Jamshedpur News : गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं केबुल बस्ती के लोग

Updated at : 04 Jan 2026 1:21 AM (IST)
विज्ञापन
Jamshedpur News : गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं केबुल बस्ती के लोग

Jamshedpur News : केबुल टाउन मैदान में शनिवार को प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए और क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को लेकर खुलकर अपनी बातें रखीं.

विज्ञापन

प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम में केबुल बस्ती के लोगों ने रखीं समस्याएं

Jamshedpur News :

केबुल टाउन मैदान में शनिवार को प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए और क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को लेकर खुलकर अपनी बातें रखीं. लोगों ने बताया कि इलाके में कई स्थानों पर नालियों की व्यवस्था नहीं है, जिससे घरों का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है. जहां नालियां हैं, उनकी नियमित सफाई नहीं होती, जिसके कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है. इसके अलावा पूरे क्षेत्र में कचरे का अंबार लगा हुआ है. नियमित कचरा उठाव नहीं होने से कचरा सड़कों पर फैल जाता है, जिससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी होती है.

स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बस्ती में नालियों पर अवैध कब्जा किया जा रहा है, जिससे जल निकासी की समस्या और गंभीर हो गयी है. वहीं केबुल कंपनी की दीवार टूटी हुई है, जिसके कारण लगातार चोरी की घटनाएं हो रही हैं. लोगों ने इसे जल्द दुरुस्त कराने की मांग की. इसके अलावा हाल ही में जर्नल ऑफिस में आग लगने की घटना पर भी सवाल उठाये गये. लोगों ने कहा कि वहां बिजली कनेक्शन तक नहीं था, ऐसे में आग कैसे लगी, इसकी सीबीआई जांच करायी जानी चाहिए. साथ ही केबुल कंपनी में पूर्व में कार्यरत कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखने या उनके आश्रितों को नौकरी देने की मांग भी उठायी गयी. लोगों ने इन सभी मुद्दों पर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की.

——————————————————————केबुल कंपनी लगभग 25 साल से बंद है. जिससे यहां रहने वाले लोगों की स्थिति काफी खराब हो गयी है. इसके साथ ही केबुल बस्ती में गंदगी का अंबार लगा हुआ है. नाली टूटी हुई है. जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है.

नरेंद्र कुमार सिंह, केबुल बस्ती——————————————————————–केबुल बस्ती में नाली के साथ सड़क भी टूटी है. जिससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है. नाली जाम होने के कारण गंदा पानी सड़क पर बहता है. कचरा की सफाई नहीं होने के कारण बीमारी फैलने की आंशका बनी हुई है.

मोहन यादव, केबुल बस्ती———————————————————————–केबुल कंपनी खुलने वाली है. इसमें जो भी कर्मचारी काम करते थे, उनकी समस्याओं का निदान हो. कंपनी में जो कर्मचारी काम करते थे, सबसे पहले नौकरी उनको मिलनी चाहिए.

मनोज कुमार, केबुल बस्ती———————————————————————केबुल कंपनी बंद होने से उसमें काम करने वाले कर्मचारियों की स्थिति काफी खराब हो गयी थी. लेकिन जब अब खुलने की उम्मीद जगी है, तो इसमें पुराने कर्मचारियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. जो कर्मचारी रिटायर्ड हो गये हैं उनके बच्चों को नौकरी मिलनी चाहिए.

चंद्रशेखर दुबे, केबुल टाउन——————————————————————–केबुल कंपनी चले तो प्रबंधन को कंपनी के कर्मचारियों के बच्चों के बारे में भी सोचना चाहिए. ताकि इतने दिनों की उम्मीद पूरी हो सके. कंपनी को चलाने के लिए सभी को लेकर चलने की जरूरत है.

अनिल सिंह, केबुल बस्ती————————————————————-केबुल बस्ती में बनी नाली पर भी लोगों के द्वारा कब्जा किया जा रहा है. जिससे नाली जाम हो जा रही है. गंदा पानी उसी में जमा रहता है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को दुर्गंध से काफी परेशानी होती है.

