झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाह से हिंसक हुई भीड़, पीटे जा रहे बेकसूर

राजगंज में भीड़ की पिटाई के बाद घायल अधेड़ और युवक. फोटो: प्रभात खबर
Jharkhand Mob Lynching: झारखंड के कई जिलों में बच्चा चोरी की अफवाह ने हिंसक घटनाओं को जन्म दिया. रांची, धनबाद, गिरिडीह और कोडरमा में निर्दोष लोगों को भीड़ ने पीटा. पुलिस ने अफवाहों से बचने और कानून हाथ में न लेने की अपील की है. सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी खबरें चिंता बढ़ा रही हैं.
Jharkhand Mob Lynching: झारखंड के कई जिलों में बच्चा चोरी की अफवाह ने भय और अराजकता का माहौल पैदा कर दिया है. राजगंज, बेंगाबाद, धनबाद, कोडरमा और राजधानी रांची समेत अलग-अलग इलाकों में महज शक के आधार पर लोगों को भीड़ ने घेर लिया और बेरहमी से पीटा. कई मामलों में पुलिस की समय पर दखल से लोगों की जान बच सकी. लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं.
राजगंज के महतोटांड़ में युवक अधमरा
धनबाद जिले के राजगंज थाना क्षेत्र के महतोटांड़ गांव में गुरुवार रात बच्चा चोर की अफवाह पर एक अज्ञात युवक को भीड़ ने पकड़ लिया. युवक को लाठी-डंडों से जमकर पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. बीच-बचाव करने पहुंचे स्थानीय मुखिया मनोज महतो और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा. उनके साथ बदतमीजी की गयी और लाठियां चलाई गयीं.
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को भीड़ से छुड़ाकर हिरासत में लिया. युवक बोलने की स्थिति में नहीं है और उसका इलाज स्थानीय नर्सिंग होम में चल रहा है. पुलिस ने जब भीड़ से पूछा कि किसके बच्चे की चोरी का प्रयास हुआ था, तो लोग निरुत्तर हो गये और धीरे-धीरे वहां से हटने लगे. बताया गया कि भीड़ में आसपास के कई गांवों के लोग शामिल थे और कई के हाथ में लाठी व कुल्हाड़ी थी.
बेंगाबाद में महिला और अधेड़ की पिटाई
गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के पतरोडीह और फुरसोडीह गांव में भी बच्चा चोरी के संदेह में ग्रामीणों ने एक महिला और एक अधेड़ व्यक्ति को पकड़ लिया. दोनों के साथ मारपीट की गयी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को सुरक्षित कब्जे में लिया. पूछताछ में पता चला कि अधेड़ व्यक्ति नशे की हालत में अपने ससुराल जा रहा था, जबकि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी. पुलिस ने स्पष्ट किया कि बच्चा चोरी जैसी कोई घटना नहीं हुई थी. यह पूरी तरह अफवाह का परिणाम था.
धनबाद में ट्रांसजेंडर को बनाया निशाना
धनबाद के बैंकमोड़ थाना क्षेत्र में मटकुरिया मुक्तिधाम के पास एक ट्रांसजेंडर को बच्चा चोरी के शक में पीट दिया गया. सोशल मीडिया पर “बच्चा चोर” की अफवाह तेजी से फैल रही थी. लोगों ने बिना पुष्टि किए उस व्यक्ति को घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी. सूचना मिलते ही थाना प्रभारी प्रवीण कुमार के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची. जांच में सामने आया कि वह ट्रांसजेंडर होली के अवसर पर घर-घर जाकर शुभकामनाएं दे रहा था और पैसे मांग रहा था. तलाशी में कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला. पुलिस ने स्पष्ट किया कि बच्चा चोरी की खबर पूरी तरह झूठी थी और मारपीट करने वालों को चेतावनी दी गयी.
कोडरमा में विक्षिप्त युवक पर हमला
कोडरमा जिले के मरकच्चो थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव में भी एक युवक को बच्चा चोर समझकर पीटा गया. ग्रामीणों ने उसे संदिग्ध मानकर पकड़ लिया और मारपीट की. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को बचाया. थाना प्रभारी के अनुसार युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत होता है. जांच के दौरान बच्चा चोरी से जुड़ा कोई तथ्य सामने नहीं आया.
रांची के एदलहातू में महिला समेत तीन पर हमला
राजधानी रांची के बरियातू थाना क्षेत्र के एदलहातू में गुरुवार सुबह करीब 9.30 बजे हंगामा मच गया. तीन वर्षीय बालक किशन कुमार को टोटो में ले जाते तीन लोगों को ग्रामीणों ने बच्चा चोरी के शक में पकड़ लिया. महिला, टोटो चालक और एक अन्य युवक की पिटाई की गयी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को भीड़ से बचाया. महिला ने खुद को गुमला जिले की निवासी बताया और कहा कि वह अपनी बेटी-दामाद से मिलने आयी थी. उसके अनुसार बच्चा पहले से टोटो में बैठा हुआ था. पुलिस मामले की जांच कर रही है और टोटो चालक व अन्य युवक की भूमिका स्पष्ट करने में जुटी है.
अफवाहों से सहमे ग्रामीण, कानून पर खतरा
लगातार फैल रही अफवाहों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल है. कई जगह अभिभावक बच्चों को आंगनबाड़ी या बाहर खेलने भेजने से डर रहे हैं. दूसरी ओर निर्दोष लोग भीड़ के गुस्से का शिकार बन रहे हैं. सोशल मीडिया पर अपुष्ट संदेश तेजी से फैल रहे हैं, जो हालात को और बिगाड़ रहे हैं.
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पुलिस की अपील
सभी जिलों की पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर आंख मूंदकर विश्वास न करें. किसी अनजान व्यक्ति पर शक होने पर सीधे 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दें. कानून अपने हाथ में लेना अपराध है और ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाह ने यह साफ कर दिया है कि भीड़ का उग्र रूप किसी भी निर्दोष व्यक्ति की जान पर भारी पड़ सकता है. जरूरत है सतर्कता, संयम और कानून पर भरोसा रखने की, ताकि अफवाहों के इस दौर में समाज सुरक्षित रह सके.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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