नारायणपुर. सरकार ग्रामीण क्षेत्र में यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सड़कों का जाल बिछा रही है, लेकिन संवेदक अपनी जेब भरने के लिए कार्य की गुणवत्ता को दरकिनार कर रहे हैं. मामला नारायणपुर प्रखंड के लोहामोड़ से तिलाबनी तक ग्रामीण कार्य विभाग से किए जा रहे सड़क निर्माण है. यहां करोड रुपए की लागत से सड़क मरम्मत गुरुवार को संवेदक ने शुरू करवाया. सड़क किनारे गार्डवाल बनाने के लिए जमीन की खुदाई हो रही थी. साथ-साथ ही बिना ढलाई के बोल्डर बिछाने का कार्य भी हो रहा था, जब मुखिया मुन्नी मरांडी ने कार्य को देखा तो वह नाराज हो गईं. उन्होंने संवेदक के लोगों से कहा कि इस तरह का काम पंचायत में चलने नहीं दिया जाएगा. आनन-फानन में विभाग के सहायक अभियंता पहुंचे. उन्होंने तत्काल कार्य को बंद करा दिया. हालांकि कार्य शुरू होने के समय विभाग के जेइ अंकित कुमार वहां मौजूद थे. उनकी देखरेख में घटिया कार्य हो रहा था. इस पर मुखिया ने नाराजगी जाहिर कर कहा कि जब आपकी मौजूदगी में इस तरह का घटिया काम हो रहा है तो आपकी अनुपस्थिति में कैसा काम होता होगा. यह समझने लायक है. लोगों की माने तो संवेदक की सेटिंग ऊपर तक है. इसलिए जैसे तैसे काम कर ग्रामीण क्षेत्र से निकल जा रहे हैं. क्या कहती है मुखिया – लोहामोड़ से तिलाबानी तक सड़क की मरम्मत घटिया तरीके से हो रहा था. विभाग के सहायक अभियंता आए और तत्काल कार्य को रोक दिया है. जेइ अंकित कुमार वहां मौजूद थे और उनकी मौजूदगी में इस तरह का घटिया काम हो रहा था. इनकी कार्यशैली की जांच करनी चाहिए. – मुन्नी मरांडी, मुखिया, नारायणपुर क्या कहते है जेइ – मुखिया की ओर से कार्य में गड़बड़ी किए जाने की शिकायत की गई. इसकी सूचना सहायक अभियंता को दी गयी. सहायक अभियंता के मौजूदगी में तत्काल कार्य रोक दिया गया है. संवेदक को निर्देश दिया गया है कि कार्य निर्धारित मानक के अनुसार ही करना है. इसमें किसी तरह की हेरा फेरी नहीं चलेगी. -अंकित कुमार, जेई फोटो : निर्माणधीन सड़क निर्माण कार्य
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

