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सरकार गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कर रही सभी तरह के प्रयास : अध्यक्ष

Updated at : 20 May 2025 7:45 PM (IST)
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सरकार गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कर रही सभी तरह के प्रयास : अध्यक्ष

झारखंड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष ने चाकड़ी स्थित श्रीकृष्ण गौशाला का निरीक्षण किया. वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही है.

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जामताड़ा (संवाददाता). झारखंड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद व उपाध्यक्ष राजू गिरी ने मंगलवार को चाकड़ी स्थित श्रीकृष्ण गौशाला का निरीक्षण किया. इस अवसर पर अध्यक्ष ने गौशाला कमेटी के साथ बैठक कर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की. वहीं पत्रकार वार्ता में आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड प्रदेश के अलग-अलग जिले में संचालित निबंधित 22 गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने, देसी नस्ल के गोवंशीय पशुओं का संरक्षण एवं संवर्धन के साथ गोबर संस्करण से हजारों महिलाओं को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से झारखंड गौ सेवा आयोग रांची सक्रिय है. कहा कि पूरे राज्य में 23 निबंधित गौशाला संचालित हैं. वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही है. राज्य स्तर पर अलग-अलग जिले से 5000 महिलाओं को गोबर से पूजन में आवश्यकता वाली सामग्री निर्माण एवं उसकी बिक्री के प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा. ये महिलाएं अपने प्रखंड में 50-50 महिला समूह को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने का प्रयास करेंगी. आयोग से गौशाला प्रबंधन ही नहीं बल्कि पशुपालक भी सामान्य रूप से जुड़ सकें और सुझाव तथा समस्याओं को आयोग तक पहुंचा सकें. इसको लेकर आयोग ने राज्य स्तर पर वेबसाइट लांच किया है. कहा कि हेमंत सरकार ने गौशाला को पशु वंश के खाना मद में दिये जा रहे 20 रुपए को बढ़ाकर 100 रुपए प्रति गोवंश किया है. इस राशि को भविष्य में बढ़ाया जाएगा. अब सभी उपयुक्त से वार्ता कर आयोग ने तय कर लिया है कि गोवंश गौशाला को सुपुर्द करते ही उनकी अनुशंसा झारखंड गौ सेवा आयोग को उपलब्ध करावें, ताकि गौशाला प्रबंधन को शीघ्र राशि आवंटित की जा सके. आयोग के उपाध्यक्ष राजू गिरी ने कहा कि आयोग प्रयास कर रही है कि प्रत्येक जिले में गोमुक्ति केंद्र का संचालन शुरू हो. इसकी शुरुआत पलामू जिले से हुई है. शीघ्र ही अन्य की अन्य जिले में गोमुक्ति धाम दिखेगी. शहरी क्षेत्र में सड़क पर भड़काने वाले गोवंश के लिए जिला स्तर पर कांजी हाउस संचालित हो, इसको लेकर आयोग ने पहल शुरू कर दी है. पहले चरण में जमशेदपुर में ढाई करोड़ की लागत से कांजी हाउस का निर्माण हो रहा है. ऐसा भी आयोग का प्रयास है कि जिले स्तर पर सीएसआर के सहयोग से कांजी हाउस का निर्माण हो. इस दिशा में सरकार से वार्ता चल रही है. मौके पर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी ने स्थानीय गौशाला प्रबंधन पदाधिकारी के साथ गौशाला में रह रहे गोवंश का निरीक्षण किया. गौशाला में उपलब्ध सुविधाओं तथा समस्याओं के बारे में भी चर्चा की. मौके पर आयोग के रजिस्ट्रार डॉ मुकेश, डॉ जय तिवारी, मिंटू अग्रवाल, राजेश भारती, दिनेश हलवाई सहित अन्य थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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UMESH KUMAR

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UMESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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