जिले के झोला छाप डॉक्टरों पर कसेगा शिकंजा

Updated at : 04 Dec 2017 8:52 AM (IST)
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जिले के झोला छाप डॉक्टरों पर कसेगा शिकंजा

जामताड़ा : जिले में अपनी दुकान चला रहे झोला छाप डॉक्टरों को शीघ्र ही अपनी दुकान समेटनी पड़ेगी़. सरकार जिला के पदाधिकारियों को इन पर शिकंजा कसने का निर्देश पूर्व में दी चुकी है़, लेकिन जिलास्तर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे डॉक्टरों पर शिकंजा नहीं कसने व लेटलतीफी करने के कारण मुख्य सचिव राजबाला वर्मा […]

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जामताड़ा : जिले में अपनी दुकान चला रहे झोला छाप डॉक्टरों को शीघ्र ही अपनी दुकान समेटनी पड़ेगी़. सरकार जिला के पदाधिकारियों को इन पर शिकंजा कसने का निर्देश पूर्व में दी चुकी है़, लेकिन जिलास्तर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे डॉक्टरों पर शिकंजा नहीं कसने व लेटलतीफी करने के कारण मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव ने एक बार फिर जिलास्तर के पदाधिकारियों को ऐसे डॉक्टरों को चिह्नित कर उन पर एफआइआर दर्ज करने का निर्देश दिया है़.
झोला छाप डॉक्टरों पर विभागीय शिकंजा करने से गांवों के मरीज ठगी के शिकार होने से बच जायेंगे. झोला छाप डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ल्ले से प्रैक्टिस करते है़ं. इनमें से कुछ पूर्व में कम्पाउंडर के रूप में कार्य कर चुके लोग होते हैं, तो कई के पास फर्जी डिग्री भी होती है़. यहां तक कि होम्योपैथिक और आयुर्वेद डॉक्टर भी धड़ल्ले से एलोपैथी दवा मरीजों को देते हैं. सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी व उनकी अनुपस्थिति के कारण भी झोला छाप डॉक्टरों की पूछ गांव स्तर पर बढ़ जाती है़.
पूर्व में भी ऐसे डॉक्टरों को चिह्नित कर मांगा गया था नाम
स्वास्थ्य विभाग ने पूर्व में भी सभी प्रखंड मुख्यालयों से गांव स्तर पर इलाज कर रहे ऐसे झोला छाप डॉक्टरों की पहचान कर नाम मांगा था़. कई प्रखंडों से ऐसे डॉक्टरों को चिह्नित कर जिला स्तर पर दिया गया, लेकिन विभाग के आला अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं की. जिला में ऐसे चिह्नित झोला छाप चिकित्सकों ने कुछ दिनों के लिए अपनी दुकान समेट दिया था़.
किसी प्रकार का कार्रवाई नहीं होते देख ऐसे चिह्नित झोलाछाप डॉक्टरों ने धीरे-धीरे अपना प्रैक्टिस पुन: शुरू कर दिया. झोलाछाप डॉक्टरों के झांसे में अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र के लोग आते हैं. जिससे आये दिन मरीजों का इलाज कराते है़ं, लेकिन मरीजों की अच्छी तरह से बीमारी की पहचान न हो पाने के कारण उन्हें मौत का सामना करना पड़ता है़. ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने जिला स्तर पर झोला छाप डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है.
क्या कहते हैं सीएस
जिले भर में ऐसे झोला छाप डॉक्टरों को चिह्नित किया जायेगा़. इसको लेकर जल्द ही सभी चिकित्सा पदाधिकारी व प्रभारी को निर्देश दिया जायेगा. ताकि जिला में ऐसे डॉक्टरों की पहचान कर कार्रवाई हो सके़.
– डॉ बीके साहा, सीएस, जामताड़ा
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