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Jamtara: बराकर नदी पर झारखंड के सबसे बड़े 4 लेन पुल का चंपाई सोरेन ने किया शिलान्यास, परिसंपत्तियों का वितरण

Updated at : 10 Mar 2024 9:13 PM (IST)
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Jamtara: बराकर नदी पर झारखंड के सबसे बड़े 4 लेन पुल का चंपाई सोरेन ने किया शिलान्यास, परिसंपत्तियों का वितरण

झारखंड के संताल परगना स्थित जामताड़ा में बराकर नदी पर झारखंड के सबसे बड़े वीरग्राम-बरबेंदिया 4 लेन पीएससी ब्रिज का शिलान्यास मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने किया.

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Jamtara News: झारखंड के संताल परगना स्थित जामताड़ा में बराकर नदी पर झारखंड के सबसे बड़े वीरग्राम-बरबेंदिया 4 लेन पीएससी ब्रिज का शिलान्यास मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने किया. झारखंड राज्य राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारा इस पुल का निर्माण किया जाएगा. इससे जामताड़ा और निरसा की दूरी न केवल कम होगी, बल्कि बंगाल से भी जामताड़ा की सीधी कनेक्टिविटी सुलभ हो जाएगी.

जामताड़ा से निरसा की दूरी हो जाएगी कम

मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने रविवार (10 मार्च) को जामताड़ा के वीरग्राम फुटबॉल मैदान में आयोजित जामताड़ा-निरसा पथ पर उच्चस्तरीय पुल के निर्माण के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व की भाजपा सरकार पर हमला बोला. कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद उनकी सरकार थी. उन्होंने आदिवासियों-मूलवासियों के दुख-दर्द को नहीं समझा. सिर्फ दुष्प्रचार किया. झारखंड की जनता के उत्थान के लिए उन्होंने कुछ नहीं किया.

  • जामताड़ा के बरबेंदिया-वीरग्राम में बराकर नदी पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण का मुख्यमंत्री ने किया शिलान्यास
  • झारखंड कभी गरीब प्रदेश नहीं रहा, लेकिन यहां के लोग गरीबी में रहने को मजबूर रहे : सीएम चंपाई सोरेन
  • पुल निर्माण से जामताड़ा समेत पूरे संताल परगना का धनबाद से रोड कनेक्टिविटी मजबूत होगी
  • 263 करोड 88 लाख रुपए की लागत से बराकर नदी पर बनेगा फोर लेन (1584 मीटर) उच्चस्तरीय पुल
  • कार्यक्रम में कुल 340 करोड़ 95 लाख 40 हजार रुपये की लागत से कई योजनाओं का किया शिलान्यास, उद्घाटन व परिसंपत्ति का वितरण

भाजपा की नजर झारखंड की खनिज संपदा पर : चंपाई सोरेन

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नजर सिर्फ यहां की खनिज संपदा पर थी. उन्होंने कहा कि झारखंड कभी गरीब नहीं रहा. यह राज्य अमीर है, लेकिन यहां के आदिवासियों को उस संपत्ति से दूर रखा गया. वे आज भी गरीब हैं. उन्होंने कोरोना काल का भी जिक्र किया. कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में 5 साल के लिए जनादेश मिला, लेकिन भाजपा ने सरकार बनने के बाद से ही इसे गिराने की साजिश रचनी शुरू कर दी.

भाजपा ने स्कूल बंद किए, हेमंत सोरेन ने बनाए मॉडल स्कूल

चंपाई सोरेन ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार ने अपने राज्य के लोगों को उनके पैरों पर खड़ा करने वाली नीतियां बनाईं. हमारी सरकार ने लोगों को रोटी, कपड़ा और मकान देने का निश्चय किया. हमने 50 साल की उम्र के लोगों के लिए पेंशन योजना लागू कर दी है. कहा कि झारखंड को विकास करना है, तो शिक्षा जरूरी है. लेकिन, भाजपा की सरकार ने 5000 से अधिक स्कूलों को बंद कर दिया, ताकि आदिवासियों के बच्चे शिक्षित न हो सकें. लेकिन, हेमंत सरकार ने मॉडल स्कूल बनाना शुरू किया.

