बुनियादी साक्षरता जांच परीक्षा में 27 बुजुर्ग हुए शामिल

जामताड़ा. शिक्षा की कोई उम्र नहीं होती. यह बात जिले की उन महिलाओं-पुरुषों ने साबित कर दिखाया है, जो 50 से 60 साल तक अनपढ़ थे, लेकिन अब साक्षर हो चुके हैं.
जामताड़ा. शिक्षा की कोई उम्र नहीं होती. यह बात जिले की उन महिलाओं-पुरुषों ने साबित कर दिखाया है, जो 50 से 60 साल तक अनपढ़ थे, लेकिन अब साक्षर हो चुके हैं. इनमें कई ऐसे हैं जिनके बेटे-बेटियों की शादी हो चुकी है. घर में पोते-पोतियों, नाती- नतनी की रौनक है. रविवार को नारायणपुर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय रानीडीह में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक जांच परीक्षा आयोजित हुई, जिसमें 27 बुजुर्गों ने अपनी साक्षरता की जांच परीक्षा दी. प्रधानाध्यापक एसएम इमाम ने बताया कि बहुत सारे ऐसे बुजुर्ग हैं, जिन्हें देखने में काफी परेशानी हो रही थी, परंतु उनका जज्बा इस परीक्षा को देने के लिए, देखने लायक था. बताया कि कई ऐसे बुजुर्ग आए जिन्हें संभाल कर परीक्षा कक्ष ले जाया गया. उन्हें परीक्षा की कॉपी दी गयी. बहुत प्रसन्नता से जांच परीक्षा की कॉपियों को देखा-पढ़ा और अपना उत्तर लिखा. परीक्षार्थी संजोनी मरांडी ने बताया कि हम अपने बच्चों को प्रोत्साहित करने आएं है, ताकि हमारे बच्चे पढ़ लिख कर नौकरी प्राप्त कर सकें. परीक्षा में वीक्षक के रूप में शिक्षक अशोक कुमार, प्रधानाध्यापक सैयद इमाम, परीक्षार्थी बाबुन मुर्मू, वासुदेव मरांडी, काछोली मुर्मू, सोनामुनी हांसदा आदि थे.
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