मार्च को रामनवमी मनाई जाएगी. वहीं, दो अप्रैल को हनुमान जयंती मनाए जाने की सूचना है. इस दौरान असामाजिक तत्वों के द्वारा सौहार्द्र बिगाड़ने का प्रयास किया जा सकता है. सूबे में सांप्रदायिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए त्योहार के दौरान विशेष सतर्कता और निगरानी रखने की आवश्यकता है. स्पेशल ब्रांच ने अपने रिपोर्ट में राज्य के विभिन्न जिलों में पूर्व के वर्षों में घटित घटना का भी उल्लेख किया है, ताकि संबंधित इलाके में सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए.
रामनवमी पर इन थाना क्षेत्रों में हो चुकी हैं घटनाएं
- रांची: रातू, लोअर बाजार, बेड़ो
- खूंटी: खूंटी, तपकरा
- गुमला: सदर थाना क्षेत्र
- लोहरदगा: कुड़ू और सदर थाना क्षेत्र
- हजारीबाग: बड़कागांव, कोर्रा, बरही, सदर, लोहसिंहघना
- कोडरमा: कोडरमा थाना क्षेत्र
- बोकारो: पेक नारायण, नावाहडीह
- जमशेदपुर: कोवाली, जुगसलाई
- साहिबगंज: नगर थाना क्षेत्र
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सुरक्षा और सतर्कता को लेकर निर्देश
- रामनवमी के दौरान विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न करनेवाले असामाजिक तत्वों की सूची तैयार कर उन पर निरोधात्मक कार्रवाई की जाए.
- पुजारी एवं पूजा समितियों के सदस्यों के साथ बैठक कर स्थानीय सुरक्षा से संबंधित व्यवस्था सुदृढ़ कर ली जाए.
- मीडिया कर्मियों के साथ समन्वय स्थापित कर उन्हें निर्देश दिया जाये कि बातों को बढ़ा-चढ़ाकर या तोड़- मरोड़ कर प्रस्तुत नहीं करें.
- सोशल मीडिया और विशेष रूप से निगरानी रखें, ताकि किसी प्रकार से आपत्ति जनक टिप्पणी करने वाले पर कार्रवाई की जा सके.
- अवैध शराब और वधशाला पर रोक लगायी जाये, क्योंकि इससे विधि-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है.
- वैसे स्थल पर विशेष रूप से निगरानी, जहां छिनतई या छेड़खानी की घटना हो सकती है.
- जुलूस के दौरान पुलिस बल के साथ-साथ पुलिस गाड़ियों की उचित व्यवस्था की जाये, ताकि आपातकाल स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके.
- जुलूस के दौरान और जुलूस की वापसी तक पुलिस बल की पर्याप्त व्यवस्था हो.
- जुलूस के दौरान अपने चेहरे को कपड़े से छिपाने वाले पर विशेष रूप से निगरानी रखी जाए.
- जुलूस का आयोजन एवं डीजे मशीन देनेवाले से अंडरटेकिंग लिया जाये कि वे कोई आपत्तिजनक या किसी की भावना को ठेस पहुंचाने वाला गाना नहीं बजाएंगे.
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लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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