जुगसलाई में 43 साल बाद तो मानगो में पहली बार होगा मतदान
Jamshedpur News :
लंबे इंतजार के बाद मानगो नगर निगम और जुगसलाई नगर परिषद में चुनाव होगा. जुगसलाई में 43 साल बाद (1982 के बाद) मतदान होगा. वहीं मानगो में पहली बार निगम चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ गयी है. हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग के एक आदेश ने कई भावी प्रत्याशियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. आयोग ने साफ किया है कि दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ सकेंगे. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यह नियम उन प्रत्याशियों पर लागू होगा. जिनका तीसरा या उससे अधिक बच्चा 9 फरवरी 2013 के बाद पैदा हुआ है. यदि किसी प्रत्याशी के दो से अधिक बच्चे हैं, लेकिन आखिरी बच्चे का जन्म इस निर्धारित तारीख से पहले हुआ है, तो वे पात्र होंगे. इस तकनीकी पेंच की वजह से मानगो और जुगसलाई क्षेत्र के कई सक्रिय चेहरे, जो वर्षों से जमीन तैयार कर रहे थे, अब चुनावी दौड़ से बाहर हो गये हैं.दोहरा झटका, महिला आरक्षण के बाद अब दो बच्चों वाले नियम से निराशा
महिला आरक्षण के बाद अब बच्चों वाले नियम से भावी प्रत्याशियों में भारी निराशा देखी जा रही है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रत्याशियों को दोहरा झटका लगा है. पहले कई वार्डों के महिला आरक्षित होने से समीकरण बिगड़े और अब दो बच्चों की पाबंदी ने मजबूत दावेदारों के रास्ते बंद कर दिये हैं. चर्चा का बाजार गर्म है और कई नेता अब अपने परिवार के अन्य सदस्यों या करीबियों को मैदान में उतारने की जुगत लगा रहे हैं. शहर की सरकार चुनने की इस प्रक्रिया में अब केवल वही युवा और अनुभवी चेहरे मैदान में दिखेंगे. जो आयोग की इन शर्तों पर खरे उतरेंगे. अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी है कि बड़े राजनीतिक दल इन नियमों के बीच किन चेहरों पर दांव लगाते हैं.नामांकन के समय शपथ पत्र देना अनिवार्य
आयोग के आदेश के अनुसार नामांकन के दौरान हर प्रत्याशी को एक शपथ पत्र देना होगा. जिसमें उन्हें अपनी संतान संबंधी जानकारी, संपत्ति का ब्योरा और आपराधिक मामलों की घोषणा करनी होगी. यदि कोई प्रत्याशी शपथ पत्र में बच्चों की संख्या छुपाता है या गलत जानकारी देता है. तो उसकी उम्मीदवारी रद्द हो जायेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

