चंद्रशेखरन को दोबारा बनाया गया टाटा स्टील का चेयरमैन, बोले- भविष्य में हैं कई अवसर

कंपनी की ओर अभी आधिकारिक तौर पर घोषणा नहीं की गयी है. एजीएम की रिपोर्ट स्टॉक एक्सचेंज में भेजी गयी है. एक-दो दिनों में रिपोर्ट आने पर कंपनी की ओर से आधिकारिक घोषणा की जायेगी.
टाटा स्टील की मुंबई में बुधवार को हुई 116वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में कंपनी के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को दोबारा चेयरमैन नियुक्त करने को मंजूरी मिल गयी. उनका कार्यकाल समाप्त होने वाला है. इसके अलावा कई और प्रस्तावों जैसे नये निदेशकों की नियुक्ति, वरीय अधिकारियों के नये वेतनमान और टाटा स्टील में अनुषंगी कंपनियों के समायोजन को भी मंजूरी दी गयी. हालांकि कंपनी की ओर अभी आधिकारिक तौर पर घोषणा नहीं की गयी है. एजीएम की रिपोर्ट स्टॉक एक्सचेंज में भेजी गयी है. एक-दो दिनों में रिपोर्ट आने पर कंपनी की ओर से आधिकारिक घोषणा की जायेगी. इस मौके पर टाटा स्टील के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा है कि टाटा स्टील के लिए भविष्य में कई अवसर हैं.
कंपनी उसका लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है. वे शेयरधारकों की 116वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि कंपनी अपनी विकास रणनीति को क्रियान्वित करते समय वित्तीय रूप से विवेकशील होगी, ताकि वह स्थायी मुक्त नकदी प्रवाह उत्पन्न कर सके और दीर्घकालिक हितधारक मूल्य बना सके. जैसे-जैसे हम यात्रा शुरू करेंगे, प्रबंधन टीम वैश्विक इस्पात उद्योग में कंपनी की प्रतिस्पर्धी स्थिति को बढ़ाने के लिए ग्राहक केंद्रितता, प्रौद्योगिकी, डिजिटल और स्थिरता पहल पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी. चेयरमैन ने कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन व भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला. बाकी पेज 14 पर
चेयरमैन ने कहा कि टाटा स्टील ने भारत में जैविक पूंजी विस्तार और अकार्बनिक अधिग्रहण दोनों के माध्यम से अपने कारोबार को बढ़ाना जारी रखा है. कंपनी भारत में समग्र 40 एमएनटीपीए क्षमता के अपने 2030 के लक्ष्य को प्राप्त करने के अपने उद्देश्य पर दृढ़ है. कंपनी स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है और अपने व्यावसायिक परिचालन में स्थायी व्यावसायिक प्रथाओं को शामिल कर रही है. कंपनी ने 2045 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है. हमने नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईएनएल) का अधिग्रहण किया. एनआइएनएल में अपनी निर्धारित क्षमता तक उत्पादन बढ़ाने से क्षमता में वृद्धि हुई है. इसके अलावा, एनआइएनएल कलिंगनगर इको-सिस्टम का हिस्सा होने के नाते भविष्य में सहक्रियात्मक रूप से बढ़ने के लिए अच्छी स्थिति में है.
चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी सर्कुलरिटी (अपशिष्ट और प्रदूषण को खत्म करना ) में भी निवेश कर रही है और कम कार्बन वाले स्टील बनाने की दिशा में पूंजी लगा रही है. टाटा स्टील ने लुधियाना में 0.75 एमएनटीपीए की क्षमता के साथ इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस आधारित लॉन्ग प्रोडक्ट स्टील प्लांट की स्थापना के लिए पंजाब सरकार के साथ समझौता पर हस्ताक्षर किया है. यह संयंत्र दो साल के भीतर चालू होने की उम्मीद है.
Also Read: टाटा स्टील की आमसभा आज, चंद्रशेखरन फिर से नियुक्त होंगे चेयरमैन
कंपनी व्यापक सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से समुदायों के साथ जुड़ना जारी रखा है. वित्त वर्ष 2022-23 में 481 करोड़ रुपये खर्च किये हैं. कंपनी ने कोविड के बाद की वास्तविकताओं को संबोधित करने, जलवायु अभिसरण को बढ़ावा देने, अधिकारों को बढ़ाने और व्यवसायों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए अपने फोकस क्षेत्रों का विस्तार किया है.
चेयरमैन ने कहा कि यूके परिचालन में जीबीपी 6 बिलियन ब्रिटिश स्टील पेंशन योजना के संबंध में पेंशन देनदारियों के लिए पूर्ण बीमा कवर सुरक्षित कर लिया है. यह कंपनी के लिए बिना किसी नकद लागत के किया गया है और परिसंपत्ति-देयता बेमेल से कंपनी के लिए भविष्य के किसी भी जोखिम को समाप्त कर दिया गया है. टाटा स्टील 3.15 मिलियन से अधिक लोगों तक पहुंची. स्टैंडअलोन प्रदर्शन के नजरिए से, टाटा स्टील इंडिया ने 1,29,007 करोड़ का राजस्व दिया. जो पिछले वर्ष के राजस्व के अनुरूप था. वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए कर पश्चात लाभ 15,495 करोड़ था.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




