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जमशेदपुर कोर्ट: स्टील कंटेनर रखने का विरोध, घंटों न्यायिक काम रखा ठप

Updated at : 25 Apr 2024 9:37 PM (IST)
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जमशेदपुर कोर्ट:  स्टील कंटेनर रखने का विरोध, घंटों न्यायिक काम रखा ठप

इ-सेवा केंद्र बनाने के लिए उसी स्थल पर पूर्व में विधायक फंड से बने पार्क तोड़ने का वकीलों ने किया था विरोध, वह मामला शांत नहीं हुआ, अब इ सेवा केंद्र के लिए दो कंटेनर रखा गया था

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विरोध कर रहे एक सौ से अधिक वकीलों ने किया विरोध, लोग रहे परेशान

मुख्य संवाददाता, जमशेदपुर

जमशेदपुर कोर्ट परिसर के अंदर विधायक फंड से तोड़े गये पार्क के समीप इ-सेवा केंद्र( इ-कोर्ट) स्थापित करने के लिए स्टील कंटेनर रखने का वकीलों ने गुरुवार को जमकर घंटों विरोध व हल्ला-हंगामा किया. कोर्ट बिल्डिंग जाने के मुख्य मार्ग के बाहर खड़े होकर नारेबाजी की और हड़ताल में चले गये.कार्य से घंटों न्यायिक कार्य बाधित रहा. कोर्ट प्रशासन के कार्य को मनमाने बताते हुए विरोध के बावजूद काम जारी रखने का आरोप लगाया. गुरुवार को कोर्ट समाप्ति की अवधि तक यानी दोपहर साढ़े बारह बजे तक कोई काम नहीं हुआ, हालांकि गुरुवार को मॉर्निंग कोर्ट में एक दर्जन से ज्यादा जमानत के लिए याचिका दाखिल व सुनवाई हुई थी. इससे कोर्ट केस से जुड़े हुए लोग परेशान हुए.

इससे पूर्व गत 18अप्रैल 2024 को इ-सेवा केंद्र बनाने के लिए उसी स्थल पर पूर्व में विधायक फंड से बने पार्क तोड़ने का वकीलों ने सामूहिक विरोध किया था, वह मामला अभी शांत नहीं हुआ, अब इ सेवा केंद्र के लिए 15 फीट लंबा व 10 फीट दो स्टील कंटेनर रखा गया था. इसमें एक कंटेनर तोड़े गये पार्क के समीप रखा गया था. जबकि दूसरे कंटेनर वकील के बैठने वाले झोपड़ी(सरिस्ता) के सामने रखा गया था. विरोध कर रहे वकीलों की ओर से तदर्थ कमेटी के संयोजक लाला अजित कुमार अंबष्ठ ने इस मामले में कोर्ट के रजिस्ट्रार व जिला प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश के बात करने का प्रयास किया, इसमें सुबह साढ़े नौ बजे समय भी दिया गया, लेकिन तकनीकी कारणों से यह बातचीत नहीं हो पायी. गौरतलब हो कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश पर जमशेदपुर कोर्ट परिसर के अंदर में इ-सेवा केंद्र स्थापित किया जाना है. इसके लिए गुजरात एप्सिलॉन कंपनी को इ-सेवा केंद्र को जिम्मा मिला है, यहां ऐसे कुल चार कंटेनर आना है, इसमें बुधवार को दो कंटेनर आया था, इसे दोपहर तीन बजे हाइड्रा की मदद से उतारकर रखा गया. जबकि दो कंटेनर आना बाकी है. कोर्ट प्रशासन के मुताबिक नये खुलने वाले इ-सेवा केंद्र को कोर्ट बिल्डिंग के समीप स्थापित करना है, इसमें वकील, पीड़िता,आरोपी व परिजन की आदि को सुविधा दिया जाना शामिल है.इ सेवा केंद्र स्थापित करने के लिए पहले कोर्ट की सौदर्यीकरण के लिए बने पार्क को तोड़ दिया गया था. उसका विरोध हुआ, तो कोर्ट प्रशासन की ओर से न्यायाधीश ने तोड़े गये पार्क बनवा देने की बात कही गयी थी, लेकिन वह पार्क नहीं बनाया गया वह मामला शांत नहीं हुआ,

विवाद पर तदर्थ कमेटी का प्रतिनिधिमंडल जिला जज से बात करेगा आज

इस मामले में शुक्रवार को जिला बार एसोसिएशन तदर्थ कमेटी का प्रतिनिधिमंडल जिला जज से बात करेगा.चूंकि यह मामला संज्ञान में आने के बाद जिला बार एसोसिएशन तदर्थ कमेटी के संयोजक ने रजिस्ट्रार से बात की थी, लेकिन जिला जज से बात नहीं हो पाया थी.

वकीलों ने पूरे मामला तदर्थ कमेटी को लिखित रूप से देकर आपत्ति जतायी

कोर्ट परिसर में हाल में हुए घटनाक्रम का हवाला देते हुए वकीलों ने पूरे मामला जिला बार एसोसिएशन तदर्थ कमेटी के संयोजक लाला अजीत कुमार अंबष्ठ को लिखित रूप से देकर आपत्ति जतायी. इसमें वकीलों की भावना की लगातार अनदेखी करने व कोर्ट प्रशासन के द्वारा मनमाने तरीके से कार्य करने की बात कही.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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