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आदिवासी संस्कृति, परंपरा व उनके योगदान से सीखने की जरूरत : डीसी

Updated at : 09 Aug 2025 8:55 PM (IST)
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आदिवासी संस्कृति, परंपरा व उनके योगदान से सीखने की जरूरत : डीसी

समाहरणालय में मनाया विश्व आदिवासी दिवस, महापुरुषों के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी.

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संवाददाता, जामताड़ा. समाहरणालय स्थित ओल्ड वेयर हाउस सभागार में विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया. इस अवसर पर डीसी रवि आनंद, एसपी राज कुमार मेहता सहित अन्य वरीय अधिकारियों ने झारखंड राज्य के आदिवासी महापुरुषों एवं वीर नायकों के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर डीसी रवि आनंद ने कहा कि आदिवासी विभूतियों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा स्वतंत्रता संग्राम में जो अद्वितीय योगदान दिया, वह सदैव प्रेरणादायक रहेगा. हमें उनके आदर्शों एवं पदचिह्नों पर चलकर उनके बताए मार्गों को आत्मसात करते हुए कार्य करने की आवश्यकता है. कहा कि आदिवासी संस्कृति, परंपरा और उनके योगदान से सीखने की जरूरत है. आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर हमारे देश की समृद्धि एवं विविधता का प्रतीक है. उनके पारंपरिक ज्ञान, जीवनशैली, पर्यावरण के प्रति उनके लगाव को देखते हुए झारखंड सरकार द्वारा नियम एवं नीति के तहत हर संभव प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह संकल्प लें कि हम आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा करेंगे, उनके साथ सम्मान एवं समानता का व्यवहार करेंगे. उन्होंने प्रकृति संरक्षण पर सभी से अपना सकारात्मक योगदान देने की अपील की. मौके पर परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज, एसी पूनम कच्छप, एसडीओ अनंत कुमार, सिविल सर्जन डॉ आनंद मोहन सोरेन सहित अन्य थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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UMESH KUMAR

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