अपग्रेड स्कूल में शिक्षकों का टोटा, पढ़ाई प्रभावित

Updated at : 25 Nov 2017 5:00 AM (IST)
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अपग्रेड स्कूल में शिक्षकों का टोटा, पढ़ाई प्रभावित

शिक्षा. राजकीयकृत उच्च विद्यालय में उपस्कर, शिक्षक व अन्य संसाधनों का अभाव छात्रों का सिलेबस भी समय पर नहीं हो पा रहा है पूरा मैट्रिक का रिजल्ट हो सकता है प्रभावित मिहिजाम : शिक्षक विहीन विद्यालयों में शिक्षा का स्तर कैसा होगा. ऐसे विद्यालयों में अध्ययन करने वाले छात्र शैक्षणिक कार्य का कितना लाभ उठा […]

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शिक्षा. राजकीयकृत उच्च विद्यालय में उपस्कर, शिक्षक व अन्य संसाधनों का अभाव

छात्रों का सिलेबस भी समय पर नहीं हो पा
रहा है पूरा
मैट्रिक का रिजल्ट हो सकता है प्रभावित
मिहिजाम : शिक्षक विहीन विद्यालयों में शिक्षा का स्तर कैसा होगा. ऐसे विद्यालयों में अध्ययन करने वाले छात्र शैक्षणिक कार्य का कितना लाभ उठा पा रहे हैं. यह सवाल प्रमुखता से उठ रही है. सरकार ने सबों को शिक्षा प्रदान करने के लिए विद्यालयों को अपग्रेड तो कर दिया, लेकिन छात्रों के अनुपात में शिक्षक विद्यालयों को उपलब्ध नहीं कराये गये. इससे छात्रों का शैक्षणिक विकास बाधित हो रहा है. मिहिजाम नगर स्थित राजयकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय की हालात भी कुछ इस प्रकार है. जहां एक हजार से अधिक छात्र नामांकित हो, लेकिन इन्हें पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक नहीं रहे तो स्थिति की विकटता सामने आती है.
विद्यालय में प्लस टू में पढ़ने वाले छात्राओं की संख्या 680 है. यहां तीनों संकायों कला वाणिज्य तथा विज्ञान की पढ़ाई होती है. लेकिन विषयवार शिक्षकों को यहां टोटा चल रहा है. शिक्षकों के अलावा उपस्कर भवन की कमी का छात्राओं को समाना करना पड़ रहा है. विद्यालय में वर्ष 1996 में प्लस टू की पढ़ाई केवल छात्राओ के लिए आरम्भ हुई थी. लेकिन विद्यालय को इसके लिए अलग से भवन तथा अन्य सामग्री उपलब्ध नहीं कराया गया. 680 छात्राओं को पढ़ाने के लिए मात्र छह शिक्षक उपलब्ध हैं. कई विषयों के शिक्षक नहीं रहने से पढ़ाई बाधित हो रही है. यह अलग बात है कि यहां की छात्राएं वार्षिक परीक्षा में बेहतर नंबर से उर्तीण होती रही है. जिले को कला वाणिज्य एवं विज्ञान विषयों में जिला टॉपर इस विद्यालय ने दिये हैं. इससे ठीक उलट दशा विद्यालय में नौवीं एवं दशम कक्षा की है. नवम एवं दशम कक्षा के कुल 650 छात्र विद्यालय में अध्ययन कर रहे हैं. वहीं इसके लिए मात्र गणित विषय के शिक्षक विद्यालय में है. अंदाजा लगाया जा सकता है बच्चों की पढ़ाई किस प्रकार हो पा रही है.
प्लस टू में इन विषयों के नहीं हैं शिक्षक
कला संकाय में अंग्रेजी, हिंदी, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र के शिक्षक नहीं है. वाणिज्य में मात्र एक शिक्षक है. वहीं विज्ञान संकाय में रसायन शास्त्र, भौतिकी, जीवविज्ञान के शिक्षक नहीं है. प्लस टू में कुल स्वीकृत पद विज्ञान में एक, कला में चार तथा वाणिज्य में एक है.
क्या कहते हैं प्राचार्य
प्रभारी प्राचार्य दिनेश प्रसाद ठाकुर का कहना है कि विद्यालय में प्लस टू तथा नवम एवं दशम कक्षा के सुचारु रूप से संचालन के लिए शिक्षकों का अभाव है, जो शिक्षक उपलब्ध है. उनसे ही समायोजन कर कक्षा का संचालन किया जा रहा है. विद्यालय में भवन व उपस्कर का भी अभाव है.
क्या कहते हैं शिक्षक
वाणिज्य विभाग के शिक्षक विनय कुमार गोराई का कहना है कि परीक्षाफल बेहतर होने के बावजूद वाणिज्य में छात्रों की रुचि कम होने लगी है. विद्यालय में संसाधन के अभाव का भी पठन-पाठन पर प्रभाव पड़ता है. इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है. शिक्षकों की भी कमी है.
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