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जनविरोधी पार्टी है भाजपा : चंपाई सोरेन

झामुमो नेता और झारखंड के सीएम चंपाई सोरेन ने कहा भाजपा पर झारखंड के साथ भेदभाव का भी आरोप लगाया. कहा कि प्रधानमंत्री कहते थे कि 2022 तक सभी को अपना पक्का मकान देंगे. लेकिन, झारखंड को पक्का मकान नहीं दिया. तब हेमंत सोरेन ने अपने दम पर अबुआ आवास योजना की शुरुआत की. हमारी सरकार जनता की हितैषी सरकार है. भाजपा वाले जनविरोधी हैं. हमारी सरकार झारखंडियों की सरकार है. आपकी सरकार है. इसलिए हम किसानों के हित में काम करते हैं. विद्यार्थियों के हित में काम करते हैं. गरीबों, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों और विधवा के बारे में सोचते हैं.

बसंत सोरेन ने बाबूलाल मरांडी पर बोला हमला

बसंत सोरेन ने बाबूलाल मरांडी पर हमला करते हुए कहा कि पिछले दिनों एक नौटंकी वाला यहां आया था. बहुत भीड़ थी. ये हायर किया हुआ नौटंकीवाला है. वह कह रहा था-अबकी बार 400 पार. चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे थे कि सोरेन परिवार परिवारवाद करता है. हेमंत सोरेन जमीन लूटता है. साहिबगंज से लेकर बहरागोड़ा तक.

हां, झारखंड की पूरी जमीन हमारी है : बसंत सोरेन

बसंत सोरेन ने कहा- हां, हम कहते हैं कि झारखंड की पूरी जमीन हमारी है. झारखंड की पूरी भूमि हेमंत सोरेन की भूमि है. तुम्हारा वजूद क्या है? बसंत ने कहा कि हेमंत सोरेन ने हमेशा एक बात कही कि हर घर में हेमंत है. जब हर घर में हेमंत है, तो तुम हेमंत को ढूंढ़ रहे हो साहिबगंज से बहरागोड़ा? हर जगह हेमंत सोरेन है. फिर कौन-सी जमीन तलाश रहे हो.

अप्रिय घटना में कई जानें गईं, भाजपा सरकार ने संज्ञान नहीं लिया

इस अवसर पर झारखंड सरकार के पथ निर्माण मंत्री और झामुमो नेता बसंत सोरेन ने कहा कि एक-डेढ़ साल पहले कुछ अप्रिय घटना की वजह से हमारे परिवार के कुछ सदस्य हमारे बीच नहीं रहे. उन्होंने कहा कि ऐसी ही घटनाएं निरंतर होती रही, लेकिन पिछली सरकारों ने संज्ञान नहीं लिया.

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इरफान अंसारी बोले : भाजपा सरकार ने नहीं बनाया ये पुल

इस अवसर पर स्थानीय विधायक इरफान अंसारी ने कहा कि रघुवर दास की सरकार के कार्यकाल में उन्होंने कई बार आग्रह किया कि इस पुल का निर्माण करवा दिया जाए. आश्वासन तो मिला, लेकिन पुल नहीं मिला. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार से इतना कहा गया कि यह क्षेत्र आदिवासी बहुल है. पुल बन जाने से क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा. आदिवासियों का विकास होगा. यह जाताड़ा ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए लाइफलाइन साबित होगी.

हादसे में चली गई थी 14 लोगों की जान

इरफान अंसारी ने कहा कि एक हादसा हुआ. 14 लोगों की जान चली गई. मैं रांची जा रहा था. लौटकर मुझे यहां आना पड़ा. लोगों का आक्रोश मुझे झेलना पड़ा. लोगों ने मेरी कार के शीशे फोड़ दिए. तभी मैंने यहां की अवाम के लोगों से कहा था कि मैं यह पुल बनवाकर रहूंगा. उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में पुल बना और कमीशनखोरी की वजह से पुल गिर गया. आज बगल की विधायक घड़ियाली आंसू बहा रहीं हैं. तब हमारे चंपाई सोरेन यहां आए थे लोगों के आंसू पोंछने. आज सीएम साहब लोगों को पुल की सौगात देने आए हैं.

