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कल्याण अस्पताल कुंजबोना के संचालक को काली सूची में डालने की अनुशंसा

Updated at : 01 Aug 2025 8:21 PM (IST)
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कल्याण अस्पताल कुंजबोना के संचालक को काली सूची में डालने की अनुशंसा

जामताड़ा. डीसी रवि आनंद ने कल्याण विभाग के सचिव एवं आदिवासी कल्याण आयुक्त से पत्राचार किया है.

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डीसी ने कल्याण विभाग के सचिव व आदिवासी कल्याण आयुक्त को भेजा पत्र नाला बीडीओ ने अनियमितता पर संस्था सनमत के विरुद्ध दर्ज करायी प्राथमिकी संवाददाता, जामताड़ा. डीसी रवि आनंद ने कल्याण विभाग के सचिव एवं आदिवासी कल्याण आयुक्त से पत्राचार किया है. उन्होंने इसके माध्यम से कल्याण अस्पताल कुंजबोना के संचालक संस्था सनमत को टर्मिनेट करते हुए काली सूची में डालने की अनुशंसा की है. जानकारी के अनुसार, 19 जुलाई को डीसी ने अधिकारियों संग कुंजबोना अस्पताल का निरीक्षण किया था. पाया कि संस्था सनमत के द्वारा अस्पताल में काफी अनियमितताएं बरती जा रही है. कंसेशन एग्रीमेंट फॉर द ऑपरेशन, मेंटेनेंस एंड मैनेजमेंट ऑफ ट्राइबल वेलफेयर रूरल हॉस्पिटल इन झारखंड, डेटेड 10 जुलाई 2018 के आर्टिकल्स एवं शेड्यूल का स्पष्ट उल्लंघन किया जा रहा है. संस्था के द्वारा लापरवाही, धोखाधड़ी, आर्थिक गबन के साथ-साथ मेडिकल एक्ट/काउंसिल नियमों का भी उल्लंघन किया गया है. निरीक्षण में पाए गए तथ्यों के आलोक में बीडीओ, नाला ने संस्था सनमत के विरुद्ध बीएनएस एंड द इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत नाला थाने में प्राथमिकी दर्ज की है. डीसी ने निरीक्षण के क्रम में पाया था कि आयुष चिकित्सक के द्वारा मरीजों को एलोपैथी दवा प्रेस्क्राइब किया जा रहा है. तकनीशियन भी मरीजों को देखते हैं. ओपीडी पंजी के अवलोकन से इसकी पुष्टि हुई है. चिकित्सकों की उपस्थिति पंजी के अवलोकन में पाया गया कि 03 डॉक्टर लगातार अनुपस्थित हैं, लेकिन अनुपस्थिति के संबंध में कोई आवेदन/पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया. मौजूद तकनीशियन के द्वारा गलत सूचना देकर भ्रमित करने का प्रयास किया गया. वहीं अस्पताल में कार्यरत कर्मियों के कार्यों एवं उनके वेतन के संबंध में पृच्छा में पाया गया कि कर्मियों को अनुबंध से काफी कम वेतन दिया जाता है. वहीं, पाया कि मेजर ओटी 2022 से बंद है, जबकि 2-2 शल्य चिकित्सक की उपस्थिति पंजी में दर्ज है. माइनर ओटी में आयुष चिकित्सक एवं तकनीशियन द्वारा किए कार्यों की प्रविष्टि पाई गई है. कैश बुक फाइनेंशियल रिकॉर्ड, ड्रग रजिस्टर आदि की मांग किए जाने पर बताया गया कि रांची हेड ऑफिस में है. डीसी के निरीक्षण के क्रम में यह पुष्टि हुई कि अपात्र चिकित्सकों द्वारा अवैध उपचार, अपात्र तकनीशियन द्वारा दवा का परामर्श, आयुष डाक्टर द्वारा मामूली सर्जरी, विशेषज्ञ डॉक्टर्स की अनुपलब्धता, स्टाफ को अनुबंध से कम वेतन, सर्जन की नियुक्ति के बावजूद सर्जरी नहीं, चिकित्सकों व स्टाफ की अनाधिकृत अनुपस्थिति, सीटी स्कैन मशीन का उपयोग नहीं, लेखा पुस्तकों को छुपाना, निरीक्षण के दौरान झूठी जानकारी, मुफ्त दवाइयों का अवैध बिक्री की संभावना, जो कि कंसेशन एग्रीमेंट फॉर द ऑपरेशन, मेंटेनेंस एंड मैनेजमेंट ऑफ ट्राइबल वेलफेयर रूरल हॉस्पिटल इन झारखंड डेटेड 10.07.2018, बिटवीन द ट्राइबल वेलफेयर कमिश्नर (ऑथोरिटी) एंड श्री सोमेश्वर नाथ महादेव ट्रस्ट (SANMAT) के विभिन्न आर्टिकल्स एवं शेड्यूल का स्पष्ट उल्लंघन है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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UMESH KUMAR

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