प्रतिनिधि, फतेहपुर – बेमौसम बारिश के कारण भूरा माहू किट के प्रकोप से फतेहपुर प्रखंड के कई इलाकों में धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है. भूरा माहू किट के चलते न केवल फसलें बर्बाद हुईं, बल्कि किसानों की उम्मीदें भी टूट गईं. सरकार ने इस संकट के मद्देनजर किसानों के लिए एक टोल-फ्री नंबर जारी किया था, लेकिन कई किसान जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई, उन्हें अब तक कोई ठोस कार्रवाई की सूचना नहीं मिल पायी है. इस स्थिति में किसान अब ओर भी ज्यादा परेशान हैं, क्योंकि उनकी फसलें नष्ट हो गयी हैं और वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. फतेहपुर प्रखंड के चापुड़िया गांव के किसान काजल राउत ने बताया कि उनके दो एकड़ खेत में लगी धान की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गयी. फसल कटाई के समय धान में कीड़े लग गये थे और बारिश से सड़ गये. अब खेत में एक भी कटाई लायक धान नहीं बचा है. वे कहते हैं अब अगर हम मजदूरी पर काटने के लिए लेबर लगाते हैं तो उस पर भी खर्चा होगा, लेकिन फसल से कोई लाभ नहीं होगा. किसान काजल राउत ने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द उनके खेतों का सर्वे करने की मांग की है. उनका कहना है अगर इस नुकसान का उचित मुआवजा नहीं मिला तो हमें ओर भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा. हम बीमा करा चुके हैं और सरकारी सहायता की उम्मीद कर रहे हैं. वहीं, दूसरे प्रभावित किसानों का कहना है कि अगर समय रहते उनके नष्ट हुए खेतों का मुआयना और सर्वे नहीं किया गया तो वे भारी नुकसान के शिकार हो सकते हैं. इससे न केवल उनकी आजीविका पर असर पड़ेगा, बल्कि उनका परिवार भी संकट में आ जाएगा. बताते चलें कि चक्रवाती तूफान मोंथा के कारण खेतों में जलजमाव हो गया था और अब भूरा माहू किट के प्रकोप से धान की फसल नष्ट हो रही है, जिससे किसान बेहद चिंतित हैं.
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