LPG संकट : केंद्र पर भड़कीं ममता बनर्जी, कहा- वोटर के नाम हटा सकते हैं, तेल-गैस का भंडार नहीं संभाल सकते!

Mamata Banerjee On Gas Cylinder Price West Bengal News
Mamata Banerjee on Gas Cylinder Price: इस्राइल और ईरान युद्ध के बाद पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव के बीच भारत में रसोई गैस और तेल की किल्लत पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. सीएम ने केंद्र पर कालाबाजारी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है. कहा- पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच केंद्र की प्लानिंग पूरी तरह फेल हो गयी.
Mamata Banerjee on Gas Cylinder Price: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने देशव्यापी रसोई गैस (LPG) और तेल की भारी किल्लत के मुद्दे पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण पैदा हुए इस संकट पर मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए कोई ‘प्लान बी’ तैयार नहीं रखा, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है.
SIR पर ध्यान, गैस भंडार पर नहीं
बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मुख्यमंत्री ने बंगाल में चल रहे वोटर लिस्ट विवाद (SIR Controversy) को गैस संकट से जोड़ते हुए तीखा व्यंग्य किया. उन्होंने कहा- केंद्र सरकार एसआईआर के नाम पर मतदाता सूची से नाम हटाने में तो बहुत सक्रिय है, लेकिन देश के गैस और तेल भंडार का प्रबंधन करने में पूरी तरह नाकाम रही है. यह उनकी प्राथमिकताओं को दर्शाता है.
कालाबाजारी को मिल रहा है बढ़ावा
ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) की चीफ ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि संकट से निपटने के लिए उचित नीति का अभाव सीधे तौर पर कालाबाजारी करने वालों (Black Marketeers) को फायदा पहुंचा रहा है.
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ममता बनर्जी के आरोप
- केंद्र को पश्चिम एशिया संघर्ष की आहट मिलते ही पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करना चाहिए था.
- बिना किसी वैकल्पिक योजना के प्रतिबंध जारी करने से आपूर्ति शृंखला (Supply Chain) टूट गयी है.
- उचित प्रबंधन न होने से रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें और किल्लत दोनों ही बेकाबू हो रही हैं.
आम जनता पर दोहरी मार
वेस्ट बंगाल की चीफ मिनिस्टर ने पहले ही एलपीजी की बढ़ती कीमतों पर केंद्र को घेरा था. अब आपूर्ति में कमी ने आग में घी डालने का काम किया है. उन्होंने कहा कि विज्ञापन पर पैसा खर्च करने वाली सरकार को तेल और गैस जैसे बुनियादी क्षेत्रों में दूरदर्शिता दिखानी चाहिए थी, ताकि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के समय देश को सुरक्षित रखा जा सके.
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By मिथिलेश झा
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