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ठनका गिरने से एसएनसीयू वार्ड में शॉर्ट सर्किट, सात रेडियंट वार्मर खराब

Updated at : 03 Oct 2025 9:39 PM (IST)
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ठनका गिरने से एसएनसीयू वार्ड में शॉर्ट सर्किट, सात रेडियंट वार्मर खराब

जामताड़ा. जिले में तीन दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है. बुधवार की देर शाम सदर अस्पताल के समीप ठनका गिरने से सदर अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में शॉर्ट सर्किट हो गया.

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– एसएनसीयू में भर्ती एक नवजात की भी मौत, अस्पताल प्रबंधन ने कहा नवजात की मौत नेचुरल – नवजात को पूर्व में ही कर दिया गया था रेफर, बावजूद एसएनसीयू में ही था संवाददाता, जामताड़ा. जिले में तीन दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है. बुधवार की देर शाम सदर अस्पताल के समीप ठनका गिरने से सदर अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में शॉर्ट सर्किट हो गया, जिससे 12 में से सात रेडियंट वार्मर समेत कई उपकरण खराब हो गये. जबकि उसी दिन एसएनसीयू में भर्ती एक नवजात की मौत हो गयी. हालांकि अस्पताल प्रबंधन नवजात की मौत की वजह उसकी नाजुक हालत काे बता रहा है. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, वज्रपात की घटना से पूर्व ही नवजात की बिगड़ी हालत को देखते हुए उसे रेफर कर दिया गया था. इस संबंध में नवजात के स्वजनों को भी पूर्व में ही बता दिया गया था. नवजात के पिता बिंदापाथर थाना क्षेत्र के चकनायडीह के रहने वाले नीरज पावरिया की पत्नी सदरमुनी मुर्मू को कुछ दिन पहले ही प्रसव हुआ था. इसके बाद सदर अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात को भर्ती किया गया था. चिकित्सक डॉ दुर्गेश झा ने नवजात का इलाज किया था. नवजात की हालत को देखते हुए चिकित्सक ने उसे रेफर भी कर दिया था. मानसून बीतने पर प्रबंधन को तड़ित चालक लगवाने का आया याद बुधवार को हुई घटना से भले ही कई वजहें गिनाकर सदर अस्पताल प्रबंधन अपना दामन बचाने में जुटा है, लेकिन हकीकत है कि जामताड़ा सदर अस्पताल अबतक वज्रपात से भी सुरक्षित नहीं है. सदर अस्पताल जामताड़ा के उपाधीक्षक डाॅ डीसी मुंशी के अनुसार, बुधवार शाम को सदर अस्पताल के आसपास वज्रपात हुई थी. इससे सदर अस्पताल में स्थापित कई उपकरण क्षतिग्रस्त हुए हैं. इससे पूर्व दोपहर बाद करीब दो बजे एक नवजात को गंभीर अवस्था में सदर अस्पताल से रेफर किया गया था, लेकिन बाद में नवजात की मौत हो गयी. जानकारी के अनुसार, सदर अस्पताल भवन के अलग-अलग दो शाखाओं में तड़ित चालक पूर्व से स्थापित है, जबकि शेष जगहों पर तड़ित चालक लगाने की विभागीय प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है. तड़ित चालक ना लगने की वजह से असुरक्षित बुधवार को हुई घटना अस्पताल प्रबंधन के ढुलमुल और लापरवाह रवैये की कलई खोलकर रख दी है. हालात यह है कि करोड़ों की लागत से बने जिला सदर अस्पताल में करोड़ों के उपकरण तो मौजूद हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा के लिए वज्रपात से निजात के लिए तड़ित चालक तक नहीं लगाया गया. वज्रपात प्रभावित क्षेत्र में होने की वजह से लगातार इनपर खतरों के बादल मंडराते रहते हैं. क्या कहते हैं सिविल सर्जन – बुधवार की देर शाम सदर अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में शॉर्ट सर्किट की घटना हुई थी. इससे कई रेडियंट वार्मर में खराबी आई, जिसका निरीक्षण भी किया, जल्द मरम्मत कराया जायेगा. नवजात की मौत नेचुरल हुआ है. उसे घटना के पूर्व ही रेफर कर दिया गया था. उसके बावजूद परिजन नवजात को वहीं रखा था. – डॉ आनंद मोहन सोरेन, सीएस, जामताड़ा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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UMESH KUMAR

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