गाड़ी मैकेनिक की बेटी बनीं पहली मुस्लिम महिला अधिवक्ता

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गाड़ी मैकेनिक की बेटी बनीं पहली मुस्लिम महिला अधिवक्ता

जामताड़ा. बांधपाड़ा की सलीना खातून ने अखिल भारतीय बार परीक्षा में सफलता प्राप्त कर अपने संघर्ष, मेहनत और समर्पण का शानदार उदाहरण पेश किया है.

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जामताड़ा. बांधपाड़ा की सलीना खातून अखिल भारतीय बार परीक्षा में सफलता प्राप्त कर अपने संघर्ष, मेहनत और समर्पण का उदाहरण पेश किया है. धनबाद लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री हासिल करने वाली सलीना ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे मुस्लिम समाज और जिले को गौरवान्वित किया है. सलीना खातून एक गाड़ी मैकेनिक की बेटी हैं. उनके पिता मोहम्मद मुख्तार ने कठिन परिस्थितियों में अपनी बेटी के सपनों को साकार करने में हर संभव प्रयास किया है. बताया कि सलीना ने 12वीं कक्षा से लेकर लॉ की डिग्री पूरी करने तक हमेशा प्रथम श्रेणी में सफलता हासिल की. डेढ़ साल तक जामताड़ा व्यवहार न्यायालय में अधिवक्ता विधान चंद्र मंडल और अधिवक्ता जाकिर अंसारी के मार्गदर्शन में प्रैक्टिस करने के बाद अब वह जिले की पहली मुस्लिम महिला अधिवक्ता बन गयी है. सलीना की सफलता उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है., जो अपने सपनों को पूरा करने की चाह रखती हैं. उन्होंने साबित कर दिया कि आत्मविश्वास और समर्पण से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. सलीना ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, दादा-दादी और परिवार के अन्य सदस्यों को दिया है. उनकी इस उपलब्धि ने जामताड़ा में महिलाओं की शिक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर एक नयी उम्मीद जगायी है. उनकी सफलता यह दर्शाता है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं.

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Umesh Kumar

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