विनय सिंह, केबुल बस्ती————————————————————-आज लगभग 25 साल से केबुल कंपनी बंद है. इस दौरान किसी भी जन प्रतिनिधि के द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया. यहां पानी, बिजली, सफाई की बहुत समस्या है. इसको देखने वाला कोई नहीं है. कंपनी खुलने वाली है, तो पुराने कर्मचारियों की सुविधा, नौकरी, बकाया पैसे की कोई भी होनी चाहिए.

विपिन झा, केबुल टाउन————————————————————बस्ती व उसके आसपास नाली टूटी है. सड़क पर गंदा पानी बहते रहता है. जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है. कंपनी की दीवार भी टूटी है, जिसके कारण लगातार चोरी हो रही है. बस्ती में नियमित सफाई भी नहीं होती है.

अजय कुमार तिवारी, केबुल बस्ती————————————————————-केबुल कंपनी के चारों तरफ की बाउंड्री टूटी हुई है. कंपनी से सामान की चोरी हो रही है. बस्ती में नाली और सड़क की भी समस्या है. गंदगी से लोग परेशान हैं. नियमित सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है.

शिवजी यादव, केबुल बस्ती—————————————————————केबुल कंपनी के खुलने की खबर से पुराने कर्मचारियों में एक उम्मीद जगी है. कंपनी को चाहिए कि पुराने कर्मियों को पहले नौकरी दे. जो कर्मी रिटायर हो चुके हैं, उनके बच्चों को नौकरी में प्राथमिकता दे.

सुरेश ठाकुर, केबुल बस्ती—————————————————————-केबुल बस्ती में गंदगी का अंबार लगा हुआ है. बस्ती के लोगों की परेशानी को देखने वाला कोई नहीं है. जनप्रतिनिधि की तरफ से भी कोई सहयोग नहीं मिलता है. बरसात के दिनों में लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हो जाते हैं.

उमा शंकर, केबुल बस्ती——————————————————————कंपनी बंद होने के कारण कई लोगों का परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. कंपनी कर्मियों की परेशानी जानने कोई जनप्रतिनिधि एक बार भी नहीं आये. पूरी बस्ती में गंदगी का अंबार लगा है.

राहुल कुमार, केबुल बस्ती———————————————————————केबुल कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों का जो भी बकाया पैसा है, कंपनी खुलने के बाद पहले उसे दिया जाये. साथ ही जिनकी नौकरी बची है, उन्हें नौकरी और रिटायर कर्मियों के बच्चे को नौकरी मिलना चाहिए.

राम विनोद सिंह, केबुल टाउन——————————————————————————-केबुल टाउन के पास एक मैदान है. जिसमें बच्चे खेलते हैं. वहां भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है. इसके साथ ही बस्ती में नाली टूटी हुई है. हमेशा गंदा पानी उसमें भरा रहता है. जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है.

पप्पू यादव, केबुल बस्ती——————————————————————-केबुल टाउन में स्टीट लाइट काफी दिनों से खराब है, जिसके कारण वहां हमेशा अंधेरा रहता है. केबुल कंपनी खुले और लोगों को रोजगार मिले. कर्मचारियों का जो भी बकाया, वह राशि उसे मिले.

प्रेम झा, केबुल टाउन

प्रमुख समस्याएं

– जगह-जगह गंदगी का अंबार- बस्ती में कई नाली जाम, सड़क पर बहता है गंदा पानी- बस्ती में नहीं होती नियमित सफाई, दुर्गंध से लोग परेशान- बस्ती में नाली पर भी हो गया अतिक्रमण- कंपनी की बाउंड्री टूटी, लगातार हो रही चोरी—————————————–

प्रमुख मांगें :

– केबुल बस्ती में नियमित सफाई कराने की मांग-टूटी नाली व सड़क बनाने की मांग- बस्ती में हो रहे अतिक्रमण को मुक्त कराने की मांग- केबुल कंपनी में कर्मचारियों के पुत्रों को नौकरी देने की मांग- कंपनी के कई ठेकेदारों का पैसा फंसा है, उस पैसे को देने की मांग- कंपनी के कर्मचारी व उनके आश्रितों की समस्या का हो निदान- कंपनी में बिना बिजली के जरनल ऑफिस में आग कैसे लगी, सीबीआई से जांच कराने की मांग- कंपनी में ताला लगे रहने के बाद भी हो रही चोरी पर रोक लगाने की मांग

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAJESH SINGH

लेखक के बारे में

By RAJESH SINGH

RAJESH SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola