मांलंचा पहाड़ को इको टूरिज्म के तहत किया जायेगा विकसित : स्पीकर

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मांलंचा पहाड़ को इको टूरिज्म के तहत किया जायेगा विकसित : स्पीकर

नाला. प्रखंड अंतर्गत मांलंचा पहाड़ का आध्यात्मिक पृष्ठभूमि रहने के कारण इसे पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने का कार्य जारी है.

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नाला. प्रखंड अंतर्गत मांलंचा पहाड़ का आध्यात्मिक पृष्ठभूमि रहने के कारण इसे पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने का कार्य जारी है. यह बातें विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो अपने बड़वा स्थित आवास में कही. विस अध्यक्ष ने कहा मांलंचा पहाड़ को इको टूरिज्म योजना अंतर्गत विकसित कराने का कार्य जारी है. कहा कि पिछले कार्यकाल में करोड़ों की लागत से पहाड़ का सौंदर्यीकरण कराया गया है. यह स्थल पिकनिक स्पॉट के साथ-साथ धार्मिक आस्था का भी केंद्र है. प्रतिवर्ष भव्य मेले का भी यहां आयोजन होता है. यह स्थल पहले वीरान था, लेकिन अब वह स्थिति नहीं रह गया है. इस पहाड़ की तलहटी में पेयजल, सैलानियों के ठहरने के लिए भी व्यवस्था की गयी है. बहुत जल्द पूर्ण पर्यटक स्थल का रूप देने जा रहे हैं. कहा कि बजट सत्र में मांलंचा, प्रसिद्ध देवलेश्वर मंदिर, मोहजोड़ी स्थित गिरिधारी मंदिर, सिंहवाहिनी मंदिर, गेड़िया स्थित कांलीजंर मंदिर आदि को विकसित किया जायेगा. पर्यटन विभाग की ओर से इन क्षेत्रों को शीघ्र विकसित किया जायेगा. बताया कि कुछ-कुछ काम सभी जगहों में हुआ है और आगे सैलानियों को आकर्षित करने एवं उनकी सुविधाओं के लिए कार्य किया जायेगा. मांलंचा पहाड़ को इको टूरिज्म के लिए विकसित किया जाएगा. इसके लिए पदाधिकारी इस क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं. क्या-क्या कार्य यहां किया जाना है उसका रुपरेखा तैयार किया जा रहा है. विस अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान में यह स्थल झारखंड में पर्यटन स्थल के रूप में ग्रेड 4 की सूची में है. मैं प्रयासरत हूं कि इस पहाड़ को बढ़ावा देते हुए इको टूरिज्म योजना के तहत झारखंड में ग्रेड-1 की सूची में शामिल करें, ताकि नाला जैसे छोटे से विधानसभा क्षेत्र में लाखों सैलानी इस पहाड़ के सौंदर्यीकरण का आनंद का लुत्फ उठा सकें. इसी पहाड़ परिसर में लाखों काजू के वृक्ष हैं, जिसके लिए बहुत जल्द काजू प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के लिए प्रयासरत हूं. यह क्षेत्र पर्यटन के रूप में विकसित हो जाने से लोगों रोजगार मिलेगा. साथ ही सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी.

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जियाराम मुर्मू

लेखक के बारे में

By जियाराम मुर्मू

मैं जियाराम मुर्मू वर्ष 2009 से प्रभात खबर, जामताड़ा से जुड़ा हुआ हूं. मैं विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की जनमुद्दे जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, ग्रामीण विकास सहित ग्रामीणों की समस्याओं को लगातार उठा रहा हूं.

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