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Chirudih Massacre: बहुचर्चित चिरुडीह नरसंहार के दोषी रमाकांत दत्त को उम्रकैद, जामताड़ा की अदालत ने सुनायी सजा

Updated at : 12 Jun 2024 6:33 PM (IST)
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दोषी रमाकांत दत्त

दोषी रमाकांत दत्त

Chirudih Massacre: बहुचर्चित चिरुडीह नरसंहार के दोषी रमाकांत दत्त को उम्रकैद की सजा सुनायी गयी है. बुधवार को जामताड़ा की अदालत ने फैसला सुनाया. इस मामले में झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन को अदालत पहले ही बरी कर चुकी है.

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Chirudih Massacre: जामताड़ा, उमेश कुमार-बहुचर्चित चिरूडीह नरसंहार मामले में दोषी श्यामपुर निवासी रमाकांत दत्त को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम संतोष कुमार की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनायी. इस मामले में झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन समेत अन्य आरोपी भी नामजद थे. हालांकि निचली अदालत से इन्हें पहले ही बरी किया जा चुका है.

नारायणपुर थाने में दर्ज कराया गया था मामला
जामताड़ा की अदालत में बुधवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई. इस दौरान चिरूडीह नरसंहार मामले में दोषी रमाकांत दत्त को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी. इस मामले को लेकर नारायणपुर थाने में कांड संख्या 07/1975 दर्ज करायी गयी थी. रमाकांत दत्त एवं अन्य 27 अभियुक्तों को आरोपी बनाया गया था.

11 लोगों की कर दी गयी थी हत्या
23 जनवरी 1975 को बांसपहाड़ी, रजैया, चिरूडीह, तरणी, मुचियाडीह, रसियाभीठा एवं अन्य जगहों पर नदी के किनारे घातक हथियार एवं बंदूक से लैस होकर बलवा करने के उद्देश्य से लोग जमा हुए थे. इस नरसंहार में 11 लोगों की हत्या कर दी गयी थी. आरोपियों ने कई घरों में आग लगा दी थी. इससे मवेशियों की मौत हो गयी थी. मौके से आरोपी को बंदूक डीबी बीएल 5520 के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया था.

सात दोषियों को उम्रकैद की हो चुकी है सजा
न्यायालय ने आरोपी रमांकात दत्त को धारा 148, 302, 149, 436, 429, 307 के विरुद्ध दोषी पाया था. न्यायालय ने पूर्व में ही आरोपी के खिलाफ वर्ष 2007 में ही वारंट जारी किया था. तब से आरोपी फरार था. आरोपी को पुलिस ने 8 अप्रैल 2024 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था. बता दें कि इस मामले में पूर्व में न्यायालय द्वारा सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी जा चुकी है.

शिबू सोरेन समेत अन्य हो चुके हैं बरी
इस मामले में झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन समेत अन्य आरोपी भी नामजद थे. हालांकि निचली अदालत से शिबू सोरेन सहित अन्य को पहले ही बरी किया जा चुका है.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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