झारखंड : पोटका के ग्रामीण युवा सिंगराई ने यूपीएससी सीएपीएफ में हासिल की 258वीं रैंक, बनेंगे असिस्टेंट कमांडेंट
अपने माता-पिता के साथ सिंगराई हांसदा
पूर्वी सिंहभूम के सिंगराई हांसदा ने यूपीएससी सीएपीएफ परीक्षा में 258वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट कमांडेंट बनकर जिले का नाम रोशन किया है.
जमशेदपुर. परिंदों को मंजिल मिलेगी यकीनन, यह फैले हुए उनके पंख बोलते हैं. वो लोग रहते हैं खामोश अक्सर, जमाने में जिनके हुनर बोलते हैं. इस कहावत को सच कर दिखाया है. पूर्वी सिंहभूम के पोटका कोवाली के सुदूर बोड़ामपुट गांव के 25 वर्षीय आदिवासी युवा सिंगराई हांसदा ने यूपीएससी सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (सीएपीएफ) की असिस्टेंट कमांडेंट्स परीक्षा-2025 में सफलता का परचम लहराया है. विगत 7 अगस्त को जारी परिणाम में उन्हें ऑल इंडिया स्तर पर 258वीं रैंक हासिल की है. इस परीक्षा के माध्यम से ऑल इंडिया स्तर पर कुल 350 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जिसमें पूरे झारखंड से महज चार मेधावी छात्रों ने अपनी जगह बनायी हैं. रांची, हजारीबाग और धनबाद के अलावा पूर्वी सिंहभूम जिले से एकमात्र चयनित अभ्यर्थी सिंगराई हांसदा हैं. लिखित परीक्षा 3 अगस्त 2025 को आयोजित की गयी थी, जिसके बाद 21 मई 2026 को दिल्ली स्थित यूपीएससी भवन में उनका इंटरव्यू हुआ. अपनी कड़ी मेहनत के बल पर सिंगराई ने न सिर्फ अपने गांव बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है.
असिस्टेंट कमांडेंट बनने के जुनून में छोड़ी प्राइवेट जॉब
सिंगराई का शैक्षणिक सफर भी अनुकरणीय रहा है. उन्होंने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई बोकारो स्टील सिटी से पूरी की, जिसके बाद एनआइटी जालंधर से बीटेक की डिग्री हासिल की. बीटेक के बाद उन्हें एक नामी प्राइवेट कंसल्टेंसी कंपनी में आकर्षक नौकरी मिल गई थी. हालांकि, उनका दिल हमेशा देश सेवा और प्रशासनिक अधिकारी बनने के सपने से जुड़ा था. महज 5 महीने काम करने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी लगन से यूपीएससी की तैयारी में जुट गये.

सिंगराई बताते हैं कि उनके पिता ने ही उन्हें इस क्षेत्र में जाने के लिए प्रेरित किया. युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए निरंतर कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन बेहद जरूरी है, जिससे मन की हर शंका दूर हो जाती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By दशमत सोरेन
दशमत सोरेन ने रांची विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर किया है. वे 29 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उनकी विशेषज्ञता मुख्य रूप से झारखंड की आदिवासी-मूलवासी राजनीति, स्थानीय समुदायों की भाषा-संस्कृति और यहां के सामाजिक ताना-बाना है. वे वर्ष 2010 से प्रभात खबर के साथ एक ट्राइबल रिपोर्टर के रूप में काम कर रहे हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए









