ePaper

Jamtara News: शिक्षक फोन पर मशगुल, बच्चे करते दिखे शोरगुल

Updated at : 16 Jan 2025 8:40 PM (IST)
विज्ञापन
Jamtara News: शिक्षक फोन पर मशगुल, बच्चे करते दिखे शोरगुल

निरीक्षण: उमवि पोखरिया की स्थिति देख प्रमुख व बीडीओ दंग, 273 बच्चों की बनी थी उपस्थिति, 200 हुए गायब

विज्ञापन

प्रतिनिधि, नारायणपुर नारायणपुर शैक्षणिक अंचल के स्कूलों में अव्यवस्थाओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. गुरुवार को नारायणपुर प्रमुख अंजना हेंब्रम और बीडीओ मुरली यादव ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय पोखरिया का निरीक्षण किया. इस निरीक्षण के दौरान जो खुलासे हुए, वे न केवल चौंकाने वाले थे, बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करते हैं. जैसे ही बीडीओ विद्यालय में दाखिल हुए, उन्होंने देखा कि शिक्षक ताहिर अंसारी मोबाइल में व्यस्त थे, जबकि कक्षा में बच्चे खेल-कूद और शोरगुल में मस्त थे. शिक्षक को यह तक एहसास नहीं हुआ कि निरीक्षण चल रहा है. लगभग 10 मिनट तक यह स्थिति बनी रही, और अंततः बीडीओ को स्वयं शिक्षक का ध्यान इस ओर दिलाना पड़ा. निरीक्षण के दौरान यह भी पता चला कि विद्यालय में कुल 537 बच्चे नामांकित हैं. गुरुवार को उपस्थिति रजिस्टर में 237 बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गयी थी, लेकिन कक्षा में केवल 73 छात्र मौजूद थे. बाकी बच्चे कहां गए, इसका उत्तर न तो शिक्षक के पास था और न ही विद्यालय प्रबंधन के पास. मिड-डे मील में गड़बड़ी निरीक्षण में यह भी पाया गया कि बच्चों को मेनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है. गुरुवार को बच्चों को आलू की सब्जी परोसी गयी वह फीकी और बेस्वाद थी. रसोइयों ने बताया कि उन्हें जितनी सामग्री दी गयी थी, उसी के अनुसार भोजन तैयार किया गया. एमडीएम की जिम्मेदारी भी एक ही परिवार के व्यक्ति के पास वर्षों से है, जो बच्चों के हक में कटौती कर रहा है. चार साल बाद भी क्लासरूम नहीं हुआ हैंड ओवर विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय कुमार ने बताया कि विद्यालय परिसर में लगभग चार साल पहले एक अतिरिक्त कक्ष का निर्माण हुआ था, लेकिन यह अभी तक विद्यालय प्रबंधन को हस्तांतरित नहीं किया गया है. बच्चों को अतिरिक्त कमरे की जरूरत है, लेकिन कक्ष की चाबी संवेदक ने यह कहकर रोक रखी है कि जब तक पूरा भुगतान नहीं होता, तब तक चाबी नहीं दी जायेगी. यह पूरी घटना यह बताने के लिए काफी है कि नारायणपुर का शैक्षणिक अंचल किस हद तक अव्यवस्था का शिकार है. इन समस्याओं ने यह साबित कर दिया है कि शिक्षा के प्रति शिक्षक व विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी महज कागजों तक सीमित है. अब सवाल यह है कि इस स्थिति को सुधारने के लिए क्या कोई ठोस कदम उठाये जायेंगे या फिर नौनिहालों का भविष्य यूं ही दांव पर लगता रहेगा. —————————————————————— उमवि पोखरिया की स्थिति देख प्रमुख व बीडीओ दंग 273 बच्चों की बनी थी उपस्थिति, 200 हुए गायब फोन में मग्न शिक्षक को बीडीओ-प्रमुख की मौजूदगी का भी नहीं चला पता 10 मिनट स्थिति देखने के बाद खुद बीडीओ ने शिक्षक का मोबाइल से हटाया ध्यान

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola