लक्ष्य 1237, मात्र 527 आवेदन स्वीकृति
Updated at : 30 Nov 2017 5:37 AM (IST)
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उदासीनता. जामताड़ा जिले में दम तोड़ रही मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना योजना का सही ढंग से नहीं हुआ है प्रचार-प्रसार जामताड़ा : सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना जामताड़ा जिला में असफल साबित हो रहा है़ झारखंड सरकार ने वर्ष 2005 में इस योजना की शुरुआत इस उद्देश्य के साथ की थी कि […]
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उदासीनता. जामताड़ा जिले में दम तोड़ रही मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना
योजना का सही ढंग से नहीं हुआ है प्रचार-प्रसार
जामताड़ा : सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना जामताड़ा जिला में असफल साबित हो रहा है़ झारखंड सरकार ने वर्ष 2005 में इस योजना की शुरुआत इस उद्देश्य के साथ की थी कि जिलों में गरीबी रेखा से नीचे रहनेवाली बेटियों का कुछ भला हो जाये. उनका घर बसाया जाये…जैसे शादी, शिक्षा आदि. लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. सच माना जाये तो इस योजना का प्रचार- प्रसार सही ढंग से नहीं हुआ है. जिसके कारण लोग योजना का लाभ लेने में पीछे रह रहे हैं.
इसका एक और कारण माना जा सकता है कि विभाग अपने कार्य और दायित्व से पीछे हट रहा है. यही कारण है कि जामताड़ा जिले में मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाड़ली योजना दम तोड़ रही है. बताया जाता है कि लक्ष्मी लाडली योजना के तहत जिले को वित्तीय वर्ष 2017-18 में कुल लक्ष्य 1237 दिये गये थे. वर्ष दस माह बीत जाने के बाद मात्र 537 आवेदनों की ही स्वीकृति हुई है. नतीजतन विभाग लक्ष्य प्राप्त करने से कोसों दूर है़ मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना के तहत पूर्व के वित्तीय वर्षों में गरीब बेटियों की शादियों में 10 हजार रुपये तक के आभूषण सहित अन्य सामान, जो एक घर बसाने के लिए जरूरी होता है दिये गये थे.
क्या है योजना
गरीबी रेखा से नीचे गुजर- बसर करने वाले परिवार के बेटियों के लिए मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना किसी वरदान से कम नहीं है़ इस योजना के तहत बेटी का जन्म होने के बाद से ही पांच वर्ष तक प्रतिवर्ष उनके डाकघर के खाते में छह हजार रुपये सरकार द्वारा दिया जाता है़ इसके लिए डाकघर में एक निश्चित राशि के लिए खाता खोला जाता है. बालिका जब छठी कक्षा में प्रवेश करेगी तब उसे दो हजार रुपये और नवीं में प्रवेश करने पर चार हजार रुपये एक मुश्त देय होगा़ इसी तरह 11वीं में प्रवेश करने पर 7500 रुपये देय होगा़ साथ ही ग्यारवीं व बारहवीं कक्षा में इन बालिकाओं को अन्य योजनाओं से प्राप्त होने वाली सुविधाओं के अलावा प्रतिमाह बतौर छात्रवृत्ति दो सौ रुपये दिये जाने की योजना है़ बालिका की आयु 18 वर्ष होने और बारहवीं की परीक्षा में सम्मिलित हो जाने पर उसे एक मुश्त एक लाख आठ हजार छह सौ रुपये दिये जाते हैं.
योजना का प्रखंडवार आंकड़ा
प्रखंड का नाम आवंटित लक्ष्य स्वीकृत आवेदन
जामताड़ा 252 107
नारायणपुर 243 81
नाला 249 107
कुंडहित 147 103
फतेहपुर 177 63
करमाटांड़ 169 66
कुल 1237 527
क्या कहते हैं एसडब्ल्यूओ
लाभुकों का समय पर आय, आवासीय प्रमाण पत्र नहीं बनने से स्वीकृति के लिए आवेदन लंबित है़ आय, आवासीय समय पर जमा होने से आवेदनों की स्वीकृति में तेजी आयेगी़ साथ ही समय पर लक्ष्य को पूरा कर लिया जायेगा़
– चित्रा यादव, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जामताड़ा
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