Jamshedpur News : कहीं गर्म, तो कहीं गंदा पानी पीने को विवश हैं विद्यार्थी

Updated at : 15 May 2025 1:10 AM (IST)
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Jamshedpur News :  कहीं गर्म, तो कहीं गंदा पानी पीने को विवश हैं विद्यार्थी

Jamshedpur News : गैर कंपनी इलाकों में स्थित सरकारी स्कूल व कॉलेजों में इस भीषण गर्मी में पानी की समस्या बरकरार है. यहां ‘बिन पानी सब सून’ वाली स्थिति है.

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गैर कंपनी इलाकों में स्थित सरकारी स्कूल व कॉलेजों में पानी की किल्लत से परेशानी

Jamshedpur News :

गैर कंपनी इलाकों में स्थित सरकारी स्कूल व कॉलेजों में इस भीषण गर्मी में पानी की समस्या बरकरार है. यहां ‘बिन पानी सब सून’ वाली स्थिति है. वहीं कंपनी इलाकों में सप्लाई पानी की व्यवस्था है. कुछ गैर कंपनी क्षेत्र में भी सप्लाई पानी मिल रहा है, मगर वह गर्म है. कई सरकारी स्कूल में चापाकल लगे हैं. मगर इस भीषण गर्मी में वाटर लेवल इतना नीचे चला गया है कि पानी निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है. इधर पाइपलाइन में आयी खराबी व मरम्मत के नाम पर पानी सप्लाई भी नियमित नहीं है. हर साल गर्मी में स्कूल-कॉलेजों में पानी की समस्या से विद्यार्थी परेशान रहते हैं.

ग्रेजुएट कॉलेज : पानी के कूलर में सफाई की कमी, बाथरूम से आती है दुर्गंध

साकची स्थित ग्रेजुएट कॉलेज में पानी की समस्या के कारण छात्राएं परेशान हैं. कॉलेज में पीने का पानी तो है, लेकिन पानी का कूलर कैंटीन में लगा हुआ है, जो कॉलेज बिल्डिंग के पीछे में है और कक्षा से काफी दूर है. गर्मी और तेज धूप के कारण छात्राओं को वहां जाने में परेशानी होती है. छात्राएं बताती हैं कि कूलर का पानी ठंडा तो रहता है, लेकिन वहां सफाई नहीं रहती है. बाथरूम भी गंदा रहता है. नियमित सफाई नहीं होने की वजह से गंदा पानी जमा रहता है और दुर्गंध भी आती रहती है. कॉलेज प्रबंधन द्वारा इसपर संज्ञान नहीं लिया जाता है. वाटर प्यूरीफायर और पेड वेंडिंग मशीन भी खराब पड़ी है.

छात्राओं के बोल…

घर से पानी लेकर आती हूं. कॉलेज की बिल्डिंग के पीछे कैंटीन के बगल में वाटर कूलर है. पानी खत्म हो जाने पर वहां जाना पड़ता है. तेज धूप में वहां जाने में परेशानी होती है.

– निशा कुमारी, डिमना.

बाथरूम की सफाई नियमित नहीं होती है. ज्यादातर लड़कियां बाथरूम का इस्तेमाल करने से परहेज करती हैं. पीने का पानी घर से लेकर आती हूं. पानी खत्म हो जाने पर परेशानी होती है.

– नीलम हेम्ब्रम. गम्हरिया.

गर्मी के दिनों में कॉलेज में साफ पानी की व्यवस्था होनी चाहिए. वाटर प्यूरीफायर खराब है. डायरेक्ट नल का पानी पीना पड़ता है. वैसे घर से पानी लेकर आती हूं.

– डेलको बेसरा, नीरुडीह

वर्जन….

कॉलेज में सफाईकर्मी व स्टाफ की कमी है. एजेंसी द्वारा इसकी नियुक्ति की जाने पर समस्या का निदान संभव है. कॉलेज द्वारा इन समस्याओं के समाधान के लिए निजी स्तर पर प्रयास किया जा रहा है.

– : डॉ वीणा प्रियदर्शी, प्राचार्या

जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी : पीने का साफ पानी और शौचालय में साफ-सफाई की समस्या

झारखंड के एकमात्र महिला विश्वविद्यालय के बिष्टुपुर और सिदगोड़ा कैंपस में पानी की समस्या बरकरार है. विश्वविद्यालय में 12 हजार छात्राएं पढ़ रहीं हैं, लेकिन वहां पीने का साफ पानी व शौचालय की नियमित साफ-सफाई की समस्या है. जिसकी वजह से छात्राओं को परेशानी होती है. सिदगोड़ा कैंपस में अस्थायी पानी का कनेक्शन है. दो वाटर कूलर है, जो प्रबंधकीय विभाग में है, जहां छात्राओं का प्रवेश वर्जित है. छात्राओं के लिए पहले तल्ले पर सप्लाई नल लगाया गया है, जहां कभी पानी आता है, कभी नहीं आता है. हालांकि छात्राओं की परेशानी को देखते हुए बिष्टुपुर कैंपस के बीएड विभाग में वाटर कूलर को ठीक कराया गया है.

वर्जन….

पानी के स्थायी कनेक्शन के लिए यूनिवर्सिटी प्रयासरत है. जल्द ही इसका समाधान हो जायेगा. सिदगोड़ा कैंपस में मिट्टी का घड़ा मंगवाया गया है. अस्थायी व्यवस्था की जा रही है.

– डॉ राजेंद्र कुमार जायसवाल, रजिस्ट्रार

बोरिंग से नहीं आता है पानी, सप्लाई भी नियमित नहीं

न्यू उलीडीह स्थित आदिवासी जन कल्याण हाई स्कूल में बोरिंग तो है, मगर पानी नहीं आ रहा है. जल संसाधन विभाग द्वारा कई बार इसकी जांच करायी गयी, लेकिन सुधार नहीं हुआ. स्कूल में सप्लाई पानी का कनेक्शन है, मगर नियमित सप्लाई पानी नहीं आने से विद्यार्थियों को परेशानी होती है. ऐसे में स्थानीय लोगों व समाजसेवियों से सहयोग लिया जाता है. वहीं मानगो के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी स्कूल में करीब 500 विद्यार्थी हैं. वहां भी सप्लाई पानी का कनेक्शन है, मगर नियमित सप्लाई नहीं आने की वजह से परेशानी होती है.

वर्जन…

हाल ही ठक्कर बापा स्कूल में पानी की समस्या सामने आयी थी, तुरंत संज्ञान लिया गया. जल्द ही स्कूल में डीप बोरिंग करायी जायेगी. अन्य किसी भी स्कूल से पानी की समस्या की शिकायत नहीं मिली है. पानी की समस्या के निराकरण को लेकर जल संसाधन विभाग, जेएनएसी एवं जुस्को से संपर्क किया गया है. शिकायत मिलते ही तुरंत निराकरण की कार्रवाई की जायेगी. स्कूल प्रबंधन से भी आग्रह है कि वे निजी स्तर पर मिट्टी का घड़ा रखने की व्यवस्था करें. स्कूलों में गर्मी में ओआरएस देने की व्यवस्था की जा रही है.

– डॉ आशीष पांडेय, जिला शिक्षा अधीक्षकB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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