प्रतिनिधि, नारायणपुर डायट पबिया में व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत एक नवाचारी कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को पूर्व व्यावसायिक शिक्षा और बस्तारहित दिवस के महत्व से अवगत कराना था. कार्यशाला की शुरुआत संकाय सदस्य कृष्णानंद के स्वागत संबोधन के साथ हुई. प्रथम सत्र का संचालन संकाय सदस्य व प्रशिक्षक तैय्यब अंसारी ने किया. उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मुख्य सिद्धांतों और विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए पूर्व व्यावसायिक शिक्षा के महत्व पर विस्तृत चर्चा की. उन्होंने बताया कि कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक वर्ष 10 दिन बस्तारहित दिवस के रूप में आयोजित किए जाएंगे. इन दिनों में विद्यार्थी बिना पुस्तक और बैग के विद्यालय आएंगे तथा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करेंगे. इसके तहत विद्यार्थियों को विभिन्न स्थलों का भ्रमण कर सीखने और अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा. इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में व्यावसायिक कौशल विकसित करना और उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है. दूसरे सत्र का नेतृत्व प्रशिक्षक दुर्गेश कुमार दुबे ने किया. उन्होंने जेसीइआरटी द्वारा प्रदान की गयी शिक्षक हस्तपुस्तिका के माध्यम से शिक्षण कौशल को और अधिक प्रभावी बनाने के तरीकों पर व्यापक चर्चा की. इस दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न समूहों में विभाजित कर गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया. इस पद्धति के माध्यम से शिक्षकों को विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक और व्यावहारिक बनाने के लिए प्रेरित किया गया. कार्यशाला के दौरान संकाय सदस्य अमीर कुमार, विशाल कुमार, शिव शंकर सोरेन, संजीत बास्की, लालू मंडल और हलधर मंडल सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे.
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