ePaper

चीन-पाकिस्तान को आर्मी चीफ की दो टूक, 1963 का समझौता अवैध, शक्सगाम घाटी में दखल बर्दाश्त नहीं

Updated at : 13 Jan 2026 4:31 PM (IST)
विज्ञापन
चीन-पाकिस्तान को आर्मी चीफ की दो टूक, 1963 का समझौता अवैध, शक्सगाम घाटी में दखल बर्दाश्त नहीं
आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी, फोटो पीटीआई

Shaksgam Valley Row: शक्सगाम घाटी पर भारत और चीन एक फिर से आमने-सामने है. भारत की आपत्तियों के बावजूद चीन ने यहां अपना दावा ठोका है. अब इस मामले पर सेना प्रमुख ने भी ड्रैगन को करारा जवाब दिया है.

विज्ञापन

Shaksgam Valley Row: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, पाकिस्तान और चीन के बीच 1963 के समझौते को भारत गैर-कानूनी मानता है. इसलिए, शक्सगाम घाटी में किसी भी गतिविधि को हम मंजूरी नहीं देते हैं. इस संबंध में विदेश मंत्रालय पहले ही बयान जारी कर चुका है. इसलिए, चीन में जो संयुक्त बयान जारी किया गया है, CPEC 2.0 के बारे में मैं जो समझता हूं, हम उसे स्वीकार नहीं करते हैं, और हम इसे दोनों देशों (चीन-पाकिस्तान) द्वारा की जा रही एक गैर-कानूनी कार्रवाई मानते हैं.

शक्सगाम घाटी पर चीन की चाल

चीन ने भारत की आपत्तियों के बीच सोमवार को शक्सगाम घाटी पर अपने क्षेत्रीय दावों को दोहराया. और कहा कि इस इलाके में उसकी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं बिल्कुल उचित हैं. चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) को लेकर भारत द्वारा आलोचना किए जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बीजिंग के पुराने रुख को दोहराया. उन्होंने कहा कि यह एक आर्थिक पहल है, जिसका उद्देश्य स्थानीय आर्थिक व सामाजिक विकास करना और लोगों की जीवन में सुधार लाना है.

शक्सगाम घाटी को भारत ने बताया अपना क्षेत्र

भारत ने पिछले शुक्रवार को शक्सगाम घाटी में चीन की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आलोचना करते हुए कहा था कि यह भारतीय क्षेत्र है. ड्रैगन और पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा, उसके पास अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, शक्सगाम घाटी भारतीय क्षेत्र है। हमने 1963 में किए गए तथाकथित चीन-पाकिस्तान ‘सीमा समझौते’ को कभी मान्यता नहीं दी है. हम लगातार कहते आए हैं कि यह समझौता अवैध और अमान्य है. उन्होंने कहा, हम तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को भी मान्यता नहीं देते, क्योंकि यह भारतीय क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिसपर पाकिस्तान का अवैध और जबरन कब्जा है.

1963 में पाकिस्तान ने शक्सगाम घाटी के 5180 वर्ग किलोमीटर हिस्से को चीन को सौंप दिया था

पाकिस्तान ने 1963 में अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र में से शक्सगाम घाटी के 5180 वर्ग किलोमीटर हिस्से को चीन को सौंप दिया था.

ये भी पढ़ें: ऑपरेशन सिंदूर के बाद से डरा हुआ है पाकिस्तान, ड्रोन भेजने की वजह आई सामने

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola