चितरंजन में रेलवे ट्रैक से 46 पैडल क्लीप खोला, बड़ी रेल दुर्घटना टली, किसी उग्रवादी या आतंकी की थी साजिश !

Published at :12 Aug 2015 1:51 AM (IST)
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चितरंजन में रेलवे ट्रैक से 46 पैडल क्लीप खोला, बड़ी रेल दुर्घटना टली, किसी उग्रवादी या आतंकी की थी साजिश !

मिहिजाम : हावड़ा-नयी दिल्ली मेन रेलवे लाइन पर चितरंजन के निकट ढेकीपाड़ा के पास मंगलवार को ट्रैक से 46 पैडल क्लिप खुले हुए पाये गये हैं. वो तो भगवान का शुक्र कहा जाय कि मौके पर रेल कर्मियों को इसके बारे में पता चल गया. वरना कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती थी. घटना सुबह […]

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मिहिजाम : हावड़ा-नयी दिल्ली मेन रेलवे लाइन पर चितरंजन के निकट ढेकीपाड़ा के पास मंगलवार को ट्रैक से 46 पैडल क्लिप खुले हुए पाये गये हैं. वो तो भगवान का शुक्र कहा जाय कि मौके पर रेल कर्मियों को इसके बारे में पता चल गया. वरना कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती थी. घटना सुबह 10 बजे की है. खोजबीन के दौरान एक झाड़ी में कुछ पैडल क्लिप मिले हैं. ये पैडल क्लिप किसने खोला इसका पता नहीं चल पाया है.
लेकिन सबसे गौर करने वाली बात यह है कि एक फिस प्लेट खोलने में काफी समय लगते हैं और इतनी अधिक संख्या में फिस प्लेट को खोलने में समय भी काफी लगा होगा और लोग भी काफी संख्या में होंगे लेकिन इतने समय तक किसी की नजर इन लोगों पर नहीं पड़ी. हालांकि मामले की जानकारी मिलते ही रेलवे ने इस ट्रैक पर रेल का परिचालन बंद करा दिया. करीब एक घंटे में ताबड़तोड़ काम कर इसे ठीक किया जा सका और फिर से परिचालन संभव हो सका. इस दौरान अप लाइन की इएमयू करीब 40 मिनट चितरंजन रेलवे स्टेशन पर रुकी रही. बाकी की ट्रेनें जहां तहां खड़ी रही.
राजधानी एक्सप्रेस में हथियारबंद यात्री से सनसनी : धनबाद . हावड़ा से नयी दिल्ली जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस में एक यात्री बार-बार हथियार चमका रहा है. यह सूचना मिलते ही धनबाद आरपीएफ हरकत में आ गया. धनबाद में ट्रेन के आने का इंतजार होने लगा. रात आठ बजे के लगभग जैसे ही ट्रेन धनबाद में रुकी आरपीएफ इंस्पेक्टर बीएन मिश्रा ने दल-बल के साथ छापामारी की. एसी ए वन के बर्थ नंबर छह व सात में पिस्तौल के साथ दो व्यक्ति बैठे मिले. पूछताछ में उन लोगों ने पिस्तौल का लाइसेंस दिखाया. उनका लाइसेंस ऑल ओवर इंडिया का था. उन लोगों ने बताया कि एक पुरानी पिस्तौल है और एक नयी. वे लोग आपस में देख रहे थे.
हो सकता है कि किसी सहयात्री को शक हुआ हो और उन लोगों ने फोन कर सूचना दे दी. आरपीएफ ने सभी कागजात की जांच करने के बाद उन लोगों को छोड़ दिया. इनमें से एक मणिकांत शुक्ला लखनऊ और दूसरा वैभव सेठी गोरखपुर कैंट के रहने वाले हैं.
अब सवाल यह उठता है कि क्लीप किसने खोली. क्लीप खोलने के लिए भारी हथौड़े का प्रयोग होता है और समय भी लगता है. अगर चोरी की नीयत से इसे खोला भी गया होगा तो पास के झाडि़यों में ही क्लीप क्यों छुपाया गया.
और अगर इसके विपरित कोई कार्य किए जाने की योजना थी तो इस पर प्रशासन को और अलर्ट होने की आवश्यकता है. ऐसे दो सवाल खड़े हो रहे हैं. क्योंकि केंद्रीय खुफिया एजेंसी ने भी उपद्रवी और आतंकवादी गतिविधियों के लिए देश भर में अलर्ट जारी किया है. स्वतंत्रता दिवस से पूर्व ये उपद्रव मचा सकते हैं शायद यह भी संभव है कि इसी के तहत इन पैडल क्लीप को खोला गया हो. संभावना यह भी जताई जा रही है कि जिले में उग्रवाद या नक्सली गतिविधियां भी अपना पैर पसारने के लिए किसी अनहोनी वारदात को अंजाम देने की योजना के तहत ऐसी हरकत की हो.
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