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बैरिकेडिंग तोड़कर रेलवे ट्रैक पर आये प्रदर्शनकारी, 20 लिये गये हिरासत में

Updated at : 20 Sep 2025 8:58 PM (IST)
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बैरिकेडिंग तोड़कर रेलवे ट्रैक पर आये प्रदर्शनकारी, 20 लिये गये हिरासत में

कुड़मी समाज ने जामताड़ा में रेल टेका आंदोलन शुरू किया, जिसमें हजारों प्रदर्शनकारी बेवा फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया और रेल संचालन बाधित हुआ। पुलिस ने शुरुआती बैरिकेडिंग की, लेकिन भारी भीड़ ने बैरिकेड तोड़कर ट्रैक पर पहुंचकर विरोध जताया। करीब एक घंटे तक प्रदर्शन जारी रहा, जिसमें एसडीओ अनंत कुमार और अन्य पुलिस अधिकारी सक्रिय रहे। उन्होंने शांति बनाए रखने और ट्रैक खाली करने की अपील के बाद प्रदर्शनकारियों को हटाया। इस कारण जामताड़ा स्टेशन पर तीन प्रमुख ट्रेनें देरी से चलीं। लगभग 20 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए। आंदोलन में जामताड़ा के साथ देवघर जिले के लोग भी शामिल हुए। पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात कर निषेधाज्ञा लगाई गई।

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कुड़मी समाज का रेल टेका आंदोलन: जामताड़ा में ट्रैक पर बैठकर किया विरोध संवाददाता, जामताड़ा. शनिवार को कुड़मी समाज द्वारा रेल टेका, डहर छेका आंदोलन की शुरुआत की गई. इसे लेकर राज्य भर में पुलिस प्रशासन सतर्क रहा. जामताड़ा में आंदोलन का विशेष प्रभाव देखा गया. सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जामताड़ा-चित्तरंजन रेल खंड के साखीपाथर और बेवा रेलवे फाटक के पास जुटे. उन्होंने बेवा फाटक पर रेलवे ट्रैक पर बैठकर नारेबाजी की और रेल परिचालन को बाधित किया. करीब एक घंटे तक प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा बना रहा. पुलिस प्रशासन उन्हें ट्रैक से हटाने का लगातार प्रयास करता रहा, लेकिन वे बार-बार लौटकर विरोध दर्ज करते रहे. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसडीओ अनंत कुमार ने माइकिंग कर प्रदर्शनकारियों से शांति बनाये रखने और ट्रैक खाली करने की अपील की. इसके बाद एसडीपीओ आनंद विकास लागोरी, डीएसपी चंद्रशेखर, इंस्पेक्टर राजेश मंडल, जामताड़ा थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह और अन्य पुलिस पदाधिकारियों की सक्रियता से प्रदर्शनकारियों को ट्रैक से हटाया गया. इस कारण जामताड़ा स्टेशन पर डाउन लाइन की तीन प्रमुख ट्रेनें रुकीं. जनशताब्दी सुपरफास्ट करीब 10 मिनट, वंदेभारत 10-15 मिनट और अकाल तख्त सुपरफास्ट लगभग 25 मिनट तक स्टेशन पर रुकी रही. बेवा फाटक के बैरिकेडिंग कर रोकने का प्रयास जामताड़ा बायपास रोड स्थित बेवा फाटक के पास सड़क पर पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग की थी, ताकि प्रदर्शनकारियों को रेलवे ट्रैक तक पहुंचने से पहले ही रोका जा सके. लेकिन जैसे ही भीड़ वहां पहुंची, पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया. भीड़ इतनी अधिक थी कि बैरिकेड तोड़कर प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक की ओर बढ़ गए और वहां पहुंचकर विरोध दर्ज किया. बाद में प्रदर्शनकारियों को हटाकर झाझा-आसनसोल ईएमयू पैसेंजर ट्रेन का संचालन कराया गया. प्रदर्शन के दौरान जामताड़ा पुलिस ने लगभग 20 लोगों को हिरासत में लिया, जिन्हें जामताड़ा थाना में रखा गया. प्रदर्शनकारियों ने एसडीओ अनंत कुमार को मांग पत्र भी सौंपा. आंदोलन में जामताड़ा जिले के अलावा देवघर जिले के खागा थाना क्षेत्र से भी प्रदर्शनकारी शामिल हुए. चप्पे-चप्पे पर तैनात थे पुलिस जवान कुड़मी समाज के आंदोलन को लेकर प्रशासन ने जिले के सभी चौक-चौराहों, जामताड़ा स्टेशन और अन्य स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया था. एसडीओ अनंत कुमार ने जामताड़ा जिला अंतर्गत रेलवे लाइन के सभी स्टेशन जैसे चित्तरंजन, जामताड़ा, कांशीटांड़, करमाटांड़ और रेलवे फाटक जैसे कानगोई, बेवा, बेना, कालाझरिया, पिंडारी और सीताकाटा में निषेधाज्ञा लागू कर दी थी. आरपीएफ ने भी अपने जवानों की तैनाती की थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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UMESH KUMAR

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UMESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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