डॉन-1 और डॉन-2 सरकार : इरफान अंसारी

इरफान अंसारी ने कहा कि भाजपा वाले कहते थे कि ये हेमंत सोरेन पार्ट-2 सरकार है, लेकिन हम कहते हैं कि वो (हेमंत सोरेन की सरकार) डॉन-1 सरकार थी, ये (चंपाई सोरेन की सरकार) डॉन-2 सरकार है.

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263.88 करोड़ से बनेगा 4 लेन पीएससी पुल

इस परियोजना की कुल लागत 263.88 करोड़ रुपए है. इस 4 लेन पीएससी ब्रिज की लंबाई 1584 मीटर होगी. इसके लिए 1400 मीटर का पहुंच पथ भी बनाया जाएगा. इस तरह पुल की कुल लंबाई 2984 मीटर होगी.

चंपाई सोरेन ने परिसंपत्तियों का वितरण भी किया

मुख्यमंत्री ने अबुआ आवास योजना स्वीकृति पत्र, सर्वजन पेंशन योजना के तहत प्रमाण पत्र, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, बिरसा हरित ग्राम योजना, बिरसा हरित ग्राम बागवानी योजना के तहत परिसंपत्तियों के वितरण के साथ-साथ हाथियों के हमले में घायल लोगों को मुआवजा राशि का भी वितरण किया गया.

विकास योजनाओं से जामताड़ा की बदलेगी तस्वीर

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 340 करोड़ 95 लाख 40 हज़ार रुपए की लागत से कई विकास योजनाओं का उद्घाटन- शिलान्यास और लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया. इसमें 263 करोड 87 लाख रुपए की बरबेंदिया पुल का शिलान्यास तथा 26 करोड़ रुपए की 12 अन्य योजनाओं का लोकार्पण और नींव रखी गयीं. वहीं 69631 लाभुकों के बीच 52 करोड़ 80 लाख रुपए की परिसंपत्तियों का वितरण हुआ.

शिबू सोरेन समेत ये लोग थे कार्यक्रम में उपस्थित

मौके पर मंत्री बसंत सोरेन, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अरवा राजकमल, संताल परगना के आयुक्त लालचंद्र दादेल, पुलिस उपमहानिरीक्षक संजीव कुमार सिंह, जामताड़ा विधायक डॉ इरफान अंसारी, डीसी कुमुद सहाय, एसपी अनिमेष नैथानी, पूर्व सांसद फुरकान अंसारी झामुमो जिलाध्यक्ष श्यामलाल हेंब्रम, कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपिका बेसरा, राजद जिलाध्यक्ष दिनेश यादव, झामुमो नेता अशोक मंडल सहित अन्य थे.

पुल के बनने से होने वाले फायदे

  • धनबाद और संताल परगना के जामताड़ा समेत अन्य जिलों की दूरी घट जाएगी
  • अत्याधुनिक तकनीक से उच्चस्तरीय सेतु का होगा निर्माण
  • बरबेदिया में बनने वाले पुल की लंबाई
  • पुल के लिए बने पहुंच पथ की लंबाई
  • पुल में 44 स्पैन होंगे, हर स्पैन की लंबाई 36 मीटर होगी
  • व्यापारियों को धनबाद समेत अन्य जिलों में जाने में होगी सहूलियत
  • निरसा की दूरी अभी 60 से 70 किलोमीटर है, जो सेतु बनने के बाद घटकर 30-35 किमी रह जाएगी
  • सेतु निर्माण जामताड़ा को धनबाद व अन्य जिलों में जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग का काम करेगा
  • चित्तरंजन और धनबाद तक वैकल्पिक मार्ग के रूप में सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा
  • बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, गोड्डा का संताल परगना सीधे जुड़ जाएगा
  • पर्यटन का विकास होगा, रोजगार सृजन होगा

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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