दिल्ली-जयपुर हाईवे पर दर्दनाक हादसा: मिट्टी धंसने से 7 मजदूरों की मौत, 2 पोटका के

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Gurugram News

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर मिट्टी धंसने के बाद रेस्क्यू करते कर्मी

Jamshedpur: हरियाणा के भिवाड़ी में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर चल रहे निर्माण के काम के दौरान मिट्टी धंसने से 7 मजदूरों की मौत हो गई है. मृतकों में झारखंड के पोटका के दो मजबूर भी शामिल हैं. पूरी घटना की जांच जारी है.

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Jamshedpur: हरियाणा के भिवाड़ी स्थित दिल्ली-जयपुर हाईवे पर सोमवार की रात एक बड़ा हादसा हो गया. कापड़ियावास में सिग्नेचर ग्लोबल सोसाइटी की एक निर्माणाधीन साइट पर खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई. इस मलबे में दबने से कुल 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं. मृतकों में जमशेदपुर के पूर्वी सिंहभूम जिले अंतर्गत पोटका थाना क्षेत्र के पोहीत गांव के दो युवक भी शामिल हैं.

पोटका के पोहीत गांव में पसरा मातम

इस भीषण हादसे में पोटका के पोहीत निवासी भागीरथ गोप और संजीव गोप की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. जानकारी के अनुसार, ये दोनों युवक परिवार की आर्थिक मदद के लिए कुछ समय पहले ही हरियाणा मजदूरी करने गए थे. गांव के दो होनहार युवकों की मौत की सूचना पाकर स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच रहे हैं.

रेस्क्यू के बाद निकाले गए शव

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत बचाव दल (SDRF) ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. भारी मशीनों की मदद से मलबे को हटाया गया, जिसके बाद सात शवों को बाहर निकाला गया. प्रशासन ने मृतकों की पहचान शिवशंकर, परमेश्वर मेहता, मंगल मेहता, भागीरथ गोप, सतीश, संजीव गोप और धनंजय मेहता के रूप में की है. सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिवाड़ी के सरकारी अस्पताल भेजा गया है. घायल मजदूरों का उपचार नजदीकी अस्पताल में चल रहा है, जिनमें से कुछ की स्थिति गंभीर बनी हुई है.

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण खुदाई के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी बताया जा रहा है. घटनास्थल पर काम कर रहे मजदूरों का कहना है कि निर्माणाधीन साइट पर मिट्टी धंसने की आशंका के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे. प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और निर्माण कंपनी के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इधर, पोटका के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मृतकों के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक गांव लाने की व्यवस्था की जाए और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाया जाए.

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अमलेश नंदन सिन्हा

लेखक के बारे में

By अमलेश नंदन सिन्हा

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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