Jamshedpur News : साकची से दो सांड़ ट्रेंकुलाइज कर पकड़े गये, भेजे गये गौशला
Updated at : 13 Dec 2025 1:02 AM (IST)
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Jamshedpur News : शहर को उग्र और आवारा पशुओं से मुक्त कराने का बहुप्रतीक्षित अभियान शुक्रवार से शुरू हो गया.पहले दिन साकची स्टेट माइल रोड स्थित रामलीला मैदान के पास से दो सांड़ों को पकड़ा गया.
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जेएनएसी एरिया में आवारा पशु धर-पकड़ अभियान शुरू, इयर टैग लगाकर भेजा गौशाला
Jamshedpur News :
शहर को उग्र और आवारा पशुओं से मुक्त कराने का बहुप्रतीक्षित अभियान शुक्रवार से शुरू हो गया. जेएनसी के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार के निर्देशानुसार पहले दिन साकची स्टेट माइल रोड स्थित रामलीला मैदान के पास से दो सांड़ों को पकड़ा गया. सुबह 8:30 बजे जेएनएसी कार्यालय में संयुक्त टीम जुटी. जिसमें जिला पशुपालन पदाधिकारी, जेएनएसी, मानगो नगर निगम, जुस्को, टाटा जूलॉजिकल पार्क और गौशाला के सदस्य शामिल थे. टीम साकची रामलीला मैदान पहुंची. जहां सांड़ों को काबू करने के लिए डार्ट गन के माध्यम से ट्रेंकुलाइज (बेहोशी का इंजेक्शन) दिया गया. बेहोश होने के बाद सांड़ों को रस्सी से बांधा गया और पहचान एवं रिकॉर्ड के लिए इयर टैग लगाये गये. इसके उपरांत जेसीबी और कर्मचारियों की सहायता से वाहन में लोड कर सुरक्षित टाटा नगर गौशाला पहुंचाया गया. अभियान दोपहर 12:30 बजे तक चला. अभियान में जेएनएसी के तरणीश कुमार हंस, सिटी मैनेजर ज्योतिपुंज पांडेय, वेटनरी ऑफिसर डॉ. सागर हांसदा, पशुपालन विभाग के डॉ. ज्योतिंद्र नारायण, डॉ. आशुतोष मांझी, जुस्को से दीपांकर, टाटा जूलॉजिकल पार्क से सुशेन चंद्र महतो और गौशाला कर्मी सक्रिय रूप से शामिल थे. उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार ने टीम के सदस्यों को व्यस्त मार्गों, बाजार क्षेत्रों और दुर्घटना संभावित स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है. उन्होंने पकड़े गये पशुओं का उचित दस्तावेजीकरण करने और अभियान की प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा. अभियान शहर को आवारा पशुओं से पूरी तरह मुक्त करने तक जारी रहेगा.पालतू पशुओं को खुला न छोड़ें
जेएनएसी ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने पालतू पशुओं को खुला न छोड़ें और आवारा पशुओं की सूचना तुरंत जेएनएसी के कंट्रोल रूम को दें. अब आवारा पशुओं की धर-पकड़ का अगला अभियान उन क्षेत्रों पर केंद्रित होगा. जो उच्च यातायात घनत्व वाले हैं और जहां पशुओं के कारण दुर्घटनाएं होने की संभावना अधिक है. टीम उन मार्गों पर विशेष रूप से निगरानी रखेगी. जहां पशु रात के समय सड़कों पर आ जाते हैं और अंधेरे में दुर्घटना का कारण बनते हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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