Jamshedpur News : करनडीह : निर्माणाधीन जयपाल सिंह स्टेडियम में फ्लाई ऐश डस्ट गिराने पर ग्रामीणों का विरोध तेज
Updated at : 17 Nov 2025 1:18 AM (IST)
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Jamshedpur News : करनडीह स्थित निर्माणाधीन जयपाल सिंह स्टेडियम के मैदान में फ्लाई ऐश डस्ट (स्लैग/छाई) गिराये जाने का निगरानी समिति और स्थानीय ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया.
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जेई को सूचना देकर गेट में लगाया ताला, रात में गाड़ियों की आवाजाही रोकने का फैसला
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करनडीह स्थित निर्माणाधीन जयपाल सिंह स्टेडियम के मैदान में फ्लाई ऐश डस्ट (स्लैग/छाई) गिराये जाने का निगरानी समिति और स्थानीय ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया. यह निर्णय रविवार दोपहर तीन बजे करनडीह के जयपाल सिंह भवन (माडवा) में आयोजित निगरानी समिति की बैठक में लिया गया. बैठक की अध्यक्षता समिति के मुख्य संयोजक बहादुर किस्कू ने की.बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि स्टेडियम के बाउंड्रीवाल के बाहर भी फ्लाई ऐश डाला जा रहा है, जिससे बारिश के दौरान यह बहकर गांव, घऱों, नाले और खेतों में फैल सकता है. इससे प्रदूषण बढ़ने के साथ ही पालतू पशुओं- गाय, भैंस, बकरी, बैल आदि के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होगा.ग्रामीणों ने कहा कि स्टेडियम निर्माण में फ्लाई ऐश भरकर ऊपर मिट्टी डालने की प्रक्रिया बेहद आपत्तिजनक है. उन्होंने याद दिलाया कि तीन साल पहले भी ग्रामीणों के विरोध पर निर्माण कार्य रोकना पड़ा था, और मामला कोर्ट तक गया था, जिसके कारण काम लंबे समय तक रुका रहा.बैठक के दौरान निगरानी समिति के सदस्य रवींद्रनाथ मुर्मू ने जेई गिरधारी कुंकल को फोन पर वस्तुस्थिति से अवगत कराया और फ्लाई ऐश डालने पर आपत्ति जतायी. वहीं एजेंसी के मुंशी को मैदान में फ्लाई ऐश की गाड़ी नहीं लगाने की सख्त हिदायत दी गयी.बैठक के बाद निगरानी समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने स्टेडियम का निरीक्षण किया. साथ ही सोमवार को डीसी व डीसीसी से मिलकर इसकी शिकायत करने का निर्णय लिया है.ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि रात में फ्लाई ऐश गिराने वाली किसी भी गाड़ी को मैदान में प्रवेश नहीं करने दिया जायेगा और गेट में ताला भी लगा दिया गया. बैठक में घाघीडीह पूर्वी मुखिया मिर्जा हांसदा, गणेश टुडू, भागवत सोरेन, दुर्गा सोरेन, उपमुखिया रहमत सोरेन, देवीचरण मांझी सहित कई ग्रामीण मौजूद थे.वर्जन…
स्टेडियम की मिट्टी खोदकर उसमें फ्लाई ऐश भरना और ऊपर से मिट्टी डालना बिल्कुल गलत है. बाउंड्री के बाहर भी फ्लाई ऐश डाल दिया गया है. बारिश होते ही यह गांव में फैलकर प्रदूषण बढ़ायेगा और इंसानों व पालतू जानवरों को नुकसान पहुंचाएगा.बहादुर किस्कू, मुख्य संयोजक, निगरानी समितिजब मिट्टी डालकर अच्छा स्टेडियम बनाना है, तो फ्लाई ऐश कौन और क्यों डलवा रहा है? पहले भी ग्रामीणों ने विरोध किया था और काम रोका गया था. अब फिर वही गलती दोहरायी जा रही है. यह बेहद आपत्तिजनक है.
रवींद्रनाथ मुर्मू, निगरानी समिति सदस्यफ्लाई ऐश से लेवलिंग का काम नियम के अनुसार हो रहा है. मैदान समतल नहीं है, इसलिए कहीं 10 फीट, कहीं 15-18 फीट फ्लाई ऐश डाला गया है. फ्लाई ऐश मुफ्त मिलता है, इसके लिए टाटा पावर को कहा गया है.पप्पू खान, एजेंसी- मां इंटरप्राइजेजनिगरानी समिति या ग्रामीणों के विरोध की जानकारी नहीं है. यह स्थिति क्यों बनी, इसके लिए डीपीआर देखा जायेगा. काम नियम के अनुसार होना चाहिए, ताकि निर्माण में कोई कमी न रहे.
रूपा रानी तिर्की, जिला खेल पदाधिकारीडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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